{"_id":"68d436a1cb602def730bb346","slug":"ocf-the-audience-was-moved-to-tears-watching-shri-rams-exile-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-153587-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओसीएफ : श्रीराम वनगमन देखकर दर्शकों की छलछला आईं आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओसीएफ : श्रीराम वनगमन देखकर दर्शकों की छलछला आईं आंखें
विज्ञापन
ओसीएफ इस्टेट श्रीरामलीला में कैकेयी-दशरथ संवाद का मंचन करते कलाकर। स्रोत: कमेटी
शाहजहांपुर। ऑर्डिनेंस वस्त्र फैक्टरी के मैदान पर श्रीरामलीला मंचन में बुधवार को श्रीराम के वनगमन का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें छलछला आईं। वहीं खिरनीबाग रामलीला में श्री राम विवाह का मंचन किया गया।
ओसीएफ में मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी हो रही है। तभी कैकेयी ने पूर्व प्राप्त वरदानों का स्मरण कराते हुए भरत को राज्य और श्रीराम को 14 वर्ष वनवास का वर मांग लिया। पिता की आज्ञा मानकर श्रीराम, लक्ष्मण और सीताजी वन की ओर चल दिए। श्रीराम को वनगमन को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। मंचन समिति के अध्यक्ष हरिशंकर, सचिव देवेश दीक्षित, संयुक्त सचिव अमित अवस्थी, सचिव राममोहन अग्निहोत्री का सहयोग रहा।
खिरनीबाग रामलीला में नवचेतना कला परिषद के कलाकारों ने सीताराम प्रथम मिलन और धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया। मंचन में दिखाया कि श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुर बाजार भ्रमण में पहुंचते हैं। पुष्पवाटिका में माता सीता द्वारा माता गौरी के पूजन का मार्मिक दृश्य दिखाया गया। इसके बाद गुरु विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण का रंगशाला में आगमन होता है।
विज्ञापन
रावण और बाणासुर के संवाद के बाद श्रीराम ने शिवधनुष तोड़ दिया। परशुराम और लक्ष्मण संवाद के बाद सीताजी ने श्रीराम को वरमाला पहनाई। मंचन में श्रीराम-सचिन, लक्ष्मण-अर्चित, परशुराम-अनिल शर्मा, रावण-राम सिंह, बाणासुर-अमित बने।
--
चौहनापुर की रामलीला में हुआ रावण के अत्याचारों का मंचन
सेहरामऊ दक्षिणी/कुर्रियाकलां। चौहनापुर में आयोजित रामलीला में बुधवार को गांव के कलाकारों ने रावण के जन्म और उसके अत्याचारों का मंचन किया। इससे पूर्व भगवान शंकर की आरती उतारकर मंचन आरंभ किया गया। मंचन और व्यवस्था में राजकमल पांडेय, कपिल पांडेय, प्रमोद मिश्रा, सुमित त्रिपाठी, रामस्वरूप कुशवाहा, सोनपाल सिंह, शिवम अवस्थी, अमर मिश्रा आदि का सहयोग रहा। संवाद
--
कौढ़ा गांव में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन
कुर्रियाकलां। कौढ़ा गांव की रामलीला में बुधवार को कलाकारों ने धनुष यज्ञ के प्रसंग का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि रावण भी भगवान शिव का धनुष उठाने के लिए स्वयंवर में शामिल हुआ। शिव धनुष उठाने के लिए उसमें आवश्यक प्रेम और सेवा भाव न होकर घमंड और अहंकार भरा था। इस कारण वह धनुष को हिला भी नहीं सका। वहीं, भगवान श्रीराम ने शरीर बल के बजाय प्रेम, विनम्रता और पवित्रता के भाव से सहजता से धनुष उठा लिया। मंचन की व्यवस्था में अनमोल पाठक, लालपूत दीक्षित, देवराज दुबे, अश्वनी मिश्रा, विनीत कुमार आदि का सहयोग रहा। संवाद
--
प्रभु श्रीराम को वन गमन करते देख भाव विह्वल हो उठे श्रद्धालु
खुदागंज। श्री आदर्श रामलीला कमेटी ओर से चल रही रामलीला में बुधवार को श्रीराम के वनवास और केवट संवाद की लीला का मंचन किया गया। मंचन के दौरान मेला कमेटी के संरक्षक पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह, अध्यक्ष संजय गुप्ता, सभासद सौरभ गुप्ता, व्यापारी नेता कृपा शंकर रस्तोगी, विहिप के जिला सह मंत्री गुरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
ओसीएफ में मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी हो रही है। तभी कैकेयी ने पूर्व प्राप्त वरदानों का स्मरण कराते हुए भरत को राज्य और श्रीराम को 14 वर्ष वनवास का वर मांग लिया। पिता की आज्ञा मानकर श्रीराम, लक्ष्मण और सीताजी वन की ओर चल दिए। श्रीराम को वनगमन को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। मंचन समिति के अध्यक्ष हरिशंकर, सचिव देवेश दीक्षित, संयुक्त सचिव अमित अवस्थी, सचिव राममोहन अग्निहोत्री का सहयोग रहा।
विज्ञापन
खिरनीबाग रामलीला में नवचेतना कला परिषद के कलाकारों ने सीताराम प्रथम मिलन और धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया। मंचन में दिखाया कि श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुर बाजार भ्रमण में पहुंचते हैं। पुष्पवाटिका में माता सीता द्वारा माता गौरी के पूजन का मार्मिक दृश्य दिखाया गया। इसके बाद गुरु विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण का रंगशाला में आगमन होता है।
विज्ञापन
रावण और बाणासुर के संवाद के बाद श्रीराम ने शिवधनुष तोड़ दिया। परशुराम और लक्ष्मण संवाद के बाद सीताजी ने श्रीराम को वरमाला पहनाई। मंचन में श्रीराम-सचिन, लक्ष्मण-अर्चित, परशुराम-अनिल शर्मा, रावण-राम सिंह, बाणासुर-अमित बने।
चौहनापुर की रामलीला में हुआ रावण के अत्याचारों का मंचन
सेहरामऊ दक्षिणी/कुर्रियाकलां। चौहनापुर में आयोजित रामलीला में बुधवार को गांव के कलाकारों ने रावण के जन्म और उसके अत्याचारों का मंचन किया। इससे पूर्व भगवान शंकर की आरती उतारकर मंचन आरंभ किया गया। मंचन और व्यवस्था में राजकमल पांडेय, कपिल पांडेय, प्रमोद मिश्रा, सुमित त्रिपाठी, रामस्वरूप कुशवाहा, सोनपाल सिंह, शिवम अवस्थी, अमर मिश्रा आदि का सहयोग रहा। संवाद
कौढ़ा गांव में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन
कुर्रियाकलां। कौढ़ा गांव की रामलीला में बुधवार को कलाकारों ने धनुष यज्ञ के प्रसंग का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि रावण भी भगवान शिव का धनुष उठाने के लिए स्वयंवर में शामिल हुआ। शिव धनुष उठाने के लिए उसमें आवश्यक प्रेम और सेवा भाव न होकर घमंड और अहंकार भरा था। इस कारण वह धनुष को हिला भी नहीं सका। वहीं, भगवान श्रीराम ने शरीर बल के बजाय प्रेम, विनम्रता और पवित्रता के भाव से सहजता से धनुष उठा लिया। मंचन की व्यवस्था में अनमोल पाठक, लालपूत दीक्षित, देवराज दुबे, अश्वनी मिश्रा, विनीत कुमार आदि का सहयोग रहा। संवाद
प्रभु श्रीराम को वन गमन करते देख भाव विह्वल हो उठे श्रद्धालु
खुदागंज। श्री आदर्श रामलीला कमेटी ओर से चल रही रामलीला में बुधवार को श्रीराम के वनवास और केवट संवाद की लीला का मंचन किया गया। मंचन के दौरान मेला कमेटी के संरक्षक पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह, अध्यक्ष संजय गुप्ता, सभासद सौरभ गुप्ता, व्यापारी नेता कृपा शंकर रस्तोगी, विहिप के जिला सह मंत्री गुरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद

ओसीएफ इस्टेट श्रीरामलीला में कैकेयी-दशरथ संवाद का मंचन करते कलाकर। स्रोत: कमेटी