{"_id":"5e28b01f8ebc3e4b4c4394bb","slug":"kakori-kand-shahjahanpur-news-bly393082461","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठा. रोशन सिंह की जयंती पर अधिकारी पहुंचे न राजनेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठा. रोशन सिंह की जयंती पर अधिकारी पहुंचे न राजनेता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुदागंज। देश की आजादी के महानायक काकोरी कांड के अमर शहीद ठा. रोशन सिंह आज के ही दिन 22 जनवरी 1892 को खुदागज क्षेत्र के गांव नवादा दरोवस्त में जन्मे थे। बुधवार को उनकी जयंती पर न तो कोई राजनेता पहुंचा और न ही कोई अधिकारी।
ठा. जंगीराम सिंह के पुत्र रोशन सिंह की जयंती पर हर साल 22 जनवरी को उनके गांव में श्रद्धांजलि सभा और कृषि मेला लगता है। पिछले साल 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ शहीद की जन्मस्थली पर शीश नमन करने आए थे। उस समय एक महीने तक मंडल के अधिकारी इस गांव की खाक छानते रहे। ठीक एक साल बाद उनकी जयंती पर न कोई अधिकारी पहुंचा और न कोई राजनेता उनके गांव इस कार्यक्रम में पहुंचा। कृषि विभाग को कृषि मेेले के नाम पर मिलने वाला एक लाख रुपये का बजट भी नहीं मिला। इस कारण मेला भी नहीं लग सका। कृषि विभाग ने रस्म अदायगी के लिए अपने संसाधन से जितना हो सका स्टाल लगा दिए। डीएम समेत जिले का पूरा अमला जिला मुख्यालय पर कमिश्नर के निरीक्षण में व्यस्त रहा और शहीद को भूला दिया। शहीद के प्रति राजनेताओं की ये उपेक्षा किसी स्वस्थ राष्ट्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। अगर आजादी के परवानों ने कुर्बानी न दी होती तो शायद आज भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त न हो पाता इसलिए उनके इस बलिदान को देश नहीं भूला सकता।
नगर पंचायत कार्यालय में हुई गोष्ठी
खुदागंज। नगर पंचायत कार्यालय में शहीद रोशन सिंह की जयंती पर गोष्ठी हुई, जिसमें पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंह ने कहा कि ठाकुर रोशन सिंह देश के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए, उनके इस बलिदान को कभी चुकाया नहीं जा सकता। यहां रवि कठेरिया, आरबी गुप्ता, राजेश बाथम, सौरभ गुप्ता, कृपाशंकर रस्तोगी, विश्वमोहन अग्रवाल आदि मोजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ठा. जंगीराम सिंह के पुत्र रोशन सिंह की जयंती पर हर साल 22 जनवरी को उनके गांव में श्रद्धांजलि सभा और कृषि मेला लगता है। पिछले साल 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ शहीद की जन्मस्थली पर शीश नमन करने आए थे। उस समय एक महीने तक मंडल के अधिकारी इस गांव की खाक छानते रहे। ठीक एक साल बाद उनकी जयंती पर न कोई अधिकारी पहुंचा और न कोई राजनेता उनके गांव इस कार्यक्रम में पहुंचा। कृषि विभाग को कृषि मेेले के नाम पर मिलने वाला एक लाख रुपये का बजट भी नहीं मिला। इस कारण मेला भी नहीं लग सका। कृषि विभाग ने रस्म अदायगी के लिए अपने संसाधन से जितना हो सका स्टाल लगा दिए। डीएम समेत जिले का पूरा अमला जिला मुख्यालय पर कमिश्नर के निरीक्षण में व्यस्त रहा और शहीद को भूला दिया। शहीद के प्रति राजनेताओं की ये उपेक्षा किसी स्वस्थ राष्ट्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। अगर आजादी के परवानों ने कुर्बानी न दी होती तो शायद आज भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त न हो पाता इसलिए उनके इस बलिदान को देश नहीं भूला सकता।
विज्ञापन
नगर पंचायत कार्यालय में हुई गोष्ठी
खुदागंज। नगर पंचायत कार्यालय में शहीद रोशन सिंह की जयंती पर गोष्ठी हुई, जिसमें पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंह ने कहा कि ठाकुर रोशन सिंह देश के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए, उनके इस बलिदान को कभी चुकाया नहीं जा सकता। यहां रवि कठेरिया, आरबी गुप्ता, राजेश बाथम, सौरभ गुप्ता, कृपाशंकर रस्तोगी, विश्वमोहन अग्रवाल आदि मोजूद रहे। संवाद
विज्ञापन