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मालगाड़ी से चोरी 60 बोरा गेहूं बरामद, चार हिरासत में
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:43 PM IST
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मालगाड़ी से गेहूं चोरी कर पिकअप गाड़ी से हरदोई बेचने जा रहे गिरोह के चार चोरों को आरपीएफ ने दबोच लिया। मौके से पिकअप गाड़ी और उसमें भरे गेहूं के 60 बोरे बरामद किए गए हैं। इस पर एफसीआई पंजाब और हरियाणा सरकार की मोहर लगी हुईं हैं।
आरपीएफ रोजा प्रभारी नरेंद्र मलिक को सूचना मिली सोमवार की रात पंजाब से सीतापुर की ओर जा रही एक मालगाड़ी के डिब्बों की सील तोड़कर चोरों ने गेहूं के बोरे चोरी कर लिए और उनको एक पिकअप गाड़ी से लादकर हरदोई की एक फ्लोर मिल व मंडी की आढ़त पर बेचने जा रहे है। आरपीएफ प्रभारी मलिक ने अपनी टीम के साथ सोमवार की रात को ही घेराबंदी शुरू कर दी और मंगलवार की भोर रोजा थाना क्षेत्र के पड़रा सिकंदरपुर जाने वाले मार्ग की टेढ़ी पुलिया के पास गेहूूं से लदी पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया। आरपीएफ की घेराबंदी से पिकअप पर सवार चार लोग मौके से भागने का प्रयास करने लगे, तभी साथ आये जवानो ने उन्हे दौड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। पकड़े गये आरोपियों के बारे में आरपीएफ ने कोई खुलासा नहीं किया है अलवत्ता रेलवे से की गई अन्य चोरियों के मामले में अहम सुराग लगे है। मंगलवार देर शाम प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ एसपी सिंह, रोजा प्रभारी नरेंद्र मलिक अपनी टीमों के साथ हरदोई रवाना हो चुके हैं। आरपीएफ ने बड़े नेटवर्क के खुलासे के संकेत दिए हैं। आरपीएफ को अनुमान है कि रेलवे से खाद्यान्न चोरी के मामले में कई राइस मिलर्स, फ्लोर मिल मालिकों के अलावा बड़ी सख्या में आढ़तियों के शामिल होने के संकेत भी मिले हैं।
मोहम्मदी फाटक से लेकर उचौलिया तक है चोरों का आतंक
रोजा। रेलवे से खाद्यान्न चोरी करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। इनका मुख्य केंद्र मोहम्मदी क्रासिंग से उचौलिया के होम सिंगनल तक होता है। इस 20 किमी के क्षेत्र में करीब चार नोमैन क्रासिंग, तीन गेटमैन क्रासिंग पड़ती हैं। सिंगल लाइन व्यवस्था और कर्व होने के कारण मालगाड़ियों की रफ्तार कम होती है, जिस कारण चोर चलती ट्रेन पर चढ़कर डिब्बों की सील तोड़ देते हैं और खाद्यान्न से भरे बोरों को नीचे गिराने लगते है। गैंग के अन्य सदस्य इन बोरो को एक खेत मे एकत्र करते है भोर होने तक पिकअप या डीसीएम वाहन के द्वारा चोरी किए गए खाद्यान्नों को हरदोई, रोजा, मोहम्मदी, क्षेत्र की मंडियो अथवा फ्लोर व राइस मिलो को बेच दिया जाता है। खाद्यान्न चोरो के करीब एक दर्जन से अधिक गैंग सक्रिय हैं।
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आरपीएफ रोजा प्रभारी नरेंद्र मलिक को सूचना मिली सोमवार की रात पंजाब से सीतापुर की ओर जा रही एक मालगाड़ी के डिब्बों की सील तोड़कर चोरों ने गेहूं के बोरे चोरी कर लिए और उनको एक पिकअप गाड़ी से लादकर हरदोई की एक फ्लोर मिल व मंडी की आढ़त पर बेचने जा रहे है। आरपीएफ प्रभारी मलिक ने अपनी टीम के साथ सोमवार की रात को ही घेराबंदी शुरू कर दी और मंगलवार की भोर रोजा थाना क्षेत्र के पड़रा सिकंदरपुर जाने वाले मार्ग की टेढ़ी पुलिया के पास गेहूूं से लदी पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया। आरपीएफ की घेराबंदी से पिकअप पर सवार चार लोग मौके से भागने का प्रयास करने लगे, तभी साथ आये जवानो ने उन्हे दौड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। पकड़े गये आरोपियों के बारे में आरपीएफ ने कोई खुलासा नहीं किया है अलवत्ता रेलवे से की गई अन्य चोरियों के मामले में अहम सुराग लगे है। मंगलवार देर शाम प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ एसपी सिंह, रोजा प्रभारी नरेंद्र मलिक अपनी टीमों के साथ हरदोई रवाना हो चुके हैं। आरपीएफ ने बड़े नेटवर्क के खुलासे के संकेत दिए हैं। आरपीएफ को अनुमान है कि रेलवे से खाद्यान्न चोरी के मामले में कई राइस मिलर्स, फ्लोर मिल मालिकों के अलावा बड़ी सख्या में आढ़तियों के शामिल होने के संकेत भी मिले हैं।
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मोहम्मदी फाटक से लेकर उचौलिया तक है चोरों का आतंक
रोजा। रेलवे से खाद्यान्न चोरी करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। इनका मुख्य केंद्र मोहम्मदी क्रासिंग से उचौलिया के होम सिंगनल तक होता है। इस 20 किमी के क्षेत्र में करीब चार नोमैन क्रासिंग, तीन गेटमैन क्रासिंग पड़ती हैं। सिंगल लाइन व्यवस्था और कर्व होने के कारण मालगाड़ियों की रफ्तार कम होती है, जिस कारण चोर चलती ट्रेन पर चढ़कर डिब्बों की सील तोड़ देते हैं और खाद्यान्न से भरे बोरों को नीचे गिराने लगते है। गैंग के अन्य सदस्य इन बोरो को एक खेत मे एकत्र करते है भोर होने तक पिकअप या डीसीएम वाहन के द्वारा चोरी किए गए खाद्यान्नों को हरदोई, रोजा, मोहम्मदी, क्षेत्र की मंडियो अथवा फ्लोर व राइस मिलो को बेच दिया जाता है। खाद्यान्न चोरो के करीब एक दर्जन से अधिक गैंग सक्रिय हैं।
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