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बाघ की दहाड़ सुनकर सहम उठे ग्रामीण
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मीरानपुर कटरा में बाघ की दहशत से झुंड बनाकर बैठे गांव नगला ब्राहिम के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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मीरानपुर कटरा। पिछले एक माह से गांव नगला ब्राहिम के ग्रामीणों के लिए आतंक का पर्याय बना बाघ बृहस्पतिवार को आबादी के नजदीक आ पहुंचा। बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण सहम गए। बाघ को पकड़ने को लगाए गए पिंजड़े शोपीस बनकर रह गए हैं। वहीं बृहस्पतिवार को गायब हुए कैमरे का सुराग नहीं लग सका है।
गांव नगला ब्राहिम में बाघ की दहशत से ग्रामीण खेतोें पर जाने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम करीब छह बजे बाघ गांव की दक्षिण दिशा में आबादी के नजदीक आ गया। बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण सहम गए। वहीं खेतों में गेहूं की फसल की सिंचाई कर रहे लोग अपने पंपिंग सेट खेत में ही छोड़कर घरों की ओर भाग लिए। उधर, वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने को लगाए गए दोनों पिंजड़े शोपीस बनकर रह गए हैं। गांव नगला मधा और मकरंदापुर में लगाए गए पिंजड़ों से बाघ ने दूरी बना ली है। अब बाघ के पगचिह्न गांव नगला ब्राहिम के पास मिल रहे हैं। इस संबंध में वन दरोगा अजय कुमार सिंह ने बताया कि बाघ पिंजड़ों वाले इलाके में नहीं जा रहा है। यदि एक-दो दिन बाघ उस इलाके में नहीं आता है तो वहां से पिंजड़े हटाकर बाघ की चहलकदमी वाले इलाके में लगाए जाएंगे।
इधर, बृहस्पतिवार को गायब हुए कैमरे का सुराग नहीं लगा है। वन विभाग ने बाघ की चहलकदमी जानने के लिए डेढ़ दर्जन कैमरे लगवाए थे। बृहस्पतिवार को एक कैमरा अपनी जगह पर नहीं था। इस पर खुदागंज थाने में तराई टाइगर प्रोजेक्ट वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के फील्ड ऑफिसर सुशांत सोमा की ओर से दी गई तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ कैमरा चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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गांव नगला ब्राहिम में बाघ की दहशत से ग्रामीण खेतोें पर जाने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम करीब छह बजे बाघ गांव की दक्षिण दिशा में आबादी के नजदीक आ गया। बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण सहम गए। वहीं खेतों में गेहूं की फसल की सिंचाई कर रहे लोग अपने पंपिंग सेट खेत में ही छोड़कर घरों की ओर भाग लिए। उधर, वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने को लगाए गए दोनों पिंजड़े शोपीस बनकर रह गए हैं। गांव नगला मधा और मकरंदापुर में लगाए गए पिंजड़ों से बाघ ने दूरी बना ली है। अब बाघ के पगचिह्न गांव नगला ब्राहिम के पास मिल रहे हैं। इस संबंध में वन दरोगा अजय कुमार सिंह ने बताया कि बाघ पिंजड़ों वाले इलाके में नहीं जा रहा है। यदि एक-दो दिन बाघ उस इलाके में नहीं आता है तो वहां से पिंजड़े हटाकर बाघ की चहलकदमी वाले इलाके में लगाए जाएंगे।
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इधर, बृहस्पतिवार को गायब हुए कैमरे का सुराग नहीं लगा है। वन विभाग ने बाघ की चहलकदमी जानने के लिए डेढ़ दर्जन कैमरे लगवाए थे। बृहस्पतिवार को एक कैमरा अपनी जगह पर नहीं था। इस पर खुदागंज थाने में तराई टाइगर प्रोजेक्ट वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के फील्ड ऑफिसर सुशांत सोमा की ओर से दी गई तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ कैमरा चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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