फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Taking a heavy toll on the police motorcycle theft

पुलिस पर भारी पड़ रहा मोटर चोर गिरोह

Tue, 18 Oct 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Tue, 18 Oct 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
पुवायां। तहसील क्षेत्र में नलकूपों के मोटर चोरी करने वाला गिरोह पुलिस पर भारी पड़ता दिख रहा है। किसान चोरों से त्रस्त हैं। पुलिस उनकी रिपोर्ट नहीं लिखती, जिससे गिरोह के हौसले बुलंद हैं। अक्तूबर में अकेले खुटार क्षेत्र से अब तक एक दर्जन मोटर चोरी हो चुके हैं। खुटार, बंडा और पुवायां क्षेत्र के लोग मुख्य रूप से खेती पर निर्भर हैं। यहां छोटे बड़े तमाम किसानों ने खेतों में सिंचाई के लिए बिजली के मोटर लगा रखे हैं। लगभग चार वर्ष से मोटर चोरी करने वाला गिरोह सक्रिय हुआ तो उसने ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर किसानों की नींद उड़ा दी। गिरोह के लोग नलकूप की कोठरी का ताला तोड़कर मोटर चोरी कर लेते हैं और उसमें से तार निकालकर बेच देते हैं। किसान को मोटर बंधवाने में भारी खर्चा करना पड़ता है। यह गिरोह अब तक पांच सौ से अधिक मोटर चोरी कर चुका है। कुछ कारखानों में भी नकब लगाकर मोटर चोरी किए जा चुके हैं। पुलिस रिकार्ड में मोटर चोरी के प्रकरण नाममात्र के दर्ज हैं। कारण साफ है कि किसान की तहरीर लेकर रखने के बाद उसे चोरों का पता लगाए जाने के नाम पर टरका दिया जाता है। ऐसे में जब रिपोर्ट ही दर्ज नहीं होगी तो कार्रवाई किसके खिलाफ और क्यों की जाएगी? किसानों का कहना है कि कई बार तहरीर देने पर पुलिस उन्हें फटकार कर भगा देती है। पुलिस कहती है कि खेतों में मोटर छोड़ते ही क्यों हो? किसान मोटर की रखवाली खुद ही करें।
विज्ञापन

मिस्त्री भी शामिल
पुवायां। मोटर चोरी कर उसे जिस सफाई से खोलकर तार चोरी किया जाता है उससे साफ है कि चोर गिरोह में कोई मिस्त्री भी शामिल है। पुलिस यदि इस दिशा में छानबीन करे तो किसानों की गाढ़ी कमाई को लुटने से बचाया जा सकता है लेकिन पुलिस पर मोटर चोरी से कोई फर्क नहीं पड़ता है। 
विज्ञापन

चोरी का माल खरीदने वाला गैंग सक्रिय
पुवायां। खुटार क्षेत्र में मोटर सहित तांबे के तारों को चोरी से खरीदने और उन्हें दिल्ली आदि भेजकर बिक्री करने वाला बड़ा गैंग काम कर रहा है। इस गैंग में स्थानीय स्तर से लेकर नेपाल तक के लोग शामिल हैं। चोरी के माल को रोडवेज की कुछ बसों से बाहर भेजा जाता है। गौरीफंटा, पलिया, भीरा, मैलानी, गोला, बंडा, मोहम्मदी आदि से चोरी का तार खरीदकर यहां एकत्र किया जाता है और बाद में उसे बाहर भेज दिया जाता है। चर्चा तो यहां तक है कि इस गैंग के लोग ही कुछ लोगों से मोटर आदि चोरी कराते हैं। इससे इन्हें दोहरा फायदा होता है। पुराने तार को खरीदकर कमाई के साथ ही नए तार को बेचकर भारी लाभ कमाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोटर चोरी के मामले की जानकारी और जांच कराई जाएगी। संबंधित थानों को इस पर कार्रवाई करने के निर्देश देंगे। - अरुण कुमार, सीओ पुवायां
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed