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आगजनी की घटना की जांच को पहुंचे प्रशासनिक न्यायमूर्ति
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:32 AM IST
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के कार्यालय में आगजनी की घटना व मुकदमों से संबंधित तमाम फाइलों के नष्ट होने की जांच शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश समेत चार अलग-अलग टीमों ने जांच की और साक्ष्य इकट्ठे किए। इस दौरान संबंधित लोगों के बयान भी जांच टीम ने दर्ज किए। इस मौके पर सभी न्यायिक अधिकारी व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
हाईकोर्ट से प्रशासनिक न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल और लखनऊ से एटीएस, एसटीएफ के आईपी सिंह व फॉरेंसिक टीम के चंद्रप्रकाश पांडेय के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पहुंचीं। जांच टीम के सदस्यों ने सबसे पहले सीजेएम कार्यालय की ओर रुख किया जहां आगजनी की घटना हुई थीं। यहां जांच टीम में शामिल सदस्यों ने आगजनी में नष्ट हुईं फाइलों को अपने-अपने तरीके से चेक किया। फॉरेंसिक टीम ने भी फिंगर प्रिंट लेने के साथ ही कार्यालय के अंदर तमाम स्थानों से साक्ष्य इकट्ठे किए। इसी तरह से एटीएस और एसटीएफ ने भी इन्हीं पहलुओं पर साक्ष्य इकट्ठे किए। टीम के सदस्यों ने उन सभी अलमारियों को चेक किया, जिनमें मुकदमें से संबंधित फाइलें रखीं हुईं थीं। एसटीएफ और फॉरेंसिक टीम ने बिजली के शार्ट सर्किट के पहलू को भी ध्यान में रखा। इसके बाद टीम ने कार्यालय के लिपिक अनुरागपाल व अन्य लोगों से भी घटना से जुड़े बिंदुओं पर बात की। जांच टीमें दो बजे तक जजी कचहरी में मौजूद रहीं। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जांच के बाद जिला जज प्रेमकला सिंह व अन्य न्यायिक अधिकारियों से भी गेस्टहाउस में घटना को लेकर बातचीत की। जांच टीमें अभी यह परख रहीं हैं कि आग लगाई गई है, या शार्ट सर्किट से लगी है, इसके साथ ही फाइलों का भी आकलन होगा। हालांकि नाजिर की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में आग षडय़ंत्र के तहत लगाने की आशंका जताई गई है।
इस दौरान सीजेएम शिखा प्रधान, डीएम अमृत त्रिपाठी, एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी रेहान अली, अग्निशमन अधिकारी यदुनाथ सिंह यादव, सदर इंस्पेक्टर डीसी शर्मा आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।
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सवालों के घेरे में लिपिक
सीजेएम कार्यालय नियमानुसार पांच बजे बंद हो जाना चाहिए और चाबी चौकीदार के माध्यम से नजारत में जमा होनी चाहिए थी लेकिन चाबी कार्यालय के बाबू अनुरागपाल के पास थी। इस बिंदु को भी जांच टीम ने अपनी पड़ताल में शामिल किया है।
जांच टीम लौटने के बाद फाइलों की गिनती शुरू
प्रशासनिक न्यायमूर्ति के नेतृत्व में सीजेएम कार्यालय का जांच के लिए अवलोकन करने बाद अब मुकदमों से संबंधित फाइलों की गिनती का काम शुरू हो गया है। लगभग सभी अदालत के बाबूओं को इन फाइलों की तलाश करने के लिए लगाया गया है, ताकि जल्द से जल्द पता चल सके कि आगजनी में किन मुकदमों से संबंधित फाइलें नष्ट हुईं हैं या कौन सी बच गईं हैं।
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हाईकोर्ट से प्रशासनिक न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल और लखनऊ से एटीएस, एसटीएफ के आईपी सिंह व फॉरेंसिक टीम के चंद्रप्रकाश पांडेय के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पहुंचीं। जांच टीम के सदस्यों ने सबसे पहले सीजेएम कार्यालय की ओर रुख किया जहां आगजनी की घटना हुई थीं। यहां जांच टीम में शामिल सदस्यों ने आगजनी में नष्ट हुईं फाइलों को अपने-अपने तरीके से चेक किया। फॉरेंसिक टीम ने भी फिंगर प्रिंट लेने के साथ ही कार्यालय के अंदर तमाम स्थानों से साक्ष्य इकट्ठे किए। इसी तरह से एटीएस और एसटीएफ ने भी इन्हीं पहलुओं पर साक्ष्य इकट्ठे किए। टीम के सदस्यों ने उन सभी अलमारियों को चेक किया, जिनमें मुकदमें से संबंधित फाइलें रखीं हुईं थीं। एसटीएफ और फॉरेंसिक टीम ने बिजली के शार्ट सर्किट के पहलू को भी ध्यान में रखा। इसके बाद टीम ने कार्यालय के लिपिक अनुरागपाल व अन्य लोगों से भी घटना से जुड़े बिंदुओं पर बात की। जांच टीमें दो बजे तक जजी कचहरी में मौजूद रहीं। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जांच के बाद जिला जज प्रेमकला सिंह व अन्य न्यायिक अधिकारियों से भी गेस्टहाउस में घटना को लेकर बातचीत की। जांच टीमें अभी यह परख रहीं हैं कि आग लगाई गई है, या शार्ट सर्किट से लगी है, इसके साथ ही फाइलों का भी आकलन होगा। हालांकि नाजिर की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में आग षडय़ंत्र के तहत लगाने की आशंका जताई गई है।
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इस दौरान सीजेएम शिखा प्रधान, डीएम अमृत त्रिपाठी, एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी रेहान अली, अग्निशमन अधिकारी यदुनाथ सिंह यादव, सदर इंस्पेक्टर डीसी शर्मा आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।
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सीजेएम कार्यालय नियमानुसार पांच बजे बंद हो जाना चाहिए और चाबी चौकीदार के माध्यम से नजारत में जमा होनी चाहिए थी लेकिन चाबी कार्यालय के बाबू अनुरागपाल के पास थी। इस बिंदु को भी जांच टीम ने अपनी पड़ताल में शामिल किया है।
जांच टीम लौटने के बाद फाइलों की गिनती शुरू
प्रशासनिक न्यायमूर्ति के नेतृत्व में सीजेएम कार्यालय का जांच के लिए अवलोकन करने बाद अब मुकदमों से संबंधित फाइलों की गिनती का काम शुरू हो गया है। लगभग सभी अदालत के बाबूओं को इन फाइलों की तलाश करने के लिए लगाया गया है, ताकि जल्द से जल्द पता चल सके कि आगजनी में किन मुकदमों से संबंधित फाइलें नष्ट हुईं हैं या कौन सी बच गईं हैं।