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Shahjahanpur News: सावन माह की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Tue, 20 Aug 2024 02:57 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:57 AM IST
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मिर्जापुर। सावन माह की पूर्णिमा पर पर्व स्नान करने के लिए ढाई घाट गंगा तट पर सोमवार सुबह से श्रद्धालु उमड़ने लगे। अधिकांश लोग अपने परिवार के साथ पहुंचे और हर हर गंगे के जयघोष के साथ गंगा में डुबकी लगाई। बाद में घाटों पर पंडों-पुरोहितों से पूजा कराई और गरीबों को वस्त्र, धनराशि आदि दान करके पुण्य लाभ कमाया।
सावन माह की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन होने से पर्व स्नान को श्रद्धालु विशेष महत्व देते हैं। इस बार रक्षाबंधन पर भाइयों का टीका दोपहर एक बजे के बाद होना था। इसलिए सुबह से ही ज्यादातर लोग गंगा स्नान के लिए घरों से निकल पड़े। दिन में दस बजे तक ढाई घाट पर हजारों लोगों का मेला लग गया। ढाई घाट गंगा पुल के दोनों ओर के घाटों पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान शाम चार बजे के बाद तक चलता रहा। हर-हर गंगे के जयघोष से सभी घाट गुंजायमान रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए।
इस अवसर पर कई लोगों ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। मनोकामना पूरी होने पर कई श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर गरीबों को आटा, चावल, दाल, वस्त्र आदि दान किए। हर साल की तरह इस बार भी गंगा तट पर बङ़ी संख्या में दुकानदारों ने घरेलू उपयोग के सामान की दुकानें सजाईं। स्नान-पूजन के बाद महिलाओं ने इन दुकानों पर खूब खरीदारी की।
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सावन माह की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन होने से पर्व स्नान को श्रद्धालु विशेष महत्व देते हैं। इस बार रक्षाबंधन पर भाइयों का टीका दोपहर एक बजे के बाद होना था। इसलिए सुबह से ही ज्यादातर लोग गंगा स्नान के लिए घरों से निकल पड़े। दिन में दस बजे तक ढाई घाट पर हजारों लोगों का मेला लग गया। ढाई घाट गंगा पुल के दोनों ओर के घाटों पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान शाम चार बजे के बाद तक चलता रहा। हर-हर गंगे के जयघोष से सभी घाट गुंजायमान रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए।
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इस अवसर पर कई लोगों ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। मनोकामना पूरी होने पर कई श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर गरीबों को आटा, चावल, दाल, वस्त्र आदि दान किए। हर साल की तरह इस बार भी गंगा तट पर बङ़ी संख्या में दुकानदारों ने घरेलू उपयोग के सामान की दुकानें सजाईं। स्नान-पूजन के बाद महिलाओं ने इन दुकानों पर खूब खरीदारी की।
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