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Shahjahanpur News: गोशालाओं पर मंडराया बाढ़ का खतरा...खाली कराई गईं
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गर्रा नदी का पानी बढ़ने से तिलहर के धन्यौरा गांव में बनी गोशाला तक पहुंचा पानी। संवाद
शाहजहांपुर। रामगंगा समेत गर्रा और खन्नौत नदियों में उफान बढ़ने से तटवर्ती गांवों की गोशालाओं में गोवंशीय पशुओं पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कई गांवों की गोशालाएं चौतरफा पानी से घिर जाने से वहां पशुओं के लिए हरे चारेे का फिर संकट हो गया है। इस बीच, कांट क्षेत्र में बांसखेड़ा गांव की गोशाला गर्रा में आए उफान से चारों तरफ घिरती देख वहां रखे गए पशुओं काे ग्राम प्रधान ने सुरक्षित स्थान पर बनी अस्थायी गोशाला में स्थानांतरित करा दिया है। पांच गोशालाएं को पूरी तरह खाली कराई गई हैं।
तिलहर। धन्यौरा गांव में वृहद गोशाला पानी से घिर गई है। गर्रा के किनारे बसे इस गांव में दो वर्ष पहले आई बाढ़ में कई पशु बह गए थे। गोशाला के चारों ओर जलभराव होने से खेतों से हरा चारा लाने में दिक्कत हो रही है। फिलहाल, वहां तैनात चौकीदार और अन्य कर्मचारी गोवंश को भूसा में चोकर और पानी मिलाकर खिला रहे हैं। एसडीएम सदर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि गोशाला के चारों तरफ पानी भर गया है। गोशाला के अंदर ही भूसा, चोकर समेत अन्य चारे की पर्याप्त व्यवस्था करा ली गई है। उन्होंने बताया कि गर्रा के तटीय गांवों की सभी गोशालाओं पर बाढ़ के मद्देनजर विशेष देखभाल कराई जा रही है।
कुर्रियाकलां। गर्रा नदी में उफान आने से तटवर्ती गांवों गुर्रा, भमौली, चौहनापुर, परसिनिया, खिरिया आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ने के साथ ही बांंसखेड़ा गांव गोशाला चौतरफा पानी से घिर गई है। गत वर्ष गर्रा में आई बाढ़ का पानी बांसखेड़ा की गोशाला में भी भर गया था। इसे देखते हुए ग्राम प्रधान माधुरी देवी ने गोशाला में रखे गए 400 पशुओं को गांव में ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थान पर बनाई गई अस्थायी गोशाला में भिजवा दिया है।
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मिर्जापुर। गंगा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे होने के बावजूद जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से कलान क्षेत्र के तटीय गांव पैलानी उत्तरी की गोशाला में रखे गए पशुओं पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, तहसीलदार अजहर अंसारी का कहना है कि कर्मचारियों को पशुओं के लिए चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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अमौरा, चक बरेंचा, सिमरा, भवानीपुर और समधाना की गोशाला से गोवंशीय पशुओं को हटाया गया है। एक अन्य गोशाला से भी पशुओं को हटाया जा रहा है। सीवीओ, प्रधानों व सचिवों को निर्देशित किया गया है कि पशु चिकित्सक नियमित रूप से पशुओं का परीक्षण करें। चारे-पानी की व्यवस्था समुचित रखी जाए।
- उत्कर्ष द्विवेदी, सीडीओ
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तिलहर। धन्यौरा गांव में वृहद गोशाला पानी से घिर गई है। गर्रा के किनारे बसे इस गांव में दो वर्ष पहले आई बाढ़ में कई पशु बह गए थे। गोशाला के चारों ओर जलभराव होने से खेतों से हरा चारा लाने में दिक्कत हो रही है। फिलहाल, वहां तैनात चौकीदार और अन्य कर्मचारी गोवंश को भूसा में चोकर और पानी मिलाकर खिला रहे हैं। एसडीएम सदर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि गोशाला के चारों तरफ पानी भर गया है। गोशाला के अंदर ही भूसा, चोकर समेत अन्य चारे की पर्याप्त व्यवस्था करा ली गई है। उन्होंने बताया कि गर्रा के तटीय गांवों की सभी गोशालाओं पर बाढ़ के मद्देनजर विशेष देखभाल कराई जा रही है।
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कुर्रियाकलां। गर्रा नदी में उफान आने से तटवर्ती गांवों गुर्रा, भमौली, चौहनापुर, परसिनिया, खिरिया आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ने के साथ ही बांंसखेड़ा गांव गोशाला चौतरफा पानी से घिर गई है। गत वर्ष गर्रा में आई बाढ़ का पानी बांसखेड़ा की गोशाला में भी भर गया था। इसे देखते हुए ग्राम प्रधान माधुरी देवी ने गोशाला में रखे गए 400 पशुओं को गांव में ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थान पर बनाई गई अस्थायी गोशाला में भिजवा दिया है।
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मिर्जापुर। गंगा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे होने के बावजूद जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से कलान क्षेत्र के तटीय गांव पैलानी उत्तरी की गोशाला में रखे गए पशुओं पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, तहसीलदार अजहर अंसारी का कहना है कि कर्मचारियों को पशुओं के लिए चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अमौरा, चक बरेंचा, सिमरा, भवानीपुर और समधाना की गोशाला से गोवंशीय पशुओं को हटाया गया है। एक अन्य गोशाला से भी पशुओं को हटाया जा रहा है। सीवीओ, प्रधानों व सचिवों को निर्देशित किया गया है कि पशु चिकित्सक नियमित रूप से पशुओं का परीक्षण करें। चारे-पानी की व्यवस्था समुचित रखी जाए।
- उत्कर्ष द्विवेदी, सीडीओ

गर्रा नदी का पानी बढ़ने से तिलहर के धन्यौरा गांव में बनी गोशाला तक पहुंचा पानी। संवाद