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जनरल वार्ड का हाल बेहाल
Updated Fri, 08 Sep 2017 07:03 PM IST
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संतकबीरनगर। 100 बेड के संयुक्त जिला अस्पताल का जनरल वार्ड कहने को तो 43 बेड का है, पर कभी-कभी मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाकर इलाज किया जाता है। अस्पताल में 29 चिकित्सको के सापेक्ष 24 चिकित्सक तैनात है। अस्पताल प्रशासन चिकित्सको की तैनाती से संबंधित शासन को प्रस्ताव भेज चुका है।
वर्ष 2014 में संयुक्त जिला अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हुुआ और सीएचसी खलीलाबाद से अस्पताल ट्रांसफर होकर 17 दिसंबर 2014 से नए भवन में कार्य करना शुरू कर दिया। नया अस्पताल होने के चलते यहा पर 29 चिकित्सकों की तैनाती हुई। एक साल बाद चार चिकित्सक पुलिस भर्ती परीक्षा में मेडिकल बनवाने में घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार हुए तो शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। अभी तक उनकी बहाली नहीं हुई। वहीं एक चिकित्सक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे अब अस्पताल में 24 चिकित्सक अपनी सेवा दे रहे हैं। अस्पताल का जनरल वार्ड 43 बेड, इमरजेंसी वार्ड आठ बेड, आईसीयू वार्ड 10 बेड, महिला वार्ड में 10 बेड समेत कुल 100 बेड का अस्पताल है।
43 बेड के जनरल वार्ड कभी कभी 80 से 90 मरीज भर्ती होते है और एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाकर इलाज किया जाता है। जनरल वार्ड में तैनात एक स्टाफ नर्स ने बताया कि मरीजो की संख्या कभी कभी अधिक हो जाती है तो एक-एक बेड पर दो-दो मरीज सुलाकर इलाज किया जाता है। जनरल वार्ड में भर्ती मरीज के तीमरदार उमरीकला निवासी आरतखी ने कहा कि वह पिछले आठ दिनों से अपनी बेटी विजय लक्ष्मी को लेकर भर्ती है। इलाज हो रहा है। दवाएं आदि भी मिल रही हैं।
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बड़गो निवासी दीपचंद ने बताया कि अपने भाई को भर्ती कराया है। अस्पताल में सुविधा दी जा रही है। सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि 100 बेड का अस्पताल है, लेकिन 11 बेड लगाया गया है। जरूरत के हिसाब से मरीजो की संख्या अधिक होने पर उनको बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जाता है। जहा तक चिकित्सको की तैनाती का मामला है तो उसके लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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वर्ष 2014 में संयुक्त जिला अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हुुआ और सीएचसी खलीलाबाद से अस्पताल ट्रांसफर होकर 17 दिसंबर 2014 से नए भवन में कार्य करना शुरू कर दिया। नया अस्पताल होने के चलते यहा पर 29 चिकित्सकों की तैनाती हुई। एक साल बाद चार चिकित्सक पुलिस भर्ती परीक्षा में मेडिकल बनवाने में घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार हुए तो शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। अभी तक उनकी बहाली नहीं हुई। वहीं एक चिकित्सक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे अब अस्पताल में 24 चिकित्सक अपनी सेवा दे रहे हैं। अस्पताल का जनरल वार्ड 43 बेड, इमरजेंसी वार्ड आठ बेड, आईसीयू वार्ड 10 बेड, महिला वार्ड में 10 बेड समेत कुल 100 बेड का अस्पताल है।
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43 बेड के जनरल वार्ड कभी कभी 80 से 90 मरीज भर्ती होते है और एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाकर इलाज किया जाता है। जनरल वार्ड में तैनात एक स्टाफ नर्स ने बताया कि मरीजो की संख्या कभी कभी अधिक हो जाती है तो एक-एक बेड पर दो-दो मरीज सुलाकर इलाज किया जाता है। जनरल वार्ड में भर्ती मरीज के तीमरदार उमरीकला निवासी आरतखी ने कहा कि वह पिछले आठ दिनों से अपनी बेटी विजय लक्ष्मी को लेकर भर्ती है। इलाज हो रहा है। दवाएं आदि भी मिल रही हैं।
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बड़गो निवासी दीपचंद ने बताया कि अपने भाई को भर्ती कराया है। अस्पताल में सुविधा दी जा रही है। सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि 100 बेड का अस्पताल है, लेकिन 11 बेड लगाया गया है। जरूरत के हिसाब से मरीजो की संख्या अधिक होने पर उनको बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जाता है। जहा तक चिकित्सको की तैनाती का मामला है तो उसके लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।