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Ghaziabad News: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के चलते ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध
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गाजियाबाद। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के मद्देनजर गाजियाबाद कमिश्नरेट को नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है। यह प्रतिबंध 05 सितंबर से लागू होकर 15 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरन नैय्यर ने सुरक्षा खतरों को देखते हुए यह आदेश जारी किया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजकरन नैय्यर ने बताया कि जिले में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडर और हॉट बैलून जैसी उड़ने वाली वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह निषेधाज्ञा भारतीय न्याय संहिता की धारा 163, बीएनएसएस-2023 के अंतर्गत जारी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य लोक व्यवस्था और शांति बनाए रखना है।
असामाजिक तत्वों से संभावित खतरों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना चाहता है, तो उसे अनुमति लेनी होगी। इसके लिए संबंधित स्थानीय थाने को ड्रोन और ऑपरेटर की पूरी जानकारी देनी होगी। फिर संबंधित पुलिस उपायुक्त से अनुमति प्राप्त करनी होगी। सरकारी कार्यालयों और अन्य स्थानों पर भी बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है।
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बताया कि यह प्रतिबंध 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के आयोजन को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। सम्मेलन भारत मंडपम, नई दिल्ली में प्रस्तावित है। इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन जैसी उड़ने वाली वस्तुओं से संभावित खतरों की आशंका है। यह आदेश 15 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक लागू रहेगा। उल्लंघन करने पर ड्रोन को नष्ट करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजकरन नैय्यर ने बताया कि जिले में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडर और हॉट बैलून जैसी उड़ने वाली वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह निषेधाज्ञा भारतीय न्याय संहिता की धारा 163, बीएनएसएस-2023 के अंतर्गत जारी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य लोक व्यवस्था और शांति बनाए रखना है।
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असामाजिक तत्वों से संभावित खतरों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना चाहता है, तो उसे अनुमति लेनी होगी। इसके लिए संबंधित स्थानीय थाने को ड्रोन और ऑपरेटर की पूरी जानकारी देनी होगी। फिर संबंधित पुलिस उपायुक्त से अनुमति प्राप्त करनी होगी। सरकारी कार्यालयों और अन्य स्थानों पर भी बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है।
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बताया कि यह प्रतिबंध 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के आयोजन को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। सम्मेलन भारत मंडपम, नई दिल्ली में प्रस्तावित है। इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन जैसी उड़ने वाली वस्तुओं से संभावित खतरों की आशंका है। यह आदेश 15 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक लागू रहेगा। उल्लंघन करने पर ड्रोन को नष्ट करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।