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Shahjahanpur News: अब भी बाढ़ से घिरे हैं रामगंगा के कई तटीय गांव
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मिर्जापुर से पाठकपुर जाने वाले रास्ते में टूटी पुलिया। संवाद
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। करीब दस दिन तक खतरे के निशान से ऊपर रही रामगंगा अब खतरे के निशान से नीचे आ गई है, लेकिन बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित रहे तटवर्ती गांवों के आसपास अब तक पानी तेज बहाव से निकलने के कारण वहां के लोगों को कोई खास राहत नहीं मिल सकी है।
रामगंगा और बहगुल के किनारे बसे कसारी खुर्द, कसारी बुजुर्ग, शाहपुर, बलदेवपुर, चचुआपुर, तेरा, मंझरा आदि गांवों के आसपास विस्तृत क्षेत्र में अब भी पानी का बहाव तेज है। संपर्क मार्गों और उनकी पुलियों से हाेकर बाढ़ का पानी निकलने से इन गांवाें में बुधवार को भी आवागमन सामान्य नहीं हो सका। सैकड़ों बीघा फसलें अब तक जलमग्न हैं।
तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि 24 घंटों में रामगंगा का जलस्तर 32 सेमी घटा और वह खतरे के निशान से नौ सेमी नीचे आ गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्थिति सामान्य होने पर राजस्व टीमों को लगाकर गांव स्तर पर फसली नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
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तबाही के गहरे जख्म छोड़कर जा रही गंगा-रामगंगा की बाढ़
मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा नदियों में आई बाढ़ तटवर्ती इलाकों से दो माह बाद उतरने लगी है, लेकिन अपने पीछे तबाही के गहरे जख्म छोड़कर जा रही है। जहां एक ओर सैकड़ों बीघा फसलें लगातार जलमग्न रहने के कारण उनके सड़ने की नौबत आ गई है, वहीं कई गांवों के संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव में कट जाने से वहां गहरे गड्ढे हो जाने से गांव वालों का आवागमन बाधित हो गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में शिविर लगाकर दवाएं बांटीं, लेकिन हरिहरपुर में अब तक मेडिकल टीम नहीं पहुंची है। जरियनपुर से मौजमपुर, मिर्जापुर से गुलड़िया और चौरा से नगला बसोला जाने वाले मार्ग के कई हिस्से बाढ़ के तेज प्रवाह में बह चुके हैं।
सड़कों के कटे हुए हिस्से गहरे गड्ढों में बदल गए और उनके आसपास पानी भरा हुआ है। बाढ़ प्रभावित हरिहरपुर के बांके, रामरतन, राजवीर, राकेश आदि ने बताया कि गांव में खाज-खुजली, बुखार, पेटदर्द से कई लोग पीड़ित हैं, लेकिन अब तक मेडिकल टीम नहीं पहुंची है। पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आदेश रस्तोगी का कहना है कि हरिहरपुर में एक टीम बृहस्पतिवार को भेजी जाएगी।
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फसली नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके साथ ही बाढ़ उतरने के बाद जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मरीजों का इलाज कर रही हैं। प्रभावित लोगों को राशन किट का वितरण भी किया जा रहा है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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रामगंगा और बहगुल के किनारे बसे कसारी खुर्द, कसारी बुजुर्ग, शाहपुर, बलदेवपुर, चचुआपुर, तेरा, मंझरा आदि गांवों के आसपास विस्तृत क्षेत्र में अब भी पानी का बहाव तेज है। संपर्क मार्गों और उनकी पुलियों से हाेकर बाढ़ का पानी निकलने से इन गांवाें में बुधवार को भी आवागमन सामान्य नहीं हो सका। सैकड़ों बीघा फसलें अब तक जलमग्न हैं।
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तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि 24 घंटों में रामगंगा का जलस्तर 32 सेमी घटा और वह खतरे के निशान से नौ सेमी नीचे आ गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्थिति सामान्य होने पर राजस्व टीमों को लगाकर गांव स्तर पर फसली नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
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तबाही के गहरे जख्म छोड़कर जा रही गंगा-रामगंगा की बाढ़
मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा नदियों में आई बाढ़ तटवर्ती इलाकों से दो माह बाद उतरने लगी है, लेकिन अपने पीछे तबाही के गहरे जख्म छोड़कर जा रही है। जहां एक ओर सैकड़ों बीघा फसलें लगातार जलमग्न रहने के कारण उनके सड़ने की नौबत आ गई है, वहीं कई गांवों के संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव में कट जाने से वहां गहरे गड्ढे हो जाने से गांव वालों का आवागमन बाधित हो गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में शिविर लगाकर दवाएं बांटीं, लेकिन हरिहरपुर में अब तक मेडिकल टीम नहीं पहुंची है। जरियनपुर से मौजमपुर, मिर्जापुर से गुलड़िया और चौरा से नगला बसोला जाने वाले मार्ग के कई हिस्से बाढ़ के तेज प्रवाह में बह चुके हैं।
सड़कों के कटे हुए हिस्से गहरे गड्ढों में बदल गए और उनके आसपास पानी भरा हुआ है। बाढ़ प्रभावित हरिहरपुर के बांके, रामरतन, राजवीर, राकेश आदि ने बताया कि गांव में खाज-खुजली, बुखार, पेटदर्द से कई लोग पीड़ित हैं, लेकिन अब तक मेडिकल टीम नहीं पहुंची है। पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आदेश रस्तोगी का कहना है कि हरिहरपुर में एक टीम बृहस्पतिवार को भेजी जाएगी।
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फसली नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके साथ ही बाढ़ उतरने के बाद जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मरीजों का इलाज कर रही हैं। प्रभावित लोगों को राशन किट का वितरण भी किया जा रहा है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व