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18 बीघा भूमि के लिए बन गए जान के दुश्मन
शाहजहांपुर/अल्हागंज
Updated Wed, 27 May 2015 11:26 PM IST
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गांव रघुनाथपुर में एक ही कुनबे के लोग एक-दूसरे का खून बहा रहे हैं। इसकी जड़ में बलवीर और वीरपाल की चचेरी बहन चक्रवती की 18 बीघा जमीन है। इस पर कब्जे को लेकर दोनों ही एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए हैं।
बलवीर और वीरपाल के चाचा ब्रजराज की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। उन्होंने दो शादी की थीं। पहली पत्नी के कोई संतान नहीं हुई थी। दूसरी पत्नी बिटोली देवी से ब्रजराज के एक बेटी चक्रवती हुई थी। बिटोली देवी की पिछले साल मौत हो गई। बिटोली देवी की मौत के बाद उनके हिस्से की जमीन चक्रवती के नाम हो गई। बताते हैं कि बिटोली देवी के पास करीब 32 बीघा जमीन थी। बलवीर ने अपनी चाची बिटोली देवी से 14 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी। करीब दो साल पहले वीरपाल ने अपनी बेटी सुनीता की शादी चक्रवती के बेटे विमल से की थी। वीरपाल की बेटी से चक्रवती के बेटे की शादी होने के बाद बलवीर को लगने लगा कि अब जमीन पर वीरपाल का कब्जा हो जाएगा। बलवीर ने कोर्ट में मुकदमा भी दायर कर दिया। इसमें दावा किया गया है कि चक्रवती ब्रजराज की असली संतान नहीं है। 18 बीघा जमीन के लिए बलवीर और वीरपाल में गहरी दुश्मनी हो गई थी। दोनों के बीच आए दिन इसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। अंत में यह विवाद दो मौतों को कारण बन गया।
पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई घटना
करीब एक साल से वीरपाल और बलवीर पक्ष में विवाद बढ़ गया था। दोनों के बीच आए दिन झगड़े होने लगे थे। पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर नवंबर 2014 में दोनों पक्षों को निजी मुचलके पर पाबंद किया था। इसके बाद फरवरी में हुए विवाद में पुलिस ने दोनों को पाबंद किया था। मृतक सूरज के पिता मुकेश के मुताबिक उसने कल भी विवाद होने की थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना होने के करीब एक घंटा बाद पुलिस गांव पहुंची, तब तक दोनों पक्ष घायलों को लेकर गांव से निकल चुके थे।
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सूरज की मौत से नवविवाहित बहन हुई बेसुध
मुकेश ने अपनी बेटी पूजा और संध्या की शादी कर दी है। संध्या की शादी एक महीना पहले क्षेत्र के गांव देवीपुर निवासी पुष्पेंद्र से हुई थी। भाई की मौत के बाद संध्या बेसुध हो गई। सूरज की मौत के बाद मुकेश के एक बेटा किशन बचा है। पत्नी अनीता बेटे का शव देखकर अपने सिर में लगी चोट भूल गईं। अनीता के मुताबिक हमलावरों ने उनके ऊपर तलवार से वार किया था। अनीता ने बताया कि सूरज गांव में परचूनी के साथ ही बिल्डिंग मैटेरियल बेचने का काम भी करता था। वह सूरज की शादी की तैयारी में लगी थीं। इसके लिए किसी अच्छे रिश्ते का इंतजार था। अनीता ने बताया कि वह लोग पहले अपनी रिश्तेदारी में इटौरिया में रह रहे थे। 12 साल पहले ही गांव लौटे थे। इससे पहले वह रोजा क्षेत्र के गांव इटौरिया में रहते थे। गांव में पहुंचने के बाद उनके पति की परचूनी की दुकान और बिल्डिंग मैटेरियल का धंधा जम गया। इस बात को लेकर भी दूसरे पक्ष में जलन थी।
धीरपाल अकेले थे परिवार में
धीरपाल की पत्नी शकुंतला की मौत पांच साल पहले हो चुकी है। धीरपाल के तीन बेटियां हैं। इनकी शादी हो चुकी है। धीरपाल अपने परिवार में अकेले ही रह गए थे। धीरपाल की मौत झगड़ा टालने की कोशिश में हुई। विवाद होने की सूचना पर धीरपाल बीच-बचाव करने मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस ने मौके से की लाइसेंसी बंदूक बरामद
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस एक बंदूक बरामद की है जो वीरपाल के पड़ोसी हाकिम की बताई जा रही है। पुलिस गांव के लोगों से घटना के बारे पूछताछ कर रही है।
मुकेश बोला: घटना के समय थाने पर था
मुकेश ने बताया कि मंगलवार की रात विवेक ने शराब पीकर गालियां दी थीं। इसकी शिकायत उन्होंने थाने में की थी। बुधवार सुबह दरोगा महिपाल ने उसे थाने बुलाया था। घटना की समय वह थाने में था। वह जैसे ही गांव पहुंचे तो विपक्षियों ने बाइक खड़ी करने से पहले उनपर चाकू से हमला कर दिया। विपक्षियों ने दुकान से खींचकर उनके बेटे के गोली मारी थी।
गांव, अस्पताल और पोस्टमार्टम पर रही सुरक्षा
घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई। इसके साथ ही जिला अस्पताल में भर्ती लोगों की सुरक्षा के लिए एसपी ने जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर भी सुरक्षा लगा रखी थी।
सोलर लाइट को लेकर भी हुआ था विवाद
वीरपाल का बेटा विवेक सिंह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है। इसी वजह से उसकी नेताओं में अच्छी पैठ हैं। कुछ महीनों पहले गांव में सोलर लाइट लगने आई थीं। विवेक ने गांव के प्रधान रामासरे श्रीवास्तव पर दबाव बनाकर अपने घर, बहनोई राजीव सिंह के घर और धीरपाल के घर के अलावा एक-दो और जगह भी लाइटें लगवा दी थीं। इसकी शिकायत मुकेश ने एसडीएम और डीएम से की थी। डीएम के आदेश पर विवेक द्वारा लगवाई गईं सोलर लाइटें उतरवा ली गई थीं। इस बात को लेकर भी विवेक और मुकेश में विवाद चल रहा था। मुकेश ने बताया कि सोलर लाइट हटने से विवेक काफी नाराज था।
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बलवीर और वीरपाल के चाचा ब्रजराज की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। उन्होंने दो शादी की थीं। पहली पत्नी के कोई संतान नहीं हुई थी। दूसरी पत्नी बिटोली देवी से ब्रजराज के एक बेटी चक्रवती हुई थी। बिटोली देवी की पिछले साल मौत हो गई। बिटोली देवी की मौत के बाद उनके हिस्से की जमीन चक्रवती के नाम हो गई। बताते हैं कि बिटोली देवी के पास करीब 32 बीघा जमीन थी। बलवीर ने अपनी चाची बिटोली देवी से 14 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी। करीब दो साल पहले वीरपाल ने अपनी बेटी सुनीता की शादी चक्रवती के बेटे विमल से की थी। वीरपाल की बेटी से चक्रवती के बेटे की शादी होने के बाद बलवीर को लगने लगा कि अब जमीन पर वीरपाल का कब्जा हो जाएगा। बलवीर ने कोर्ट में मुकदमा भी दायर कर दिया। इसमें दावा किया गया है कि चक्रवती ब्रजराज की असली संतान नहीं है। 18 बीघा जमीन के लिए बलवीर और वीरपाल में गहरी दुश्मनी हो गई थी। दोनों के बीच आए दिन इसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। अंत में यह विवाद दो मौतों को कारण बन गया।
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पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई घटना
करीब एक साल से वीरपाल और बलवीर पक्ष में विवाद बढ़ गया था। दोनों के बीच आए दिन झगड़े होने लगे थे। पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर नवंबर 2014 में दोनों पक्षों को निजी मुचलके पर पाबंद किया था। इसके बाद फरवरी में हुए विवाद में पुलिस ने दोनों को पाबंद किया था। मृतक सूरज के पिता मुकेश के मुताबिक उसने कल भी विवाद होने की थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना होने के करीब एक घंटा बाद पुलिस गांव पहुंची, तब तक दोनों पक्ष घायलों को लेकर गांव से निकल चुके थे।
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सूरज की मौत से नवविवाहित बहन हुई बेसुध
मुकेश ने अपनी बेटी पूजा और संध्या की शादी कर दी है। संध्या की शादी एक महीना पहले क्षेत्र के गांव देवीपुर निवासी पुष्पेंद्र से हुई थी। भाई की मौत के बाद संध्या बेसुध हो गई। सूरज की मौत के बाद मुकेश के एक बेटा किशन बचा है। पत्नी अनीता बेटे का शव देखकर अपने सिर में लगी चोट भूल गईं। अनीता के मुताबिक हमलावरों ने उनके ऊपर तलवार से वार किया था। अनीता ने बताया कि सूरज गांव में परचूनी के साथ ही बिल्डिंग मैटेरियल बेचने का काम भी करता था। वह सूरज की शादी की तैयारी में लगी थीं। इसके लिए किसी अच्छे रिश्ते का इंतजार था। अनीता ने बताया कि वह लोग पहले अपनी रिश्तेदारी में इटौरिया में रह रहे थे। 12 साल पहले ही गांव लौटे थे। इससे पहले वह रोजा क्षेत्र के गांव इटौरिया में रहते थे। गांव में पहुंचने के बाद उनके पति की परचूनी की दुकान और बिल्डिंग मैटेरियल का धंधा जम गया। इस बात को लेकर भी दूसरे पक्ष में जलन थी।
धीरपाल अकेले थे परिवार में
धीरपाल की पत्नी शकुंतला की मौत पांच साल पहले हो चुकी है। धीरपाल के तीन बेटियां हैं। इनकी शादी हो चुकी है। धीरपाल अपने परिवार में अकेले ही रह गए थे। धीरपाल की मौत झगड़ा टालने की कोशिश में हुई। विवाद होने की सूचना पर धीरपाल बीच-बचाव करने मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस ने मौके से की लाइसेंसी बंदूक बरामद
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस एक बंदूक बरामद की है जो वीरपाल के पड़ोसी हाकिम की बताई जा रही है। पुलिस गांव के लोगों से घटना के बारे पूछताछ कर रही है।
मुकेश बोला: घटना के समय थाने पर था
मुकेश ने बताया कि मंगलवार की रात विवेक ने शराब पीकर गालियां दी थीं। इसकी शिकायत उन्होंने थाने में की थी। बुधवार सुबह दरोगा महिपाल ने उसे थाने बुलाया था। घटना की समय वह थाने में था। वह जैसे ही गांव पहुंचे तो विपक्षियों ने बाइक खड़ी करने से पहले उनपर चाकू से हमला कर दिया। विपक्षियों ने दुकान से खींचकर उनके बेटे के गोली मारी थी।
गांव, अस्पताल और पोस्टमार्टम पर रही सुरक्षा
घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई। इसके साथ ही जिला अस्पताल में भर्ती लोगों की सुरक्षा के लिए एसपी ने जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर भी सुरक्षा लगा रखी थी।
सोलर लाइट को लेकर भी हुआ था विवाद
वीरपाल का बेटा विवेक सिंह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है। इसी वजह से उसकी नेताओं में अच्छी पैठ हैं। कुछ महीनों पहले गांव में सोलर लाइट लगने आई थीं। विवेक ने गांव के प्रधान रामासरे श्रीवास्तव पर दबाव बनाकर अपने घर, बहनोई राजीव सिंह के घर और धीरपाल के घर के अलावा एक-दो और जगह भी लाइटें लगवा दी थीं। इसकी शिकायत मुकेश ने एसडीएम और डीएम से की थी। डीएम के आदेश पर विवेक द्वारा लगवाई गईं सोलर लाइटें उतरवा ली गई थीं। इस बात को लेकर भी विवेक और मुकेश में विवाद चल रहा था। मुकेश ने बताया कि सोलर लाइट हटने से विवेक काफी नाराज था।