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बहू से विवाद पर शारदा नहर में कूदी सास

Sat, 05 Sep 2015 11:15 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Sat, 05 Sep 2015 11:15 PM IST
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The controversy daughter Sharada Canal purely SaaS
पीलीभीत के जनपद बिलसंडा के गांव पिस्तोर निवासी मनोहरलाल की 60 वर्षीय पत्नी गंगादेवी ने शनिवार को मकसूदापुर में पुल से शारदा नहर में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की, लोगों ने उन्हें बमुश्किल नहर से निकालकर बचाया। वृद्धा को उसका पौत्र समझा बुझाकर घर ले गया है।
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गांव मकसूदापुर में शारदा नहर पुल के पास फड़ डालकर अनाज खरीदने वाले बंडा के रामदास की पत्नी रीता जायसवाल शनिवार दोपहर उनके लिए भोजन लेकर पहुंचीं तो शारदा नहर पुल पर एक वृद्धा को बैठा देखा। वह वृद्धा के पास गईं और जानकारी की। वृद्धा ने अपना नाम गंगादेवी बताते हुए कहा कि वह थक जाने के कारण पुल पर बैठी है। रीता वृद्धा को धूप से उठाकर अपने पास ले आईं। रीता के जाने के बाद वृद्धा उठकर पुल पर गई और शारदा नहर मेें छलांग लगा दी।
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वृद्धा को नहर में कूदते देख रामदास ने शोर मचाया तो तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। उधर से निकल रहे गांव अजोधापुर के किंदर सिंह और कढ़ेरचौरा के गुड्डू ने वृद्धा को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी और उसे बमुश्किल बचाया। वृद्धा ने बताया कि उसके छह पुत्र हैं। वह छोटे पुत्र के साथ रहती है। शनिवार सुबह बच्चे को खिलाने को लेकर बहू से विवाद हो जाने पर वह जान देने के इरादे से मकसूदापुर आई थी, लेकिन लोगों ने उसे बचा लिया। जानकारी पाकर वृद्धा का पौत्र मौके पर पहुंचा और उसे समझाकर घर ले गया।
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आत्महत्या करने वालों की पसंद बना मकसूदापुर पुल
पुवायां। बंडा से बिलसंडा मार्ग पर शारदा नदी का मकसूदापुर पुल आत्महत्या करने वालों की पसंद बन चुका है। इस पुल से अब तक दर्जनों लोग नहर में कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। पांच लोग नहर में कूदकर जान दे चुके हैं। पिछले एक माह में ही तीन महिलाएं नहर में कूदकर जान देने का प्रयास कर चुकी हैं।
20 अगस्त को गांव पसियापुर निवासी रामरानी ने पुल से नहर में छलांग लगा दी थी। लोगों ने उन्हें बमुश्किल बचाया था। रामरानी के अनुसार गले के कैंसर से पीड़ित होने के कारण उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था। 29 अगस्त को गांव ऊधौपुर खखरा की एक किशोरी का परिवार के लोगों से झगड़ा हुआ तो वह सीधे मकसूदापुर पुल पर पहुंची और शारदा नहर में छलांग लगा दी। उसे भी राहगीरों ने काफी प्रयास के बाद नहर से निकालकर बचाया था। इसके बाद पांच सितंबर को बिलसंडा के पस्तोर की गंगादेवी ने बहू से विवाद के चलते नहर में कूदकर जान देने का प्रयास किया। लोगों ने उन्हें बमुश्किल बचाया।

पुल से शारदा नहर में छलांग लगाने वाले कई लोगों को काफी प्रयास के बाद भी नहीं बचाया जा सका तो कई के शव ही नहीं मिले। कुछ माह पूर्व गांव मुड़िया छावन के जयराखन ने इसी पुल से नहर में छलांग लगा दी थी। लोगों ने उन्हें नहर में कूदते देखा था, लेकिन आज तक उनका शव नहीं मिल सका है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व बंडा के साहब सिंह ने भी नहर में छलांग लगा दी थी। उनका शव बरामद हो गया था। कई अन्य लोग भी नहर में कूदकर जान दप्ते चुके हैं।
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