{"_id":"6a9c6ed85d08a6239e0729d9","slug":"teen-dies-after-being-injected-by-a-quack-family-expresses-outrage-basti-news-c-207-1-bst1019-166010-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: झोलाछाप ने लगाया इंजेक्शन, किशोर की मौत, परिजन ने जताया आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: झोलाछाप ने लगाया इंजेक्शन, किशोर की मौत, परिजन ने जताया आक्रोश
विज्ञापन
घटना के बाद भाई अतुल को पकड़कर रोती मृतक की मां लीलावती। -संवाद
रुधौली। थाना क्षेत्र के नसीबगंज चौराहे पर शुक्रवार को एक झोलाछाप के क्लिनिक में इलाज कराने गए 14 वर्षीय किशोर की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। किशोर के परिजनों ने झोलाछाप पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया और कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
निवारबार निवासी पूर्णमासी का बेटा प्रशांत उर्फ रवि (14) रक्षाबंधन पर अपनी मां लीलावती के साथ तिगोड़िया स्थित ननिहाल आया था। रक्षाबंधन के बाद उसकी मां घर लौट गई, जबकि प्रशांत ननिहाल में ही रुक गया था। लीलावती के छोटे भाई अतुल के अनुसार, दो दिन पहले प्रशांत के दाहिने पैर में छोटे-छोटे दाने निकल आए थे और खुजली हो रही थी। शुक्रवार को वह अपने ममेरे भाई दीपक के साथ नसीबगंज चौराहे पर सीके विश्वास के क्लिनिक में इलाज कराने गया था। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप ने एक सहयोगी से दवा इंजेक्शन में भरवाकर प्रशांत को लगा दी।
इंजेक्शन लगने के करीब 10 मिनट बाद प्रशांत की हालत बिगड़ने लगी। उसे उल्टी और चक्कर आने लगे तथा मुंह से झाग निकलने लगा। दीपक ने इसकी सूचना अपने चाचा अतुल को दी। परिजन उसे तत्काल सीएचसी रुधौली ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के आक्रोश के बीच आरोपी झोलाछाप क्लिनिक बंद कर मौके से चला गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशांत दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। वह हनुमानगंज क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र था। उसके पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं।
-- -- -- -- -
30 साल से चौराहे पर क्लिनिक चलाने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, नसीबगंज चौराहे पर आरोपी करीब 30 वर्षों से क्लिनिक चला रहा था। वर्तमान में वह गया प्रसाद के मकान में क्लिनिक संचालित कर रहा था। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कथित मिलीभगत से लंबे समय से क्लिनिक संचालित होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
-- -- -- --
मां बोली, नहीं पता था बेटे को जिंदा नहीं देख पाऊंगी
प्रशांत की मां लीलावती घटना की जानकारी मिलने पर रोते-बिलखते ननिहाल पहुंचीं। उन्होंने कहा, नहीं पता था कि बेटे को जिंदा नहीं देख पाऊंगी। पहले से पता होता तो उसे यहां नहीं छोड़ती। बेटे का शव देखकर मां की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। मामले की जांच की जा रही है।
-- -- -- -- --
झोलाछापों को चिह्नित कर होगी कार्रवाई
सीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। घटना के बाद आरोपी मौके से लापता है। टीम बनाकर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में झोलाछापों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
निवारबार निवासी पूर्णमासी का बेटा प्रशांत उर्फ रवि (14) रक्षाबंधन पर अपनी मां लीलावती के साथ तिगोड़िया स्थित ननिहाल आया था। रक्षाबंधन के बाद उसकी मां घर लौट गई, जबकि प्रशांत ननिहाल में ही रुक गया था। लीलावती के छोटे भाई अतुल के अनुसार, दो दिन पहले प्रशांत के दाहिने पैर में छोटे-छोटे दाने निकल आए थे और खुजली हो रही थी। शुक्रवार को वह अपने ममेरे भाई दीपक के साथ नसीबगंज चौराहे पर सीके विश्वास के क्लिनिक में इलाज कराने गया था। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप ने एक सहयोगी से दवा इंजेक्शन में भरवाकर प्रशांत को लगा दी।
विज्ञापन
इंजेक्शन लगने के करीब 10 मिनट बाद प्रशांत की हालत बिगड़ने लगी। उसे उल्टी और चक्कर आने लगे तथा मुंह से झाग निकलने लगा। दीपक ने इसकी सूचना अपने चाचा अतुल को दी। परिजन उसे तत्काल सीएचसी रुधौली ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के आक्रोश के बीच आरोपी झोलाछाप क्लिनिक बंद कर मौके से चला गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशांत दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। वह हनुमानगंज क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र था। उसके पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं।
30 साल से चौराहे पर क्लिनिक चलाने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, नसीबगंज चौराहे पर आरोपी करीब 30 वर्षों से क्लिनिक चला रहा था। वर्तमान में वह गया प्रसाद के मकान में क्लिनिक संचालित कर रहा था। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कथित मिलीभगत से लंबे समय से क्लिनिक संचालित होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मां बोली, नहीं पता था बेटे को जिंदा नहीं देख पाऊंगी
प्रशांत की मां लीलावती घटना की जानकारी मिलने पर रोते-बिलखते ननिहाल पहुंचीं। उन्होंने कहा, नहीं पता था कि बेटे को जिंदा नहीं देख पाऊंगी। पहले से पता होता तो उसे यहां नहीं छोड़ती। बेटे का शव देखकर मां की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। मामले की जांच की जा रही है।
झोलाछापों को चिह्नित कर होगी कार्रवाई
सीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। घटना के बाद आरोपी मौके से लापता है। टीम बनाकर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में झोलाछापों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।