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Sant Kabir Nagar News: डीएलएड परीक्षा में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से माध्यमिक शिक्षक संघ नाराज
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि डीएलएड परीक्षा के नाम पर जनपद की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी गई है। पढ़ाई के पीक आवर में जनपद के माध्यमिक विद्यालयों के 125 शिक्षकों की ड्यूटी गैर विद्यालयों में कक्ष निरीक्षक के रूप में लगा दी गई है। ऐसे में विद्यालयों में पढ़ाई व अनुशासन व्यवस्था कैसे संचालित की जाए।
उन्होंने बताया कि जनपद के पांच विद्यालयों को डीएलएड परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। उन पांच विद्यालयों में अपने स्टाफ के अलावा जनपद के सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
माध्यमिक विद्यालय में इन दिनों शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। विद्यालयों में विद्यार्थियों की जबरदस्त उपस्थिति हो रही है। ऐसे में प्रधानाचार्य शिक्षकों की गैर मौजूदगी में शिक्षण कक्षाओं का संचालन कैसे करेगा।
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उन्होंने कहा कि डीएलएड परीक्षा कराने के लिए परिषदीय विद्यालय व उन राजकीय विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए थी। जहां छात्र संख्या कम है। हमारे सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एक से तीन हजार तक की छात्र संख्या में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अक्तूबर में विद्यार्थियों की छमाही परीक्षा होनी है और अभी तक पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में छमाही परीक्षा समय से कैसे प्रारंभ होगी। इन दिनों विद्यालयों में छात्रवृत्ति व यू डायस का कार्य भी प्रगति पर है। ऐसे में शिक्षण कार्य के साथ-साथ सभी काम प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना कठिन हो गया है।
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संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि डीएलएड परीक्षा के नाम पर जनपद की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी गई है। पढ़ाई के पीक आवर में जनपद के माध्यमिक विद्यालयों के 125 शिक्षकों की ड्यूटी गैर विद्यालयों में कक्ष निरीक्षक के रूप में लगा दी गई है। ऐसे में विद्यालयों में पढ़ाई व अनुशासन व्यवस्था कैसे संचालित की जाए।
उन्होंने बताया कि जनपद के पांच विद्यालयों को डीएलएड परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। उन पांच विद्यालयों में अपने स्टाफ के अलावा जनपद के सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
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माध्यमिक विद्यालय में इन दिनों शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। विद्यालयों में विद्यार्थियों की जबरदस्त उपस्थिति हो रही है। ऐसे में प्रधानाचार्य शिक्षकों की गैर मौजूदगी में शिक्षण कक्षाओं का संचालन कैसे करेगा।
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उन्होंने कहा कि डीएलएड परीक्षा कराने के लिए परिषदीय विद्यालय व उन राजकीय विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए थी। जहां छात्र संख्या कम है। हमारे सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एक से तीन हजार तक की छात्र संख्या में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अक्तूबर में विद्यार्थियों की छमाही परीक्षा होनी है और अभी तक पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में छमाही परीक्षा समय से कैसे प्रारंभ होगी। इन दिनों विद्यालयों में छात्रवृत्ति व यू डायस का कार्य भी प्रगति पर है। ऐसे में शिक्षण कार्य के साथ-साथ सभी काम प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना कठिन हो गया है।