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Sambhal News: बंदरों के हमले में घायल महिला की हालत में सुधार
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सरायतरीन। गांव पवांसा में बंदरों के आतंक ने एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। रविवार सुबह 10 बजे घर के बरामदे में लेटी शकुंतला देवी पर बंदरों के झुंड ने हमला किया। इस हमले में उनके सिर में 47 टांके आए हैं। उनकी हालत में सोमवार को कुछ सुधार आया है।
यह घटना तब हुई जब शकुंतला देवी रविवार को बरामदे में तख्त पर सो रही थीं। अचानक एक बंदर का बच्चा आया, जो कि तकिये के नीचे दब गया। बच्चे की चीख सुनकर बंदरों का झुंड घर में घुस आया और महिला के सिर को नोचने लगा। घर पर मौजूद परिजन भी बंदरों की अधिक संख्या के कारण उन्हें बचा नहीं पाए। आसपास के पड़ोसियों ने लाठी-डंडों की मदद से महिला को मुश्किल से बचाया। गंभीर रूप से घायल शकुंतला देवी को तत्काल गांव के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत में सुधार है, लेकिन उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है।
इस हमले के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। महिलाएं और छोटे बच्चे घर से निकलने में डर रहे हैं। गांव निवासी छत्रपाल प्रजापति ने बताया कि गांव में बंदरों की संख्या बहुत अधिक है। ग्रामीणों ने कई बार बंदरों को पकड़वाने के लिए शिकायत की है। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है, जबकि आए दिन ग्रामीण घायल हो रहे हैं।
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यह घटना तब हुई जब शकुंतला देवी रविवार को बरामदे में तख्त पर सो रही थीं। अचानक एक बंदर का बच्चा आया, जो कि तकिये के नीचे दब गया। बच्चे की चीख सुनकर बंदरों का झुंड घर में घुस आया और महिला के सिर को नोचने लगा। घर पर मौजूद परिजन भी बंदरों की अधिक संख्या के कारण उन्हें बचा नहीं पाए। आसपास के पड़ोसियों ने लाठी-डंडों की मदद से महिला को मुश्किल से बचाया। गंभीर रूप से घायल शकुंतला देवी को तत्काल गांव के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत में सुधार है, लेकिन उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है।
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इस हमले के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। महिलाएं और छोटे बच्चे घर से निकलने में डर रहे हैं। गांव निवासी छत्रपाल प्रजापति ने बताया कि गांव में बंदरों की संख्या बहुत अधिक है। ग्रामीणों ने कई बार बंदरों को पकड़वाने के लिए शिकायत की है। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है, जबकि आए दिन ग्रामीण घायल हो रहे हैं।
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