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पुलिस ने जिला अस्पताल से मांगे अभिलेख
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:39 PM IST
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ब्लड ग्रुप की गलत रिपोर्ट और बाद में मरीज की मौत पर परिवारजनों द्वारा शव रखकर किए गए प्रदर्शन के बाद मुख्य चिकित्साधीक्षक और ब्लड बैंक प्रभारी पर दर्ज गैर इरादतन हत्या के एफआईआर निरस्त कराने की मांग पर जिला संयुक्त चिकित्सालय के सभी अधिकारी, कर्मचारी और स्टाफ 19 जुलाई से हड़ताल पर जाने के फैसले पर अड़े हैं। इस बीच दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू करते हुए शनिवार को घटनाक्रम से संबंधित सभी अभिलेख अस्पताल प्रशासन और ब्लड बैंक से तलब किया है।
कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर आरएन चौधरी ने बताया कि अभिलेखों के मिलने पर मृतक के परिवारवालों के आरोपों एवं अस्पताल प्रशासन व ब्लड बैंक प्रभारी के दावों का साक्ष्य के आधार पर मिलान कर आगे की कार्यवाही तय होगी। शुक्रवार को जिला अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी और कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एफआईआर निरस्त कराने की मांग पर डीएम और एसपी से मिला था। डीएम पुष्पा सिंह ने स्पष्ट कर दिया था कि हालांकि जिला अस्पताल में समुचित इलाज के चलते 80 फीसदी झुलसा मरीज इतने लंबे समय तक जीवित रह सका, लेकिन मृतक के परिवारवालों की ओर से दर्ज एफआईआर निरस्त नहीं कराई जा सकती। पुलिस विवेचना करेगी और जांच अधिकारी उसके आधार पर चार्जशीट दाखिल करेगा या फाइनल रिपोर्ट लगाएगा।
बता दें कि शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम निवासी 35 वर्षीय विजय कुमार उर्फ गुड्डू बीते 12 जून की रात को घर में ढिबरी गिरने से जल गए थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ब्लड बैंक की जांच में मरीज का खून का ग्रुप गलत बताया गया था और बात में इसका खुलासा होने के अगले ही दिन मरीज ने दम तोड़ दिया था। मौत की खबर पाकर जिला अस्पताल में जुटे मृतक के परिवारजनों और रिश्तेदारों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया था। बाद में एसडीएम और सीओ ने पहुंचकर सीएमएस और ब्लड बैंक प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आश्वासन पर जाम खुलवाया था।
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कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर आरएन चौधरी ने बताया कि अभिलेखों के मिलने पर मृतक के परिवारवालों के आरोपों एवं अस्पताल प्रशासन व ब्लड बैंक प्रभारी के दावों का साक्ष्य के आधार पर मिलान कर आगे की कार्यवाही तय होगी। शुक्रवार को जिला अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी और कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एफआईआर निरस्त कराने की मांग पर डीएम और एसपी से मिला था। डीएम पुष्पा सिंह ने स्पष्ट कर दिया था कि हालांकि जिला अस्पताल में समुचित इलाज के चलते 80 फीसदी झुलसा मरीज इतने लंबे समय तक जीवित रह सका, लेकिन मृतक के परिवारवालों की ओर से दर्ज एफआईआर निरस्त नहीं कराई जा सकती। पुलिस विवेचना करेगी और जांच अधिकारी उसके आधार पर चार्जशीट दाखिल करेगा या फाइनल रिपोर्ट लगाएगा।
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बता दें कि शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम निवासी 35 वर्षीय विजय कुमार उर्फ गुड्डू बीते 12 जून की रात को घर में ढिबरी गिरने से जल गए थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ब्लड बैंक की जांच में मरीज का खून का ग्रुप गलत बताया गया था और बात में इसका खुलासा होने के अगले ही दिन मरीज ने दम तोड़ दिया था। मौत की खबर पाकर जिला अस्पताल में जुटे मृतक के परिवारजनों और रिश्तेदारों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया था। बाद में एसडीएम और सीओ ने पहुंचकर सीएमएस और ब्लड बैंक प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आश्वासन पर जाम खुलवाया था।
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