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संदिग्ध हाल में प्रधान के बेटे की मौत
Updated Mon, 07 May 2018 11:11 PM IST
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- फोटो : डेमो
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सांथा (संतकबीरनगर)। बखिरा क्षेत्र के बजही ग्राम प्रधान के छोटे बेटे की उनके राजेडीहा बाजार स्थित मकान में संदिग्ध हाल में मौत हो गई। सोमवार को घटना की सूचना पर परिजन और आस-पास के लोग जुट गए। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अज्ञात कारणों की वजह से युवक के जरिए छत की कुंडी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। जिसकी वजह से पुलिस ने पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
बजही ग्राम प्रधान इंद्राज चौधरी का राजेडीहा बाजार में भी मकान है। उनके छोटे 20 वर्षीय बेटे शिव कुमार उर्फ सूरज चौधरी राजेडीहा मकान में ही रात्रि में निवास करते थे। रविवार की रात घर से भोजन करने के बाद शिव कुमार उर्फ सूरज अपने राजेडीहा बाजार स्थित मकान पर सोने गए थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार की सुबह जब काफी देर तक शिव कुमार उर्फ सूरज अपने पैतृक निवास बजही नहीं पहुंचे तो उनके बड़े भाई कृष्णा राजेडीहा स्थित मकान पर पहुंच गए। कृष्णा चौधरी के काफी गुहार के बाद जब अंदर से छोटे भाई बाहर नहीं निकले तो वह परेशान हो गए। मुख्य शटर की कुंडी को तोड़कर वह अंदर गए तो देखा कि मकान के छत की कुंडी से गमछे के सहारे भाई शिव कुमार उर्फ सूरज चौधरी का शव लटक रहा था। बड़े भाई कृष्णा ने शोर मचाया तो आस-पास के लोग जुट गए। कृष्णा ने लोगों की मदद से शव को नीचे उतारा। बाद में प्रधान इंद्राज चौधरी और बजही गांव के तमाम लोग पहुंच गए। सूचना के बाद थानाध्यक्ष राम समुझ प्रभाकर तथा सांथा चौकी इंचार्ज मोतीचंद भी मौके पर पहुंच कर घटना की जांच पड़ताल की। चौकी इंचार्ज मोतीचंद ने बताया कि प्रधान इंद्राज चौधरी ने बताया कि उसका बेटा शिवकुमार उर्फ सूरज खुद की जेसीबी की देखरेख करता था। बेटा रात में घर से सोने के लिए राजेडीहा मकान पर गया, लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि बेटे ने आखिर क्यों आत्मघाती कदम उठा लिया? बेटे की मौत पर पिता इंद्राज और मां कृष्णावती का रो- रो कर बुरा हाल था। परिजनों की मांग पर पंचनामा के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
बजही ग्राम प्रधान इंद्राज चौधरी का राजेडीहा बाजार में भी मकान है। उनके छोटे 20 वर्षीय बेटे शिव कुमार उर्फ सूरज चौधरी राजेडीहा मकान में ही रात्रि में निवास करते थे। रविवार की रात घर से भोजन करने के बाद शिव कुमार उर्फ सूरज अपने राजेडीहा बाजार स्थित मकान पर सोने गए थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार की सुबह जब काफी देर तक शिव कुमार उर्फ सूरज अपने पैतृक निवास बजही नहीं पहुंचे तो उनके बड़े भाई कृष्णा राजेडीहा स्थित मकान पर पहुंच गए। कृष्णा चौधरी के काफी गुहार के बाद जब अंदर से छोटे भाई बाहर नहीं निकले तो वह परेशान हो गए। मुख्य शटर की कुंडी को तोड़कर वह अंदर गए तो देखा कि मकान के छत की कुंडी से गमछे के सहारे भाई शिव कुमार उर्फ सूरज चौधरी का शव लटक रहा था। बड़े भाई कृष्णा ने शोर मचाया तो आस-पास के लोग जुट गए। कृष्णा ने लोगों की मदद से शव को नीचे उतारा। बाद में प्रधान इंद्राज चौधरी और बजही गांव के तमाम लोग पहुंच गए। सूचना के बाद थानाध्यक्ष राम समुझ प्रभाकर तथा सांथा चौकी इंचार्ज मोतीचंद भी मौके पर पहुंच कर घटना की जांच पड़ताल की। चौकी इंचार्ज मोतीचंद ने बताया कि प्रधान इंद्राज चौधरी ने बताया कि उसका बेटा शिवकुमार उर्फ सूरज खुद की जेसीबी की देखरेख करता था। बेटा रात में घर से सोने के लिए राजेडीहा मकान पर गया, लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि बेटे ने आखिर क्यों आत्मघाती कदम उठा लिया? बेटे की मौत पर पिता इंद्राज और मां कृष्णावती का रो- रो कर बुरा हाल था। परिजनों की मांग पर पंचनामा के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
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