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शाहजहांपुर: गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा, शमसाबाद-ढाई घाट मार्ग पर दो फीट पानी भरा; रामगंगा कर रही कटान

Sun, 06 Sep 2026 12:23 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 06 Sep 2026 12:23 PM IST
सार

शाहजहांपुर जिले में गंगा और रामगंगा समेत सभी नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। कलान क्षेत्र में रविवार को शमसाबाद-ढाई घाट मुख्य मार्ग पर दो फुट तक पानी बहने लगा। उधर, रामगंगा, गर्रा और खन्नौत नदी में भी जलस्तर बढ़ रहा है। 

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Ganga river water level rises two feet of water inundates the Shamsabad-Dhai Ghat road in Shahjahanpur
शमसाबाद-ढाई घाट मुख्य मार्ग पर बह रहा पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शाहजहांपुर जिले के कलान तहसील क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश व बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण शमसाबाद-ढाई घाट मुख्य मार्ग पर करीब दो फीट तक पानी भर गया है। रविवार को सड़क पर तेज बहाव होने के कारण मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही रुक गई है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से रास्ता पार करने को मजबूर हैं। 

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मार्ग बाधित होने से आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है। पानी अब निचले इलाकों और कृषि क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों और बाढ़ चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को जलभराव वाले रास्तों से न गुजरने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।
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मिर्जापुर में गंगा में उफान से स्टेट हाईवे फिर जलमग्न
गंगा का जलस्तर बढ़ने से जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे शनिवार को चौरा गांव के पास फिर डूब गया। करीब 100 मीटर हिस्से में एक फुट से अधिक पानी बह रहा था। चौरा-बसोला नगला संपर्क मार्ग और पैलानी उत्तरी को इस्लामनगर, आजादनगर व मस्जिदनगला से जोड़ने वाले रास्ते कई जगह जलमग्न हैं। फसलें डूबने और चारे की कमी से किसान व पशुपालक परेशान हैं। एसडीएम कलान आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि अत्यधिक बारिश से जलस्तर बढ़ा है और एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। 

रामगंगा व बहगुल के तटवर्ती गांवों में कृषि भूमि की कटान जारी
जलालाबाद क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल नदियों के उफान और बदले बहाव से तटवर्ती करीब एक दर्जन गांवों में तेजी से कृषि भूमि की कटान हो रही है। सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन, फसल, पेड़ और बोरिंग नदी में समा चुके हैं। उधर गर्रा नदी भी तिलहर और खुदागंज क्षेत्र में कटान कर रही है। कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

अल्हागंज क्षेत्र के भरतौली और कसारी के साथ खंडहर क्षेत्र के रामपुर में रामगंगा और बहगुल कटान कर रही हैं। रामपुर के दीपक, नरसिंह, संतोष, छोटेलाल, संजीव और मूलशंकर समेत कई किसानों की आठ एकड़ से अधिक बाजरा, उड़द और धान की फसल सहित जमीन कट चुकी है। ग्रामीण रवींद्र ने बताया कि नदी रोजाना दो से तीन मीटर कटान कर रही है और अब आबादी से महज 20-22 मीटर दूर है।

फर्रुखाबाद हाईवे किनारे ठिंगरी, कोठामंझा, दौलतियापुर और चुन्नी की मड़ैया में भी कटान जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, चारों गांवों के 84 किसानों की करीब एक हजार बीघा जमीन अब तक नदी में समा चुकी है। ठिंगरी के अभिषेक सिंह की करीब 80 बीघा जमीन बोरिंग समेत कट गई। दर्जनों पेड़ भी उखड़कर बह गए हैं।

कसारी गांव का जायजा लेने पहुंचे एडीएम
जलालाबाद के कसारी में कटान से हो रहे नुकसान की खबर शनिवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद सिंह अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने भी ग्रामीणों से नुकसान की जानकारी ली। कोलाघाट पुल के पास कसारी में अब तक 150 बीघा से अधिक खेत फसल समेत कट चुके हैं। 

एडीएम ने एसडीएम मधुसूदन गुप्ता को तटवर्ती गांवों पर नजर रखने और आपदा से निपटने की तैयारियां पहले से करने के निर्देश दिए। उनके साथ सीओ दीपक सिंह, तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी और सिंचाई विभाग के जेई अनुज मिश्रा मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि कसारी समेत दो गांवों में बाढ़ प्रभावितों के लिए शरणालय बनाए जा रहे हैं। प्रभावित गांवों में नाव उपलब्ध कराने और रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। 

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