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बंद कमरे में मिला कारीगर का शव
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:07 AM IST
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बखिरा (संतकबीरनगर)। क्षेत्र के लेडुआ-महुआ स्थित पूर्वांचल बैंक के निकट स्थित एक मकान के बंद कमरे में कारीगर की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फाटक तोड़वा कर शव को बाहर निकलवाया। पुलिस कारीगर की मौत की वजह हार्ट अटैक से होने की आशंका जता रही है। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी।
खलीलाबाद के मुखलिसपुर रोड निवासी 58 वर्षीय कृष्णजीवन वर्मा पुत्र स्वर्गीय भरत किशोर वर्मा करीब 15 सालों से लेडुआ- महुआ स्थित एक किराए के मकान में रहते थे। वह कारीगर के साथ राख से सोना ढूंढने का काम करते है। जबकि उनकी पत्नी विमलादेवी, बेटी अलका और परिवार के अन्य सदस्य खलीलाबाद रहते हैं। गुरुवार की रात कृष्णजीवन वर्मा खाना खाकर कमरे में सो गए थे। शुक्रवार को दोपहर तक दरवाजा बंद होने से पड़ोसी चिंतित हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद एसओ रामसमुझ प्रभार अपने सहयोगी एसआई राममिलन यादव, एसआई मोहम्मद असलम साथ मौके पर पहुंच गए और उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद दरवाजा को तोड़वा कर शव को बाहर निकलवाया। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। एसओ ने बताया कि कारीगर के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे। आशंका जताई जा रही है कि मौत की वजह हार्ट अटैका होगा। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। जबकि पत्नी विमला ने बताया कि वह बेटी अलका के साथ खलीलाबाद में अपने मकान में ही रहती हैं। पति बखिरा में ही रहकर सोने-चांदी के जेवरात को गलाने का काम करते थे। एक दशक से अधिक समय से यहीं रहते थे। सप्ताह में दो से तीन बार घर आते थे। मौत की खबर पाकर वह बेटी व पुत्र के साथ पहुंची थी। पति की मौत से उन्हें काफी सदमा लगा है। इतना कहते ही वह जोर-जोर से रोने लगी।
खलीलाबाद के मुखलिसपुर रोड निवासी 58 वर्षीय कृष्णजीवन वर्मा पुत्र स्वर्गीय भरत किशोर वर्मा करीब 15 सालों से लेडुआ- महुआ स्थित एक किराए के मकान में रहते थे। वह कारीगर के साथ राख से सोना ढूंढने का काम करते है। जबकि उनकी पत्नी विमलादेवी, बेटी अलका और परिवार के अन्य सदस्य खलीलाबाद रहते हैं। गुरुवार की रात कृष्णजीवन वर्मा खाना खाकर कमरे में सो गए थे। शुक्रवार को दोपहर तक दरवाजा बंद होने से पड़ोसी चिंतित हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद एसओ रामसमुझ प्रभार अपने सहयोगी एसआई राममिलन यादव, एसआई मोहम्मद असलम साथ मौके पर पहुंच गए और उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद दरवाजा को तोड़वा कर शव को बाहर निकलवाया। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। एसओ ने बताया कि कारीगर के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे। आशंका जताई जा रही है कि मौत की वजह हार्ट अटैका होगा। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। जबकि पत्नी विमला ने बताया कि वह बेटी अलका के साथ खलीलाबाद में अपने मकान में ही रहती हैं। पति बखिरा में ही रहकर सोने-चांदी के जेवरात को गलाने का काम करते थे। एक दशक से अधिक समय से यहीं रहते थे। सप्ताह में दो से तीन बार घर आते थे। मौत की खबर पाकर वह बेटी व पुत्र के साथ पहुंची थी। पति की मौत से उन्हें काफी सदमा लगा है। इतना कहते ही वह जोर-जोर से रोने लगी।
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