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खेत पर किशोर को गोली मारकर किया घायल
अमर उजाला ब्यूरो बंडा।
Updated Tue, 23 May 2017 11:51 PM IST
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goli
- फोटो : amar ujala
हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर
खेत पर गन्ने की सिंचाई कर रहे किशोर को गोली मारकर घायल कर दिया गया। घायल को बंडा के सरकारी अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
गांव खंडपारी निवासी कन्हैयालाल ने बताया कि उनका पुत्र वीरपाल गांव से कुछ दूर गन्ने की फसल की सिंचाई कर रहा था। रात लगभग आठ बजे वह घायल अवस्था में भागता हुआ आया और गिर पड़ा। उसे पेट में गोली लगी थी। इससे परिवार में खलबली मच गई। घायल को तुरंत ही बंडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुत्र के गोली लगने से मां रेनू का रो रोकर बुरा हाल है। कन्हैयालाल ने बताया कि उनकी गांव में किसी से रंजिश भी नहीं है। ऐसे में वीरपाल को गोली किसने और क्यों मारी, यह बड़ा सवाल है। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
आयुष्मान के हत्यारे भी पकड़ से बाहर
बंडा। गांव खंडपारी के ही शिवदास के पुत्र आयुष्मान यादव का शव आठ मार्च को गांव पश्चिम पड़ा मिला था। आयुष्मान की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड का राज अभी तक नहीं खुल सका है। आज गोली से घायल हुए वीरपाल का मकान आयुष्मान के मकान के ठीक सामने है। इसके अलावा जिस खेत में आयुष्मान यादव का शव मिला था। उसी खेत के पश्चिम मात्र दस मीटर की दूरी पर वीरपाल को भी गोली मारी गई। लोगों का मानना है कि दोनों घटनाओं में कोई न कोई कड़ी जरूर जुड़ी हुई है। दोनों घटनाओं को लेकर गांव में खासी चर्चा बनी हुई है।
बंडा। स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही के चलते गोली से घायल वीरपाल को डॉक्टरों ने प्रथम उपचार तो दूर की बात रेफर करते समय उसके ड्रिप भी लगाने की जरूरत नहीं समझी। सरकारी एंबूलेंस भी उपलब्ध नहीं हो सकी। परिवार के लोग वीरपाल को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए हैं।
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खेत पर गन्ने की सिंचाई कर रहे किशोर को गोली मारकर घायल कर दिया गया। घायल को बंडा के सरकारी अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
गांव खंडपारी निवासी कन्हैयालाल ने बताया कि उनका पुत्र वीरपाल गांव से कुछ दूर गन्ने की फसल की सिंचाई कर रहा था। रात लगभग आठ बजे वह घायल अवस्था में भागता हुआ आया और गिर पड़ा। उसे पेट में गोली लगी थी। इससे परिवार में खलबली मच गई। घायल को तुरंत ही बंडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुत्र के गोली लगने से मां रेनू का रो रोकर बुरा हाल है। कन्हैयालाल ने बताया कि उनकी गांव में किसी से रंजिश भी नहीं है। ऐसे में वीरपाल को गोली किसने और क्यों मारी, यह बड़ा सवाल है। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
आयुष्मान के हत्यारे भी पकड़ से बाहर
बंडा। गांव खंडपारी के ही शिवदास के पुत्र आयुष्मान यादव का शव आठ मार्च को गांव पश्चिम पड़ा मिला था। आयुष्मान की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड का राज अभी तक नहीं खुल सका है। आज गोली से घायल हुए वीरपाल का मकान आयुष्मान के मकान के ठीक सामने है। इसके अलावा जिस खेत में आयुष्मान यादव का शव मिला था। उसी खेत के पश्चिम मात्र दस मीटर की दूरी पर वीरपाल को भी गोली मारी गई। लोगों का मानना है कि दोनों घटनाओं में कोई न कोई कड़ी जरूर जुड़ी हुई है। दोनों घटनाओं को लेकर गांव में खासी चर्चा बनी हुई है।
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बंडा। स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही के चलते गोली से घायल वीरपाल को डॉक्टरों ने प्रथम उपचार तो दूर की बात रेफर करते समय उसके ड्रिप भी लगाने की जरूरत नहीं समझी। सरकारी एंबूलेंस भी उपलब्ध नहीं हो सकी। परिवार के लोग वीरपाल को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए हैं।
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