{"_id":"57c5ccfc4f1c1b453b2cb2e6","slug":"4-given-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"सगे भाई समेत चार को छह साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सगे भाई समेत चार को छह साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के औरही गांव में सात साल पूर्व एक महिला की झोपड़ी फूंक देने और मारने -पीटने के मामले की सुनवाई के बाद एडीजे प्रफुल्ल कमल ने दो सगे भाई समेत चार लोगों को छह साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही 5000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न करने की दशा में चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
औरही गांव निवासी बादामा देवी पत्नी गोरख प्रसाद का आरोप था कि 13 फरवरी 2009 की रात उसके गांव के अनिल पुत्र तमई, चंद्रप्रकाश व झिनकू पुत्रगण रामअचल और झीनक पुत्र राजाराम रंजिशन लाठी,डंडे के साथ उसके घर चढ़ आए। गाली गलौज देते हुए जान से मार देने की धमकी देकर वापस चले गए। आरोप था कि चारों लोग रात 12 बजे फिर आए और उसकी झोपड़ी फूंक दिए। जाते वक्त उसे मारे -पीटे और जानमाल की धमकी भी दी।
आग से झोपड़ी में रखा वर्तन,कपड़ा,विस्तर,अनाज आदि जल गया। पीड़िता ने कोतवाली में चारो लोगों के खिलाफ झोपड़ी फूंक देने,मारने-पीटने और जानमाल की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया था। मामले की सुनवाई के बाद एडीजे प्रफुल्ल कमल ने चारों आरोपियों को दोष सिद्घ करार देते हुए छह साल की सजा सुनाई और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की दशा में चार माह की अतिरिक्त सजा काटने का भी आदेश पारित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
औरही गांव निवासी बादामा देवी पत्नी गोरख प्रसाद का आरोप था कि 13 फरवरी 2009 की रात उसके गांव के अनिल पुत्र तमई, चंद्रप्रकाश व झिनकू पुत्रगण रामअचल और झीनक पुत्र राजाराम रंजिशन लाठी,डंडे के साथ उसके घर चढ़ आए। गाली गलौज देते हुए जान से मार देने की धमकी देकर वापस चले गए। आरोप था कि चारों लोग रात 12 बजे फिर आए और उसकी झोपड़ी फूंक दिए। जाते वक्त उसे मारे -पीटे और जानमाल की धमकी भी दी।
विज्ञापन
आग से झोपड़ी में रखा वर्तन,कपड़ा,विस्तर,अनाज आदि जल गया। पीड़िता ने कोतवाली में चारो लोगों के खिलाफ झोपड़ी फूंक देने,मारने-पीटने और जानमाल की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया था। मामले की सुनवाई के बाद एडीजे प्रफुल्ल कमल ने चारों आरोपियों को दोष सिद्घ करार देते हुए छह साल की सजा सुनाई और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की दशा में चार माह की अतिरिक्त सजा काटने का भी आदेश पारित किया है।
विज्ञापन