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Sambhal News: भाजपा राज में हर भर्ती में घोटाला, आरक्षण की लूट और पेपर लीकः चंद्रशेखर
Wed, 30 Sep 2026 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:55 AM IST
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चंदौसी (संभल)। नगीना के सांसद आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भाजपा सरकार में ऐसी एक भी भर्ती नहीं जिसमें घोटाला न हुआ हो। एक भी भर्ती ऐसी नहीं जिसमें दलित-पिछड़ों का आरक्षण न लूटा गया हो। एक भी भर्ती ऐसी नहीं जिसका पेपर लीक न हुआ हो। भाजपा ने कहा था अच्छे दिन आएंगे लेकिन अच्छे दिन सिर्फ पूंजीपतियों और भाजपाइयों के आए। जनता रोजी-रोटी के लिए तरस रही है।
वह मंगलवार को यहां मौलागढ़ के मैदान में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे। चौतरफा भीड़ से भरे मैदान और नारों की तेज गूंज के बीच उन्होंने पूरे संबोधन में जोशीला तेवर बरकरार रखा। साथ ही पूरे समय केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार उनके निशाने पर रही। युवाओं की नब्ज पर हाथ रखते हुए उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ अंधेरा है। नौजवान के हाथ में डिग्री है लेकिन जेब खाली है। मां-बाप ने खेत बेचकर, मजदूरी करके बच्चों को पढ़ाया लेकिन आज वही नौजवान सड़क पर भटक रहा है। प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं लेकिन जनता के मन की पीड़ा नहीं सुनते।
यूपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जहां सरकार को युवाओं को रोजगार देना चाहिए, वहां मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं। यह मोहब्बत की जगह नफरत बोने और हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने की साजिश है।
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युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस देश का नौजवान बहुत बड़ी ताकत है। इन्हीं नौजवानों ने 24 घंटे के अंदर भाजपा सरकार को घुटनों पर लाने का काम किया। अब वक्त है नीले झंडे की ताकत को पहचानने का, यही एक मशाल है जो संसद में युवाओं, दलितों, गरीबों, महिलाओं और कमजोरों की आवाज बन सकती है।
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चंद्रशेखर आजाद का घोषित कार्यक्रम कार्यकर्ता सम्मेलन का था लेकिन बड़े मैदान में जुटी भीड़ से माहौल जनसभा या रैली जैसा नजर आया। तय समय से करीब तीन घंटे की देरी से दोपहर 2.05 बजे चंद्रशेखर मंच पर पहुंचे। इस दाैरान नेता के करीब पहुंचने की होड़ में भीड़ की दौड़ से दो स्थानों पर बैरिकेडिंग के लिए लगीं बल्लियां तितर-बितर हो गईं। इसके बाद मंच की ओर भीड़ के भगदड़ जैसे रुख के कारण कई लोग दब गए और बमुश्किल भीड़ से बाहर निकल सके। कई युवा मंच का सीधा नजारा देखने के लिए पेड़ों पर चढ़ गए। कुछ टेंट पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए।
बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए चंद्रशेखर को अपना भाषण करीब 15 मिनट रोकना पड़ा। मंच से बार-बार भीड़ से पीछे हटने और शांत रहने की अपील करते रहे। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
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वह मंगलवार को यहां मौलागढ़ के मैदान में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे। चौतरफा भीड़ से भरे मैदान और नारों की तेज गूंज के बीच उन्होंने पूरे संबोधन में जोशीला तेवर बरकरार रखा। साथ ही पूरे समय केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार उनके निशाने पर रही। युवाओं की नब्ज पर हाथ रखते हुए उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ अंधेरा है। नौजवान के हाथ में डिग्री है लेकिन जेब खाली है। मां-बाप ने खेत बेचकर, मजदूरी करके बच्चों को पढ़ाया लेकिन आज वही नौजवान सड़क पर भटक रहा है। प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं लेकिन जनता के मन की पीड़ा नहीं सुनते।
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यूपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जहां सरकार को युवाओं को रोजगार देना चाहिए, वहां मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं। यह मोहब्बत की जगह नफरत बोने और हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने की साजिश है।
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युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस देश का नौजवान बहुत बड़ी ताकत है। इन्हीं नौजवानों ने 24 घंटे के अंदर भाजपा सरकार को घुटनों पर लाने का काम किया। अब वक्त है नीले झंडे की ताकत को पहचानने का, यही एक मशाल है जो संसद में युवाओं, दलितों, गरीबों, महिलाओं और कमजोरों की आवाज बन सकती है।
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चंद्रशेखर आजाद का घोषित कार्यक्रम कार्यकर्ता सम्मेलन का था लेकिन बड़े मैदान में जुटी भीड़ से माहौल जनसभा या रैली जैसा नजर आया। तय समय से करीब तीन घंटे की देरी से दोपहर 2.05 बजे चंद्रशेखर मंच पर पहुंचे। इस दाैरान नेता के करीब पहुंचने की होड़ में भीड़ की दौड़ से दो स्थानों पर बैरिकेडिंग के लिए लगीं बल्लियां तितर-बितर हो गईं। इसके बाद मंच की ओर भीड़ के भगदड़ जैसे रुख के कारण कई लोग दब गए और बमुश्किल भीड़ से बाहर निकल सके। कई युवा मंच का सीधा नजारा देखने के लिए पेड़ों पर चढ़ गए। कुछ टेंट पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए।
बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए चंद्रशेखर को अपना भाषण करीब 15 मिनट रोकना पड़ा। मंच से बार-बार भीड़ से पीछे हटने और शांत रहने की अपील करते रहे। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।