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Shahjahanpur News: शाम पांच से रात दस बजे तक सर्वाधिक हादसे, हेलमेट न पहनना बन रहा जानलेवा
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लाल इमली चौराहे के पास बाइक पर बिना हेलमेट जातीं तीन सवारियां। संवाद
शाहजहांपुर। अच्छी सड़क, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी जिले में सड़क हादसों को लगातार बढ़ा रही है। प्रशासन की रिपोर्ट में हादसों के प्रमुख कारणों में हेलमेट नहीं पहनना, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे में ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया है। प्रशासन के मुताबिक, करीब 50 प्रतिशत हादसे शाम पांच से रात दस बजे के बीच होते हैं।
इस वर्ष शाहजहांपुर में 608 सड़क हादसे हुए, जिनमें 400 लोगों की मौत हुई। पिछले वर्ष की तुलना में मौतों में 28.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह प्रतिशत प्रदेश में सर्वाधिक है। जिले में अप्रैल में इस वर्ष 43 लोगों की मौत हादसों में हुई जबकि पिछले वर्ष 30 लोगों की मौत हुईं थी।
दुर्घटनाओं के आंकड़ों में तिलहर, अल्हागंज, खुटार, रोजा, कांट, मीरानपुर कटरा सबसे अधिक प्रभावित थाना क्षेत्र सामने आए हैं। ये वे इलाके हैं जहां पर हाईवे चौड़ा किया गया है। अल्हागंज से कटरा तक हाईवे पर कई स्थानों पर डिवाइडर नहीं है। डिवाइडर न होने के कारण सामने से वाहनों के आमने-सामने टकराने की आशंका बनी रहती है।
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हाईवे के चौड़ीकरण के बाद कई स्थानों पर वाहनों की गति बढ़ना भी हादसों की एक वजह बन रहा है। अभी हाईवे के कई स्थानों पर लाइट नहीं लगी है या रंबल स्ट्रिप नहीं लग सकी है। हाईवे के किनारे बसे गांवों के लोग यातायात नियमों का पालन न करने से हादसे का शिकार हो रहे हैं। आंकड़ों में अधिकतर हादसे बाइक से बाइक टकराने से हो रहे हैं।
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हेलमेट न पहनने की आदत बन रही जानलेवा
जिले में दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं लगाने की समस्या गंभीर है। पुलिस रोजाना 250 से 300 चालान हेलमेट न लगाने वालों पर करती है। इस वर्ष 70 हजार से ज्यादा लोगों के चालान किए जा चुके हैं।
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दुर्घटना बहुल 30 प्वाइंट चिह्नित
दुर्घटना बहुल स्थानों पर करीब 30 प्वाइंट चिह्नित किए हैं। इन स्थानों पर सड़क की स्थिति, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण में सुधार के साथ ही पुलिस की ड्यूटी बढ़ाई गई है।
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हाईवे पर बढ़ेंगे सुरक्षा इंतजाम
जिला प्रशासन की ओर से बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सड़कों से अतिक्रमण हटाने, झाड़ियों की सफाई तथा ब्लैक स्पॉट और स्पीड लिमिट के संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बरेली-सीतापुर हाईवे, अल्हागंज-जलालाबाद मार्ग और कटरा मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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इसलिए बढ़ जाता जोखिम
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार तेज गति में चालक को वाहन नियंत्रित करने के लिए कम समय मिलता है। हेलमेट सही तरीके से पहनना, गति सीमा का पालन करना, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करना और नशे में वाहन न चलाना हादसों में गंभीर चोट और मौत का खतरा कम करने के प्रमुख उपाय हैं।
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80 अवैध कट बंद कराए, फिर हो गए
यातायात पुलिस और एनएचआईए की टीम ने बरेली मोड़ से जलालाबाद तक करीब 50 अवैध कटों को चिह्नित कर बंद कराया था। इसी तरह लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 30 कट पूर्व में बंद कराए गए थे। हालांकि, इस मार्ग पर दोबारा से कई जगहों पर अवैध कट बना लिए गए हैं।
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प्रशासन ने हादसों के कारण और निवारण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। हादसों को कम करने के लिए दुर्घटना बहुल स्थानों में सुधार कराया जाएगा। इसके साथ ही हेलमेट को लेकर विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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सभी थाना क्षेत्रों में क्रिटिकल कॉरिडोर में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है। हादसों की संख्या न्यून करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
- देवेंद्र कुमार, एसपी सिटी
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मानक विहीन वाहनों का चालान करने के साथ सीज भी कर रहे हैं। हेलमेट, गलत दिशा में वाहन चलाने समेत कई कारणों की वजह से हादसे होते हैं। लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-हरिओम एआरटीओ
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इस वर्ष शाहजहांपुर में 608 सड़क हादसे हुए, जिनमें 400 लोगों की मौत हुई। पिछले वर्ष की तुलना में मौतों में 28.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह प्रतिशत प्रदेश में सर्वाधिक है। जिले में अप्रैल में इस वर्ष 43 लोगों की मौत हादसों में हुई जबकि पिछले वर्ष 30 लोगों की मौत हुईं थी।
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दुर्घटनाओं के आंकड़ों में तिलहर, अल्हागंज, खुटार, रोजा, कांट, मीरानपुर कटरा सबसे अधिक प्रभावित थाना क्षेत्र सामने आए हैं। ये वे इलाके हैं जहां पर हाईवे चौड़ा किया गया है। अल्हागंज से कटरा तक हाईवे पर कई स्थानों पर डिवाइडर नहीं है। डिवाइडर न होने के कारण सामने से वाहनों के आमने-सामने टकराने की आशंका बनी रहती है।
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हाईवे के चौड़ीकरण के बाद कई स्थानों पर वाहनों की गति बढ़ना भी हादसों की एक वजह बन रहा है। अभी हाईवे के कई स्थानों पर लाइट नहीं लगी है या रंबल स्ट्रिप नहीं लग सकी है। हाईवे के किनारे बसे गांवों के लोग यातायात नियमों का पालन न करने से हादसे का शिकार हो रहे हैं। आंकड़ों में अधिकतर हादसे बाइक से बाइक टकराने से हो रहे हैं।
हेलमेट न पहनने की आदत बन रही जानलेवा
जिले में दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं लगाने की समस्या गंभीर है। पुलिस रोजाना 250 से 300 चालान हेलमेट न लगाने वालों पर करती है। इस वर्ष 70 हजार से ज्यादा लोगों के चालान किए जा चुके हैं।
दुर्घटना बहुल 30 प्वाइंट चिह्नित
दुर्घटना बहुल स्थानों पर करीब 30 प्वाइंट चिह्नित किए हैं। इन स्थानों पर सड़क की स्थिति, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण में सुधार के साथ ही पुलिस की ड्यूटी बढ़ाई गई है।
हाईवे पर बढ़ेंगे सुरक्षा इंतजाम
जिला प्रशासन की ओर से बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सड़कों से अतिक्रमण हटाने, झाड़ियों की सफाई तथा ब्लैक स्पॉट और स्पीड लिमिट के संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बरेली-सीतापुर हाईवे, अल्हागंज-जलालाबाद मार्ग और कटरा मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसलिए बढ़ जाता जोखिम
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार तेज गति में चालक को वाहन नियंत्रित करने के लिए कम समय मिलता है। हेलमेट सही तरीके से पहनना, गति सीमा का पालन करना, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करना और नशे में वाहन न चलाना हादसों में गंभीर चोट और मौत का खतरा कम करने के प्रमुख उपाय हैं।
80 अवैध कट बंद कराए, फिर हो गए
यातायात पुलिस और एनएचआईए की टीम ने बरेली मोड़ से जलालाबाद तक करीब 50 अवैध कटों को चिह्नित कर बंद कराया था। इसी तरह लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 30 कट पूर्व में बंद कराए गए थे। हालांकि, इस मार्ग पर दोबारा से कई जगहों पर अवैध कट बना लिए गए हैं।
प्रशासन ने हादसों के कारण और निवारण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। हादसों को कम करने के लिए दुर्घटना बहुल स्थानों में सुधार कराया जाएगा। इसके साथ ही हेलमेट को लेकर विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
सभी थाना क्षेत्रों में क्रिटिकल कॉरिडोर में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है। हादसों की संख्या न्यून करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
- देवेंद्र कुमार, एसपी सिटी
मानक विहीन वाहनों का चालान करने के साथ सीज भी कर रहे हैं। हेलमेट, गलत दिशा में वाहन चलाने समेत कई कारणों की वजह से हादसे होते हैं। लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-हरिओम एआरटीओ