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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था बर्खास्त सिपाही, गिरफ्तार
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थाना सदर बाजार पुलिस की गिरफ्त में ठगी के दो आरोपी । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बदनाम पुलिस वाले नौकरी से निकलने के बाद भी खाकी वर्दी को दाग लगा रहे हैं। दो दिन पहले निलंबित सिपाही के सोने की नकली ईंटें बेचने व रकम दोगुनी करने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को बर्खास्त सिपाही और उसका साथी को नौकरी के नाम पर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह ठगी करने के लिए वर्दी और अपने आई कार्ड का इस्तेमाल करता था।
जिला अस्पताल के पास स्थित हनुमान मंदिर में पिछले कई दिनों से एक युवक का आ रहा था। मंदिर में आने से उसकी जान पहचान पुजारी सत्यप्रकाश शुक्ला से हो गई। सत्यप्रकाश ने अपने भतीजे हुसैनपुरा मोहल्ले के रहने वाले शिवम शुक्ला के बेरोजगार होने के बारे में बताया। इस पर युवक ने खुद को पुलिस कर्मी बताकर जजी में नौकरी दिलाने को कहा। विश्वास दिलाने के लिए उसने अपना फर्जी आई कार्ड भी दिखाया था। पुजारी के हामी भरने पर युवक ने शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगने के साथ 50 हजार रुपये का खर्च बताया। उसके झांसे में आकर पुजारी के कहने पर उनके भतीजे शिवम ने 10 फरवरी को विकास भवन गेट पर रुपये और प्रमाणपत्र दे दिए। इसके बाद युवक ने मंदिर आना जाना छोड़ दिया। फोन पर भी संपर्क नहीं हुआ तो शिवम को ठगी का अहसास हुआ। उसने सदर बाजार थाने जाकर तहरीर दे दी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
एसपी एस आनंद ने ठगी की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों का गठन कर मामले के खुलासे के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार की रात लगभग 12:30 बजे थाना सदर बाजार व एसओजी ने मुखबिर द्वारा मिली सूचना पर लाल इमली चौराहे के पास दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बर्खास्त सिपाही अब्दुल वहीद और गुलाम हुसैन पुत्र गुलाम फरीद निवासी गांव गुरसियारी थाना मौदहा जनपद हमीरपुर हैं। गिरफ्तार अब्दुल वहीद उर्फ कल्लू ने बताया कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर अपना फर्जी पुलिस आई कार्ड दिखाकर लोगों से ठगी करता हैं। उसने मुरादाबाद में पुलिस की ट्रेनिंग की थी। इसके बाद नौ साल इटावा के विभिन्न थानों में तैनात रहा था। वहां से उसका ट्रांसफर कानपुर नगर हो गया। जहां वह कई साल तक गैरहाजिर रहा तो बर्खास्त कर दिया गया। 15 साल से वह बर्खास्त चल रहा है। आठ दिन पूर्व नोएडा मे नौकरी लगवाने के नाम पर 31 हजार रुपये और चार दिन पहले सहारनपुर के रामपुरम निहारन थानाक्षेत्र में नौकरी के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी की थी। इन रुपयों में से 50 हजार रुपये वह जुआ में हार गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने पंजाब समेत कई और स्थानों पर वारदात किए जाने की बात कबूली है। एसपी एस आनंद ने बताया कि आरोपियों द्वारा अन्य जगहों पर की गई वारदात के संबंध में संबंधित थानों को सूचित किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल के पास स्थित हनुमान मंदिर में पिछले कई दिनों से एक युवक का आ रहा था। मंदिर में आने से उसकी जान पहचान पुजारी सत्यप्रकाश शुक्ला से हो गई। सत्यप्रकाश ने अपने भतीजे हुसैनपुरा मोहल्ले के रहने वाले शिवम शुक्ला के बेरोजगार होने के बारे में बताया। इस पर युवक ने खुद को पुलिस कर्मी बताकर जजी में नौकरी दिलाने को कहा। विश्वास दिलाने के लिए उसने अपना फर्जी आई कार्ड भी दिखाया था। पुजारी के हामी भरने पर युवक ने शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगने के साथ 50 हजार रुपये का खर्च बताया। उसके झांसे में आकर पुजारी के कहने पर उनके भतीजे शिवम ने 10 फरवरी को विकास भवन गेट पर रुपये और प्रमाणपत्र दे दिए। इसके बाद युवक ने मंदिर आना जाना छोड़ दिया। फोन पर भी संपर्क नहीं हुआ तो शिवम को ठगी का अहसास हुआ। उसने सदर बाजार थाने जाकर तहरीर दे दी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
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एसपी एस आनंद ने ठगी की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों का गठन कर मामले के खुलासे के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार की रात लगभग 12:30 बजे थाना सदर बाजार व एसओजी ने मुखबिर द्वारा मिली सूचना पर लाल इमली चौराहे के पास दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बर्खास्त सिपाही अब्दुल वहीद और गुलाम हुसैन पुत्र गुलाम फरीद निवासी गांव गुरसियारी थाना मौदहा जनपद हमीरपुर हैं। गिरफ्तार अब्दुल वहीद उर्फ कल्लू ने बताया कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर अपना फर्जी पुलिस आई कार्ड दिखाकर लोगों से ठगी करता हैं। उसने मुरादाबाद में पुलिस की ट्रेनिंग की थी। इसके बाद नौ साल इटावा के विभिन्न थानों में तैनात रहा था। वहां से उसका ट्रांसफर कानपुर नगर हो गया। जहां वह कई साल तक गैरहाजिर रहा तो बर्खास्त कर दिया गया। 15 साल से वह बर्खास्त चल रहा है। आठ दिन पूर्व नोएडा मे नौकरी लगवाने के नाम पर 31 हजार रुपये और चार दिन पहले सहारनपुर के रामपुरम निहारन थानाक्षेत्र में नौकरी के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी की थी। इन रुपयों में से 50 हजार रुपये वह जुआ में हार गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने पंजाब समेत कई और स्थानों पर वारदात किए जाने की बात कबूली है। एसपी एस आनंद ने बताया कि आरोपियों द्वारा अन्य जगहों पर की गई वारदात के संबंध में संबंधित थानों को सूचित किया जा रहा है।
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