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क्यूआर कोड भेजकर की जा रही ठगी, रहें सावधान : एसपी
Fri, 28 Aug 2026 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:38 PM IST
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रेवाड़ी। डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठग क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसको लेकर एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन के लिए एडवाइजरी की है। उन्होंने कहा कि ठग खरीदार, ग्राहक या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बनकर संपर्क करते हैं और खाते में पैसे भेजने का झांसा देकर क्यूआर कोड स्कैन करवाते हैं। कोड स्कैन करते ही पीड़ित के खाते से रकम कट सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि क्यूआर कोड का इस्तेमाल पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। यदि कोई व्यक्ति पैसे भेजना चाहता है तो क्यूआर कोड स्कैन करवाने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्ति के भेजे क्यूआर कोड को स्कैन न करें और लेनदेन से पहले सामने वाले की पहचान जरूर जांचें।
उन्होंने बताया कि जल्दी स्कैन करने का दबाव बनाना, अनजान नंबर या सामाजिक माध्यम से संपर्क कर लेनदेन के लिए कहना और यह कहना कि पहले क्यूआर कोड स्कैन करें, फिर पैसे मिलेंगे, ठगी के प्रमुख संकेत हैं।
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पुलिस ने लोगों से बैंकिंग और यूपीआई संबंधी जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा लालच या जल्दबाजी में कोई निर्णय न लेने की अपील की है। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर थाना में सूचना दें।
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पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि क्यूआर कोड का इस्तेमाल पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। यदि कोई व्यक्ति पैसे भेजना चाहता है तो क्यूआर कोड स्कैन करवाने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्ति के भेजे क्यूआर कोड को स्कैन न करें और लेनदेन से पहले सामने वाले की पहचान जरूर जांचें।
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उन्होंने बताया कि जल्दी स्कैन करने का दबाव बनाना, अनजान नंबर या सामाजिक माध्यम से संपर्क कर लेनदेन के लिए कहना और यह कहना कि पहले क्यूआर कोड स्कैन करें, फिर पैसे मिलेंगे, ठगी के प्रमुख संकेत हैं।
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पुलिस ने लोगों से बैंकिंग और यूपीआई संबंधी जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा लालच या जल्दबाजी में कोई निर्णय न लेने की अपील की है। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर थाना में सूचना दें।