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धुंध ने रोका धूप का रास्ता तो पुरवा हवा के झोंकों से दिन में बढ़ी ठिठुरन
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शाहजहांपुर में रविवार को दोपहर बादलों की ओट से झांकता सूरज। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। हवा के दबाव में शनिवार शाम से हुई असामान्य कमी का प्रभाव रविवार को सुबह साफ दिखा। ऊंचाई पर छाए बादल और आर्द्रता की अधिकता से वातावरण में छाई धुंध के कारण धूप बहुत कम निकली। साथ ही पुरवाई हवा के कारण दिन में ठिठुरन बढ़ी तो अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री घटकर 23.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि वातावरण में नमी सामान्य से अधिक होने और मध्यम गति से पुरवा हवा चलने से सर्दी का प्रकोप अगले कुछ दिन तक बढ़ने का अनुमान है।
मध्यम गति से चल रही हवा के बावजूद ऊंचाई पर छाई धुंध की चादर रविवार को दिन भर धूप की गरमाहट छीनती रही। हालांकि, शनिवार शाम से बादल और कोहरे की धुंध के मिले-जुले असर से रात में उमस बढ़ गई और न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री बढ़कर 7.1 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन इससे सर्दी के सितम में कोई कमी नहीं आई। देर रात जिन लोगों को लघुशंका के लिए कुछ देर बिस्तर छोड़ना पड़ा, वह कंपकपाते हुए फिर लिहाफों में जा दुबके। सुबह सूर्योदय के बाद जो लोग मार्निंग वॉक के बहाने धूप सेकने बाहर निकले, वह भी मायूस होकर अंदर लौट आए क्योंकि आठ बजे के बाद सूर्यदेव बादलों में छिपे रहे।
दिन में नौ बजे के बाद बादलों और धुंध की चादर चीरकर हल्की सूर्य किरणें जमीन पर उतरीं, लेकिन धूप से गरमाहट गायब रही। वातावरण में आर्द्रता की अधिकता से नमीयुक्त पुरवाई धूप में भी सिहरन पैदा करती रही। दोपहर से शाम चार बजे के बाद सूरज और बादलों के बीच आंख-मिचौनी का खेल जारी रहा। इस दौरान जरूरी कामों से अधिकांश लोग सिर से पैर तक गर्म कपड़ों से लैस दिखे।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण रात में धुंध कम होने के बजाय बढ़ रही है और अब पुरवा हवा सर्दी की आग में घी डालने जैसा काम कर रही है। उनका कहना है कि बैरोमीटर सूचकांक सात अंक उछलने के कारण हवा की गति बढ़ने के अनुपात में सर्दी भी बढ़ेगी।
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मध्यम गति से चल रही हवा के बावजूद ऊंचाई पर छाई धुंध की चादर रविवार को दिन भर धूप की गरमाहट छीनती रही। हालांकि, शनिवार शाम से बादल और कोहरे की धुंध के मिले-जुले असर से रात में उमस बढ़ गई और न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री बढ़कर 7.1 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन इससे सर्दी के सितम में कोई कमी नहीं आई। देर रात जिन लोगों को लघुशंका के लिए कुछ देर बिस्तर छोड़ना पड़ा, वह कंपकपाते हुए फिर लिहाफों में जा दुबके। सुबह सूर्योदय के बाद जो लोग मार्निंग वॉक के बहाने धूप सेकने बाहर निकले, वह भी मायूस होकर अंदर लौट आए क्योंकि आठ बजे के बाद सूर्यदेव बादलों में छिपे रहे।
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दिन में नौ बजे के बाद बादलों और धुंध की चादर चीरकर हल्की सूर्य किरणें जमीन पर उतरीं, लेकिन धूप से गरमाहट गायब रही। वातावरण में आर्द्रता की अधिकता से नमीयुक्त पुरवाई धूप में भी सिहरन पैदा करती रही। दोपहर से शाम चार बजे के बाद सूरज और बादलों के बीच आंख-मिचौनी का खेल जारी रहा। इस दौरान जरूरी कामों से अधिकांश लोग सिर से पैर तक गर्म कपड़ों से लैस दिखे।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण रात में धुंध कम होने के बजाय बढ़ रही है और अब पुरवा हवा सर्दी की आग में घी डालने जैसा काम कर रही है। उनका कहना है कि बैरोमीटर सूचकांक सात अंक उछलने के कारण हवा की गति बढ़ने के अनुपात में सर्दी भी बढ़ेगी।