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सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
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अयोध्या प्रकरणः कल्याण सिंह बतौर आरोपी 27 को अदालत में तलब, विशेष न्यायाधीश ने दिया आदेश

अयोध्या प्रकरण के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को बतौर आरोपी तलब किया है।

22 सितंबर 2019

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संभल

रविवार, 22 सितंबर 2019

लक्ष्य तय कर मन से काम करने से मिलेगी सफलता

संभल। संभल जिले के नरौली स्थित सरदार सिंह इंटर कालेज में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत नारी सशक्तिकरण पर जोर रहा। विभिन्न क्षेत्रों की सफलतम महिलाओं ने मेरी कहानी मेरी जुबानी शीर्षक के तहत अपने जीवन संघर्ष का जिक्र करते हुए बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा ने कहा कि जो भी काम करें उसे पूरे मन से करें सफलता मिलेगी। अगर डरेंगी नहीं तो आगे बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि अन्याय सहन न करें। तत्काल विरोध करें।
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राजकीय डिग्री कॉलेज हयातनगर की प्राचार्य डा. प्रभा शर्मा ने कहा- बेटी और बेटे में कोई अंतर नहीं होता। बेटियां हर क्षेत्र में कामयाब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई बेटी अपना इरादा बनाकर लक्ष्य के लिए प्रयास करे तो उसे कामयाबी अवश्य मिलेगी। विशिष्ट अतिथि एशियन हसीना बेगम हास्पिटल की वरिष्ठ चिकित्सक डा. स्मिता पाटिल ने कहा कि अगर मन में ठान लेें तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता। जैसे वह एमबीबीएस करके डाक्टर बनीं।
वैसे ही नरौली की तमाम छात्राएं डाक्टर बन सकती हैं लेकिन सपने में भी अपने लक्ष्य को याद रखें। विशिष्ट अतिथि डा. प्रियंका गुप्ता ने बताया कि वह भीलवाड़ा राजस्थान की हैं लेकिन तमाम रुढ़िवादी सोच के बीच उन्होंने कामयाबी हासिल की है। उनकी जिद थी डाक्टर बनने की तो पिता ने भी सपोर्ट दिया और सफलता मिल गई। इसलिए खुद पर भरोसा करो और लक्ष्य के लिए आगे बढ़ो।
कामयाबी मिलती जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की महिला हेल्पलाइन 181 की सुविधादाता प्रतीक्षा मिश्रा ने कहा कि वह पुलिस में जाना चाहती थीं लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इससे वह निराश नहीं हुईं बल्कि सरकारी नौकरी के लिए प्रयास करती रहीं और अब 181 में सुविधादाता के पद पर है।
इसलिए प्रयास जारी रखें। हार न मानें। सरदार सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य करन सिंह ने अपराजिता मुहिम को सराहनीय बताया। कुवंर कंचन सिंह महाविद्यालय नरौली में हिंदी की विभागाध्यक्ष डा. ज्योत्सना शर्मा ने नारी गरिमा के लिए शपथ दिलाई। रानी इंद्र कुवंरि इंटर कालेज की प्रधानाचार्य रश्मि मिश्र, कुंवर कंचन सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य रुपेश मिश्रा समेत कई प्रमुख लोगों और शिक्षकों ने भागीदारी की।
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अधिवक्ताओं ने सीओ के खिलाफ किया प्रदर्शन

चंदौसी। एक अधिवक्ता के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने सोमवार की सुबह बैठक के बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा के स्थानांतरण और निलंबन की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया। अधिवक्ताओं ने कचहरी रोड पर जाम लगाकर चिलचिलाती धूप के बीच दिनभर विरोध प्रदर्शन कर सीओ के खिलाफ नारेबाजी की।
सोमवार की सुबह कचहरी परिसर चंदौसी बार एसोसिएशन चंदौसी के अध्यक्ष टेकचंद यादव की अध्यक्षता व सचिव मनोज कुमार वार्ष्णेय के संचालन में बैठक की गई। जिसमें बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा ने अधिवक्ता कमल सिंह को 14 सितंबर की शाम सात बजे अपने कार्यालय बुलाकर उन्हें अकारण अपमानित कर दुर्व्यवहार किया। 15 सितंबर को अधिवक्ता को शांति भंग होने की आशंका में चालान करा दिया।
अधिवक्ताओं ने सीओ से व्यवहार की निंदा करते हुए सीओ पूनम मिश्रा के स्थानांतरण/निलंबन होने तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का एलान कर दिया। पुलिस महानिदेशक समेत कई अधिकारियों को ज्ञापन भी भेजे गए। इसके बाद भड़के अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर के सामने रोड पर आकर सीओ के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। रोड पर लकड़ी डालकर, ठिलिया व बाइक खड़ी करके जाम लगा दिया। सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भीषण गर्मी के बीच वकीलों ने सड़क पर बैठकर आंदोलन किया। अधिवक्ताओं का आंदोलन दिनभर जारी रहा। कोतवाल धर्मपाल अधिवक्ताओं को समझाने पहुंचे लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। कचहरी गेट के सामने दिनभर जाम लगा रहा, जिससे लोगों को दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इसमें विनोद सिंह, राजेश यादव, इसरार अहमद, कमर अली, विक्रम सिंह, भारत सिंह, महेंद्रपाल सिंह, जमाल पाशा, शरद ठाकुर, संजय शर्मा, राहुल चौधरी आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
वहीं, व्यवहार एवं सत्र बार एसोसिएशन चंदौसी की कचहरी परिसर में अध्यक्ष हरी प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता व आबाद मियां कुरैशी के संचालन में हुई सभा में अधिवक्ता कमल सिंह के साथ अभद्रता पर सीओ चंदौसी की कार्यप्रणाली की निंदा की गई। सीओ के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की मांग की गई। इसमें नीरेश अरुण, सतीश चंद्र, मेहंदी हसन, टीआर सिंह, भारत सिंह आदि कई अधिवक्ता शामिल रहे।
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अपंजीकृत चिकित्सक के उपचार से महिला की मौत, हंगामा

संभल। नखासा थाना क्षेत्र के गांव सुजातपुर में अपंजीकृत चिकित्सक के उपचार से महिला की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने हंगामा किया है। साथ ही अपंजीकृृत चिकित्सक पर गलत उपचार देने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नखासा थाना क्षेत्र के गांव सुजातपुर निवासी हरि सिंह की पत्नी फूलवती (45) की मौत हो गई। परिजनों ने गांव के एक अपंजीकृत चिकित्सक पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया है।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई। चिकित्सक दुकान बंद कर मौके से भाग गया। पुलिस ने पीड़ित परिवार से जानकारी की। मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी को रविवार की सुबह चार बजे करीब पेट में दर्द हुआ था। घरेलू उपाय किया तो कोई फायदा नहीं हुआ। गांव के चिकित्सक को उपचार के लिए बुलाया गया। उसने गलत दवाई दे दी। जिससे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई।
बताया कि हालत बिगड़ने पर संभल के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ित परिवार ने गलत दवाई देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं नखासा थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि सूचना पर पहुंचे थे। महिला की मौत हुई है। परिजनों ने गलत दवाई देने की बात कही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों को 65.59 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना मूल्य के लिए करना पड़ेगा इंतजार

संभल। बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए राज्य सरकार ने जो समय सीमा तय की थी वह बीत गई। भुगतान शत प्रतिशत नहीं हो सका। अभी भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ेगा। जिले में तीन चीनी मिलें हैं जिसमें एक चीनी मिल ने अपना शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। दो चीनी मिलों के पास 65.59 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। इसके लिए किसानों का एक-एक दिन इंतजार में बीत रहा है। इस बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किसानों के हक में एक बड़ा फैसला दिया है। इसमें राज्य सरकार को बकाया भुगतान मय ब्याज के करने के लिए एक महीने का मौका दिया गया है। इसके बाद किसानों को जल्द ही भुगतान की उम्मीद बंध गई है।
जनपद संभल के गन्ना किसानों के 65.59 करोड़ दो चीनी मिलों ने दबा रखे हैं। बकाया मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन ने चीनी मिलों पर दबाव बनाया है। क्योंकि बकाया के मुद्दे की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने साफ कहा है कि अफसरों को सोते रहने की अनुमति नहीं है। किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का मय ब्याज के एक महीने में भुगतान कराने का आदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव और गन्ना आयुक्त को दिए हैं।
अब अगर देरी होती है तो न्यायालय के स्तर से अगली कार्रवाई हो सकती है। इस बीच अच्छी बात यह है कि जिला गन्ना अधिकारी बकाया का भुगतान कराने के लिए लगातार मिलों के संपर्क में है। असमोली चीनी मिल ने अपना शत प्रतिशत भुगतान करके रिकार्ड बना दिया है। जिले की कोई चीनी मिल अभी तक शत प्रतिशत भुगतान नहीं कर सकी है। असमोली स्थित डीएसएम शुगर मिल ने दो दिन पहले 22 करोड़ रुपये के भुगतान जारी करके किसानों का बकाया चुका दिया। अब रजपुरा स्थित डीएसएम शुगर मिल भुगतान करने वाली है।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि रजपुरा चीनी मिल एक दो दिन में 19.91 करोड़ रुपये के कुल बकाया भुगतान कर देगी। सिर्फ मझावली स्थित वीनस शुगर मिल के भुगतान में देरी हो सकती है। क्योंकि वीनस शुगर मिल पर सबसे ज्यादा 45.65 करोड़ रुपये बकाया है। वीनस शुगर मिल प्रबंधन अभी तक भुगतान का शेड्यूल नहीं पेश कर सके हैं। मझावली शुगर मिल के बकाया का मुद्दा लखनऊ में आयोजित रिजर्वेशन की बैठक में भी उठा था। बैठक में गन्ना आयुक्त ने मझावली चीनी मिल के अध्याशी से कहा है कि वे अपने एमडी को भेजकर उनके सामने भुगतान की कार्ययोजना को प्रस्तुत करें। इससे भुगतान की उम्मीद बनेगी।
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70 crore due of sugarcane payment in sambhal 70 crore due of sugarcane payment in sambhal

अवैध ई-रिक्शा बने शहर के लिए मुसीबत, लग रहा जाम

संभल। नगर में बढ़ती ई-रिक्शों की संख्या अव्यवस्था फैला रही है। अवैध रूप से संचालित हो रहे अवैध ई-रिक्शों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। शहर के किसी भी हिस्से में ई-रिक्शों की काफी संख्या नजर आ जाएगी। इनकी बढ़ती संख्या जाम के हालात पैदा कर रही है। प्रशासन की अंदेखी नगरवासियों को और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है। जबकि प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
यदि ऐसे ही हालात रहे तो शहर ई-रिक्शों से भर जाएगा। जहां पैदल निकलना भी मुश्किल होगा। नगर वासियों में प्रशासन की इस उदासीनता से रोष है। इन ई-रिक्शों के संचालन के लिए मानक तय होने चाहिए। जिससे शहर की व्यवस्था बनी रहे।
गुरुवार को शहर में जगह-जगह जाम के हालात नजर आए। मुख्य चौराहों पर भी यही हालात रहे। चंदौसी चौराहे पर दोपहर के समय कई बार जाम के हालात बने और सुधरे। इस जाम के जिम्मेदार वह ई-रिक्शा थे जो चौराहे पर चारों दिशाओं को जाने के लिए खड़े थे। साथ ही कुछ चल भी रहे थे। जबकि चौराहे पर यातायात पुलिस तैनात थी। बार बार जाम के हालत होने के बाद भी यातायात पुलिस तमीशबीन बनी रही।
यही हाल यशोदा चौराहा, आर्य समाज मार्ग, कोतवाली मार्ग, नखासा तिराहा, चौधरी सराय का रहा। जबकि नगर वासियों और राहगीरों को इन ई रिक्शों से परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों को होती है।
जगह-जगह स्कूल वाहन जाम में फंसे दिखाई देते हैं। नगरवासियों का कहना है कि इन ई-रिक्शों का मानक तय होना चाहिए। संबंधित क्षेत्र के लिए नगर पालिका को भी अपनी परमिशन देनी चाहिए। लेकिन इस सब से पहले सहायक संभागीय विभाग में रजिस्ट्रर होना अनिवाय है। लेकिन सहायक संभागीय विभाग की मेहरबानी इस कदर है कि अवैध ई-रिक्शों के संचालन पर कोई कार्रवाई नहीं हैं। जबकि नगर में प्रतिदिन एक दर्जन ई-रिक्शों की खरीदारी हो रही है। जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो नगर ई-रिक्शों से भर जाएगा।
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कबाड़ गोदामों से मिले ट्रैक्टर चोरी के निकले, छह कारोबारी गिरफ्तार

संभल। नखासा पुलिस ने कबाड़ गोदाम से चोरी के 10 ट्रैक्टर और ट्रैक्टर के पार्ट्स बरामद करने के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी के ट्रैक्टर खरीदने और बेचने की बात स्वीकार की है। इसका खुलासा पुलिस क्षेत्राधिकारी ने किया। पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है। काले कारोबार में कितने लोग और शामिल हैं। इसमें छानबीन के लिए पुलिस आरोपियों की न्यायालय से रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी। ताकि तहकीकात आगे बढ़ सके।
गुरुवार को नखासा पुलिस ने चोरी के ट्रैक्टर खरीदने और बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। यह खुलासा पुलिस क्षेत्राधिकारी डा. केके सरोज ने किया। इसमें आरोपियों से दस चोरी के ट्रैक्टर और पार्ट्स बरामद किए हैं।
मालूम हो बुधवार को नखासा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नखासा थाना क्षेत्र के रायसत्ती खेड़ा में कबाड़ के पांच गोदामों पर छापा मारा था। जहां से चोरी के ट्रैक्टर और ट्रैक्टर के पार्ट्स बरामद किए थे। साथ ही मौके से थाना क्षेत्र के मोहल्ला शहबाजपुरा निवासी अहसान, कादिर, सऊद, मोहल्ला तिमरदास सराय निवासी हारून, खग्गूसराय निवासी फुरकान और हातिम सराय निवासी अरकान को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह लोग चोरी के ट्रैक्टर खरीदने और बेचने का कारोबार करते हैं। पुलिस की छानबीन अभी यहीं नहीं रुकी है। अब पुलिस आरोपियों की रिमांड लेने के लिए न्यायालय से गुहार लगाएगी। जिससे उन आरोपियों को भी पकड़ा जा सके जो इस काले कारोबार में शामिल हैं। पुलिस को अंदेशा है कि यह काला कारोबार का संपर्क बड़ा है।
दशकों से चल रहा है संभल में ट्रैक्टर पार्ट्स बेचने का काम
संभल। नगर में ट्रैक्टर के पार्ट्स बेचने का काम कई दशकों से चल रहा है। यहां के बाजार से दूर दराज के लोग पार्ट्स खरीदने आते हैं। इसी के आड़ में चोरी का धंधा शुरू कर दिया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दो थानों के बीच संचालित होते इस कारोबार पर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी। यदि पहले से कार्रवाई होती तो शायद यह कारोबार काफी समय पहले बंद हो चुका होता। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब जो कार्रवाई हुई है उससे यही जाहिर है कि इस कबाड़ बाजार में चोरी का धंधा काफी पुराना है। क्योंकि पुलिस ने गोदाम से दस ट्रैक्टर सही हालत में बरामद किए हैं जो चोरी के हैं। इसका सीधा मतलब है कि यह कारोबार करने वाले लोग जानते थे कि यहां पुलिस का कोई मतलब नहीं। इसलिए ही गोदामों में यह ट्रैक्टर खड़े किए हुए थे। यदि कोई डर होता तो शायद इधर उधर खड़े किए होते। लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी कहीं न कहीं सवाल उठाती है कि आखिर इतने ट्रैक्टर और पार्ट्स मिलना कोई नया धंधा नहीं हैं। इसकी जड़े पुरानी हैं जो काफी समय से इस बाजार में जमी हुई हैं।
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संभल जिले का उद्यम समागम 30 सितंबर और पहली अक्तूबर को लगेगा

संभल। संभल जिले के सरायतरीन में 30 सितंबर और पहली अक्तूबर को एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत उद्यम समागम का आयोजन होगा। यह एक तरह का हस्तशिल्प मेला है जहां पर संभल और सरायतरीन के हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रस्तावित आयोजन की तैयारी के लिए जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अमित मोहन मिश्रा गुरुवार को संभल पहुंचे।
सरायतरीन में उन्होंने आयोजन स्थल को चयनित करने के लिए स्थान का निरीक्षण किया। साथ में उद्यमियों के साथ संवाद किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत संभल जिले में 25 व 26 सितंबर को उद्यम समागम कराने का आदेश जारी किया था। इसकी तिथि में अब बदलाव किया गया है। नए आदेश के मुताबिक 30 सितंबर और पहली अक्तूबर को सरायतरीन में मेला लगेगा। उद्यम समागम स्थल पर हस्तशिल्प के पचास और अन्य उद्योगों के 50 स्टाल लगाए जाने हैं। बैंकर्स, खादी ग्रामोद्योग और जिले के अन्य उद्योगों के 50 स्टॉल लगाए जाने थे।
उद्यमियों का सरकारी तंत्र के साथ संवाद कराने और सरकार की योजनाओं का प्रचार कराने के लिए उद्यम समागम होना है। खरीदार और विक्रेता को मंच उपलब्ध कराने का भी इस आयोजन का मकसद है।
उद्यम समागम को आयोजित करने की प्रदेश सरकार की घोषणा से संभल और सरायतरीन के उद्यमी उत्साहित हैं। जिले के उद्यम प्रोत्साहन विभाग के उपायुक्त अमित मोहन मिश्रा ने सरायतरीन का दौरा करके तैयारियों के लिए उद्यमियों की बैठक की है। बैठक में ताहिर सलामी, कमल कौशल वार्ष्णेय, सुहेल परवेज समेत कई उद्यमियों ने भागीदारी की। सभी ने कहा कि 30 सितंबर और पहली अक्तूबर को हस्तशिल्प के उत्पादों की प्रदर्शनी रहेगी। जिले के हस्तशिल्पियों की कला से सीधे परिचित होने के लिए प्रदर्शनी स्थल पर आम लोग भी जा सकेंगे।
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फंदे पर लटका मिला महिला का शव, दहेज हत्या में पति गिरफ्तार

संभल सरायतरीन का हस्तशिल्प।
गुन्नौर/चंदौसी। कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के नगलिया देवी गांव में मंगलवार की रात एक विवाहिता का शव फंदे पर घर में ही छत के कुंडे से लटका मिला। मोहल्ले वालों ने मायके वालों को सूचना दी तो देर रात पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं मायके वालों ने पति पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।
हयात नगर थाना क्षेत्र के करछली गांव निवासी चंद्रकेश की बेटी राम बेटी की शादी डेढ़ साल पहले गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के वीरेश कुमार के साथ हुई थी। उसकी एक आठ माह की बेटी भी है। बताते हैं कि वीरेश अक्सर रामबेटी के साथ मारपीट करता था। दहेज कम लाने का ताना देता था। महीनेभर पहले वीरेश ने मारपीट कर राम बेटी का सिर फोड़ दिया था। 17 सितंबर की रात को नगलिया देवी गांव के एक व्यक्ति ने मृतका के पिता चंद्रकेश को फोन पर सूचना दी कि उसकी बेटी फंदे पर लटकी है। उसके पति ने ही उसे मारकर आत्महत्या की शक्ल देने की कोशिश की है।
मायके वाले देर रात पहुंचे तो राम बेटी के शव को उतारा गया। पुलिस बुलाया तो शव को कब्जे में लेकर पुलिस कोतवाली ले गई। जहां से उसे बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के भाई बाबू ने आरोप लगाया कि दहेज के लिए उसकी बहन रामबेटी की हत्या की गई है, उसके पति ने ही उसे मारकर फंदे पर लटकाया है। इस पर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करके पति वीरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
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आर्थिक संकट से जूझ रहे डेढ़ हजार से अधिक शिक्षा मित्र

चंदौसी। जिले के 1770 शिक्षा मित्रों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्हें दस हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है। लेकिन बीएसए, बीईओ कार्यालयों में लिपिकों की लापरवाही के कारण पिछले दो महीने से वो भी नहीं मिला। शासन से ग्रांट प्राप्त हो जाने के बावजूद अभी तक शिक्षा मित्र बैंक शाखाओं और बीएसए कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं।
शिक्षा मित्रों का सहायक अध्यापक समायोजन रद्द होेने के बाद अब शिक्षा मित्रों को प्रदेश शासन ओर से दस हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। संभल जिले में कुल 1770 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं, जो परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। बताते हैं कि इनके खाते प्रथमा बैंक शाखाओं में थे, लेकिन प्रथमा बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो जाने के बाद खाता नंबर बदल गए हैं। जिसके कारण उनका मानदेय उनके खातों में नहीं आ पाया। बैंक शाखाओं ने अपडेट किए गए खाता नंबरों को खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों को उपलब्ध करा दिया है।
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों से शिक्षा मित्रों के बिल बनकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय जाने हैं। तब कहीं शिक्षा मित्रों को मानदेय जारी किया जाता है लेकिन बिल बनाने में बीईओ कार्यालय के लिपिक अनावश्यक देरी करते हैं। शिक्षा मित्रों ने बताया कि बीएसए कार्यालय का एक लिपिक तो शिक्षा मित्रों को अनावश्यक रूप से काफी परेशान करता है। जिसकी जानकारी बीएसए को भी है लेकिन उसके सियासी रसूख के कारण लिपिक से कोई कुछ कह नहीं पा रहा है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने बताया कि जुलाई और अगस्त माह का मानदेय शीघ्र दिलाने के लिए कई बार बीएसए से मिलकर गुहार लगाई है। लेकिन उनके कार्यालय का एक लिपिक अनावश्यक रूप से 1770 शिक्षा मित्रों के मानदेय को लटकाए हुए है। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिपिक भी बिल बनाकर भेजने में अनावश्यक देरी करते हैं।
जबकि बीएसए ने लिखित आदेश दिए हैं कि हर माह की पहली तारीख को ही बिल तैयार होकर पहुंचा दिए जाएं। लेकिन यह बिल दूसरे महीने में भी मुश्किल से पहुंच पाते हैं। शासन से शिक्षा मित्रों की ग्रांट जिले को कई दिन पहले ही प्राप्त हो चुकी है।
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आयोग के अध्यक्ष को निरीक्षण में मिलीं कई खामियां

चंदौसी। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ वाल्मीकि ने मंगलवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति व पालिका कार्यालय का निरीक्षण कर कर्मचारियों की शिकायतें सुनी। इस दौरान उन्होंने भारी गड़बड़ियां मिली। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे अनाधिकृत धन वसूली की जा रही है। वहीं, ओबीसी के कर्मचारी अधिकारियों के बंगलों पर कार्यरत हैं, सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेयरमैन व ईओ के बारे में शासन को लिखने का भरोसा दिलाया है।
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि सबसे पहले कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंचे। यहां व्यापारियों ने शौचालय नहीं होने की शिकायत की तो यहां भारी गंदगी पाई गई। मंडी प्रशासन अपने पुराने चहेते ठेकेदार का समय बढ़ाने के लिए टेंडर को क्लियर नहीं कर रहा है। कूड़े को मंडी परिसर में ही जलाया जा रहा है। स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है, इस पर सचिव कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सुरेंद्रनाथ वाल्मीकि नगर पालिका परिषद के कार्यालय पहुंचे। यहां ईओ तो बाहर बताए गए लेकिन चेयरमैन इंदूरानी व अन्य लोग मौजूद मिले।
बताया गया कि ओबीसी के 41 कर्मचारी में से कोई काम नहीं कर रहा है, कुछ को बाबू बना दिया गया है तो कई अधिकारियों के कार्यालयों में काम कर रहे हैं, अधिकांश का पता ही नहीं है कि वहां कहां है। जबकि एक कर्मचारी के खाते में करीब 35000 रुपये प्रतिमाह जा रहा है। यह सब पालिका की सांठगांठ से हो रहा है। कई कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। जूनियर्स को सफाई नायक बना दिया गया है। वहीं आउट सोसिंग के कर्मचारियों को मानदेय तो दिया जा रहा है, लेकिन उनसे अग्रिम धन वसूली सुविधा शुल्क के रूप में की जा रही है। कर्मचारियों की पेंशन बकाया है। संविदा कर्मियों का एक साल व नियमित कर्मियों का तीन माह का पीएफ जमा नहीं किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि पालिका में भारी गड़बड़ी है, इस बारे में शासन को लिखा जाएगा। ताकि निष्पक्ष जांच कराई जा सके।
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कबाड़ गोदामों में पुलिस ने मारा छापा, पुराने टैक्टर मिले

संभल। नखासा थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी रायसत्ती के नजदीक कबाड़ के पांच गोदामों में छापेमारी की है। पुलिस ने मौके से कई ट्रैक्टर और पार्ट्स बरामद किए हैं। आशंका है कि इन गोदामों में चोरी के ट्रैक्टर लाकर काटे जा रहे थे। पुलिस ने ट्रैक्टर और पार्ट्स को कब्जे में ले जांच पड़ताल शुरू कर दी है। कई लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। जिनसे पूछताछ जारी है।
बुधवार को नखासा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस के सहयोग से पांच कबाड़ गोदाम पर छोपमारी की है। पुलिस को आता देख कबाड़ गोदाम में हड़कंप मच गया। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं कई लोग भाग गए। पुलिस ने छानबीन की तो कई पुराने ट्रैक्टर और उनके पार्ट्स अलग-अलग पड़े थे। पार्ट्स और ट्रैक्टर कब्जे में लेकर कार्रवाई की गई। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि इन गोदामों में चोरी के ट्रैक्टर लाकर काटे जा रहे हैं। इन ट्रैक्टरों को पार्ट्स के रूप में बेचा जाता है। अब पुलिस ने सभी ट्रैक्टर के पार्ट्स कब्जे में लिए हैं।
जांच पड़ताल शुरू कर दी है। नखासा थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि इन गोदामों में चोरी के ट्रैक्टर काटने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। कबाड़ गोदामों का संचालन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया है।
साथ ही मौके से कई नए ट्रैक्टर कटे हुए मिले हैं। जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन गोदामों में चोरी के ट्रैक्टर काटे जाते होंगे। जांच पड़ताल की जा रही है। तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। छानबीन होने तक नखासा पुलिस ने पांचों गोदामों को बंद करा दिया गया है।
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अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी, रोड जाम कर किया प्रदर्शन

चंदौसी। अधिवक्ता के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वारा की गई अभद्रता को लेकर उपजे विवाद को लेकर अधिवक्ता दूसरे दिन भी आंदोलित रहे। हालांकि अभी इस मामले में उच्चाधिकारियों की ओर से भी कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। चंदौसी बार एसोसिएशन चंदौसी के अधिवक्ताओं ने दूसरे दिन भी न्यायिक कार्यों से विरत रहकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
अधिवक्ता कमल सिंह के खिलाफ शांति भंग होने की आशंका में चालान कर दिया था। उनके साथ अभद्रता किए जाने का भी आरोप है। इसके बाद अधिवक्ता सोमवार को भड़क गए थे। सीओ के खिलाफ बेमियादी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। उच्चाधिकारियों की ओर से विवाद के पटाक्षेप के लिए अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। मंगलवार की सुबह फिर चंदौसी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष टेकचंद्र यादव की अध्यक्षता व सचिव मनोज कुमार वार्ष्णेय के संचालन में बैठक बुलाई गई। जिसमें मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन को जारी रखने का एलान किया गया।
बैठक के बाद युवा अधिवक्ता एक बार फिर सड़क पर उतर आए। कचहरी परिसर से वादकारियों को भी बाहर कर दिया गया, क्योंकि सभी अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। कचहरी रोड पर टेंट लगाकर जाम लगा दिया गया। सड़क पर बैठ कर अधिवक्ताओं ने सीओ पूनम मिश्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने सीओ के स्थानांतरण व निलंबन की मांग की। अध्यक्ष टेकचंद यादव ने बताया कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। आंदोलन भी अनवरत जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी आधिवक्ताओं में विनोद सिंह, महेंद्रपाल, सतेंद्रपाल सिंह, ब्रजेश प्रताप सिंह, सुरेंद्र शर्मा, उमेश पटौदी, सोमेश सिंह, योगेंद्रपाल सिंह, सुरेश पुजारी, चौधरी मनवीर सिंह, शैलेंद्र चौधरी, प्रिंश चौधरी, घनश्याम अरोरा आदि शामिल रहे।
वहीं तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता व सचिव मुकेश पाल सिंह के संचालन में हुई बैठक में कमल सिंह के मामले को लेकर चल रहे आंदोलन में चंदौसी बार एसोसिएशन का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। व्यवहार एवं सत्र बार एसोसिएशन चंदौसी की बैठक में अध्यक्ष हरी प्रकाश शर्मा ने कहा कि जब तक अधिवक्ताओं के न्याय नहीं मिलता, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। संचालन सचिव आबाद मियां ने किया।
वादकारियों को हुई परेशानी
अधिवक्ता के साथ अभद्रता के मामले को लेकर अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण वादकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना दूर दराज से सैकड़ों की संख्या में वादकारी आते हैं लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य नहीं करने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
वाहन चालकों से हुई तीखी नोकझोंक
अधिवक्ता से अभद्रता किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं ने कचहरी रोड पर जाम लगा रखा था। यहां से कुछ वाहन स्वामियों ने निकलने की कोशिश की तो अधिवक्ताओं से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। कई वाहन चालक काफी उग्र हो गए। अधिवक्ताओं ने रोड पर ही टेंट लगाकर उक्त मार्ग को जाम कर दिया है।
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जिला अस्पताल में तीन घंटे बिजली गुल, मरीज तड़पे

संभल। जिला अस्पताल में तीन घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। जेनरेटर चलाया नहीं गया जिसके चलते मरीज तड़प उठे। तीमारदार भी परेशान नजर आए। हालांकि इस गर्मी के मौसम से बचने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों ने अपने कक्षों में इंवर्टर की व्यवस्था की हुई है। गर्मी में मरीज परेशान तो हुए लेकिन कर्मचारियों को कोई समस्या नहीं आई । जबकि अस्पताल में जेनरेटर रखा है लेकिन चलाया नहीं गया।
मरीज और तीमारदार व्यवस्थाओं का रोना रोते नजर आए। सामान्य वार्ड में दुर्गंध से रुकना मुश्किल हुआ। सफाई व्यवस्था ठप थी और गर्मी से बचने का कोई साधन नहीं था। बीमार मरीज सही होने की बजाए और ज्यादा बीमार होते नजर आए।
मंगलवार की दोपहर 12 बजे के बाद जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसका खामियाजा मरीज और तीमारदारों को उठाना पड़ा। चिकित्सक इंवर्टर से चल रहे पंखों की हवा खाते नजर आए। आपातकालीन कक्ष में पांच मरीज भर्ती थे। सभी बेहाल थे।
तीमारदार हाथों से हवा कर रहे थे। यही हाल सामान्य वार्ड का रहा। वहां मरीजों की संख्या आधा दर्जन थी। सामान्य वार्ड में गर्मी होने के साथ काफी गंदगी थी। मरीज गर्मी और दुर्गंध से बेहाल थे। मरीजों का कहना था कि बिजली न होने से पंखे बंद हो गए हैं।
वार्ड में गंदगी होने के चलते दुर्गंध आ रही है। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार ने आम जनता की सहूलियत के लिए सुविधाएं मुहैया कराईं हैं तो उन सुविधाओं को आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा है। अस्पताल में गर्मी से राहत देने के लिए जेनरेटर है लेकिन चलाया नहीं जाता। तीन मंजिला इमारत पर आने जाने के लिए लिफ्ट लगी है लेकिन चलाई नहीं जाती।
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