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Shahjahanpur News: शहर पर मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन की तैयारियां नाकाफी

Thu, 03 Sep 2026 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:31 AM IST
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Flood threat looms over the city; administration's preparations inadequate.
गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद
शाहजहांपुर। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से मंगलवार को 36,801 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शहर पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गर्रा और खन्नौत का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अगले दो दिन में गर्रा के खतरे के निशान तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है, लेकिन बाढ़ से निपटने के लिए कई माह पहले तैयार की गई कार्ययोजना का बड़ा हिस्सा अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है। ऐसे में बाढ़ आने पर पिछले वर्षों की तरह शहर के कई मोहल्लों के जलमग्न होने का खतरा है।
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पिछले दो वर्षों से गर्रा और खन्नौत में बाढ़ के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ है। मुख्य सड़कों के साथ दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ चुका है। इससे यातायात बाधित होने के साथ लोगों के घरों में पानी भर गया था और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था।
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बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से हर वर्ष कार्ययोजना बनाई जाती है, लेकिन कई महत्वपूर्ण काम अब तक अधूरे हैं। हालांकि गर्रा नदी के ककरा में बने पुल को एक मीटर ऊंचा करने का काम समय से पूरा कर लिया गया है। नदी के कटान को रोकने के लिए बांध भी बनाया गया, लेकिन पिछले वर्ष की बाढ़ में आसपास की कॉलोनियों में पानी भरने से इसका लाभ मिलने पर संदेह है।
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कार्ययोजना में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की नीची सड़कों को ऊंचा करने और उनके नीचे पाइप या नाला बनाकर पानी की निकासी की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। न्यू ककरा सिटी में नगर निगम कार्यालय जाने वाली सड़क के नीचे पाइप मंगाए गए, लेकिन सड़क को ऊंचा नहीं किया गया। बाढ़ में यह सड़क कट जाती है। सुभाषनगर स्मार्ट रोड से नगरिया मोड़ जाने वाली सड़क को भी ऊंचा किया जाना था, लेकिन काम नहीं हुआ। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे बनी पुलियों को दुरुस्त करने की योजना भी अधूरी है।
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नालों के मुहाने पर नहीं लगे गेट
गर्रा नदी में गिरने वाले करीब छह नालों को चिह्नित कर उनके मुहाने पर ऐसे गेट लगाने की योजना थी, जिससे बाढ़ का पानी नालों के रास्ते शहर में न आ सके। यह काम भी अब तक नहीं हुआ। सुभाषनगर में बरुआ नाला बाढ़ के दौरान बड़ी समस्या बनता है, लेकिन यहां भी गेट नहीं लगाया गया। ऐसे में कार्ययोजना और जमीनी तैयारी के बीच अंतर साफ नजर आ रहा है।

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पांच नाव और पांच मोटरबोट लगाई जा रहीं
बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर में पांच नाव और पांच मोटरबोट मंगाई जा रही हैं। एनडीआरएफ और पीएसी की टीम तैयार है। आश्रय स्थलों को भी सक्रिय किया जा रहा है। पशुओं के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था करने के निर्देश सीवीओ को दिए गए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, नोडल अधिकारी

गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर। संवाद

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