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Sant Kabir Nagar News: जीएसटी फर्जीवाड़ा में 50-50 हजार के दो इनामी गिरफ्तार

Wed, 03 Jun 2026 02:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:23 AM IST
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Two Wanted Individuals, Each Carrying a Reward of 50,000, Arrested in GST Fraud Case
संतकबीरनगर। जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के मामले में संतकबीरनगर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपी फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों रुपये का बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम कर सरकार को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचाने के आरोप में वांछित चल रहे थे।
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एसपी संदीप कुमार मीना ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि कोतवाल जय प्रकाश दूबे की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज प्राथमिकी के मामले में वांछित आरोपी सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी और अजीत कुमार को दिल्ली के हरिनगर क्लाॅक टाॅवर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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मामले की शुरुआत तीन जुलाई 2025 को हुई थी, जब राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि यादव इंटरप्राइजेज समेत कई फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के करोड़ों रुपये का बोगस आईटीसी क्लेम किया गया।
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आरोप है कि फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई गई। एसपी ने बताया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के आधार पर अस्तित्वहीन फर्मों का जीएसटी पंजीकरण कराते थे। इसके बाद फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कंपनियों को उपलब्ध कराए जाते थे।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये डाटा साझा किया जाता था और विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। लेनदेन को वैध दिखाने के लिए बैंक खातों में धनराशि घुमाई जाती थी, जिसे बाद में नकद निकालकर वापस कर दिया जाता था। इस प्रक्रिया के जरिये वास्तविक कंपनियां भारी मात्रा में फर्जी आईटीसी का लाभ उठाती थीं।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों का संचालन करते थे और फर्जी इनवॉइस बेचकर जीएसटी चोरी कराने का काम करते थे। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

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इंसेट
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
एसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने 13 फरवरी को संदीप कुमार और अमन उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच के दौरान बरामद साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस, आईटी एक्ट और जीएसटी एक्ट की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। अब दो और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस विवेचना में जो अन्य नाम सामने आएगा। उसे भी केस में शामिल करते हुए गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
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