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फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे शिक्षक फरार,रिपोर्ट दर्ज
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:42 PM IST
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फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे शिक्षक फरार
18 वर्षों से विभाग में सहायक अध्यापक पद पर कर रहे थे नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। फर्जी प्रमाण पत्रों पर प्राथमिक स्कूलों में 18 वर्षों से सहायक अध्यापक की नौकरी कर रहे तीन शिक्षकों के खिलाफ बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी शिक्षक पोल खुलने के बाद से फरार हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी शिक्षकों की तलाश में जुट गई है।
क्षेत्र के एक ग्रामीण की शिकायत पर हुई फर्जी शिक्षकों की जांच में प्राथमिक विद्यालय याकूतपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात रहे प्रीतम सिंह, प्राथमिक स्कूल खगिया नगला के सहायक अध्यापक संजीव कुमार शर्मा और उच्च प्राथमिक स्कूल नरौरा में तैनात रहे सहायक अध्यापक नन्हें सिंह के बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
खास बात यह है कि वर्ष 2001 व 2002 में नियुक्त हुए उक्त फर्जी सहायक अध्यापकों की असलियत का पता अधिकारियों को एक ग्रामीण की शिकायत पर हुई जांच के बाद चला है। इस बीच विभागीय अधिकारी उक्त फर्जी शिक्षकों की प्रति माह जमा होने वाली जीपीएफ की धनराशि प्रति वर्ष 75 प्रतिशत आहरण करते रहे।
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सूत्रों का यह भी कहना है कि कई फर्जी शिक्षक विभागीय अफसरों की सलाह पर तीन बर्ष पहले चिकित्सा अवकाश चले गए। विभाग ने ऐसे शिक्षकों को भगोड़ा घोषित कर सेवाएं समाप्त कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी जबकि विभाग को नियमानुसार भगोड़ा घोषित फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करवाकर वेतन की बसूली करनी चाहिए।
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बीएसए के निर्देश पर फर्जी प्रमाण पत्रों पर वर्ष 2001 व 2002 में सहायक अध्यापक बने प्रीतम सिंह, संजीव कुमार शर्मा व नन्हें सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अन्य फर्जी शिक्षकों के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ईश्वर कांत मिश्र
खंड शिक्षाधिकारी मिर्जापुर
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खंड शिक्षा अधिकारी के प्रार्थना पत्र पर फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे तीन सहायक अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बृजकिशोर मिश्र
थानाध्यक्ष मिर्जापुर
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18 वर्षों से विभाग में सहायक अध्यापक पद पर कर रहे थे नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। फर्जी प्रमाण पत्रों पर प्राथमिक स्कूलों में 18 वर्षों से सहायक अध्यापक की नौकरी कर रहे तीन शिक्षकों के खिलाफ बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी शिक्षक पोल खुलने के बाद से फरार हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी शिक्षकों की तलाश में जुट गई है।
क्षेत्र के एक ग्रामीण की शिकायत पर हुई फर्जी शिक्षकों की जांच में प्राथमिक विद्यालय याकूतपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात रहे प्रीतम सिंह, प्राथमिक स्कूल खगिया नगला के सहायक अध्यापक संजीव कुमार शर्मा और उच्च प्राथमिक स्कूल नरौरा में तैनात रहे सहायक अध्यापक नन्हें सिंह के बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
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खास बात यह है कि वर्ष 2001 व 2002 में नियुक्त हुए उक्त फर्जी सहायक अध्यापकों की असलियत का पता अधिकारियों को एक ग्रामीण की शिकायत पर हुई जांच के बाद चला है। इस बीच विभागीय अधिकारी उक्त फर्जी शिक्षकों की प्रति माह जमा होने वाली जीपीएफ की धनराशि प्रति वर्ष 75 प्रतिशत आहरण करते रहे।
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सूत्रों का यह भी कहना है कि कई फर्जी शिक्षक विभागीय अफसरों की सलाह पर तीन बर्ष पहले चिकित्सा अवकाश चले गए। विभाग ने ऐसे शिक्षकों को भगोड़ा घोषित कर सेवाएं समाप्त कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी जबकि विभाग को नियमानुसार भगोड़ा घोषित फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करवाकर वेतन की बसूली करनी चाहिए।
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बीएसए के निर्देश पर फर्जी प्रमाण पत्रों पर वर्ष 2001 व 2002 में सहायक अध्यापक बने प्रीतम सिंह, संजीव कुमार शर्मा व नन्हें सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अन्य फर्जी शिक्षकों के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ईश्वर कांत मिश्र
खंड शिक्षाधिकारी मिर्जापुर
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खंड शिक्षा अधिकारी के प्रार्थना पत्र पर फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे तीन सहायक अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बृजकिशोर मिश्र
थानाध्यक्ष मिर्जापुर