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Sambhal News: चौबीस कोसीय परिक्रमा कल से शुरू होगी, हजारों की संख्या में शामिल होंगे श्रद्धालु
Mon, 04 Nov 2024 12:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 04 Nov 2024 12:09 AM IST
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संभल। चौबीस कोसीय परिक्रमा मंगलवार की सुबह से प्रारंभ होगी। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा और व्यवस्था चाकचौबंद रहेगी। वंश गोपाल तीर्थ से इसका शुभारंभ किया जाएगा। इस परिक्रमा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होने के लिए आते हैं। यह श्रद्धालु संभल के अलावा आसपास के जिलों के भी होते हैं। इनके ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे।
संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा होती है। परिक्रमा वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से प्रारंभ होगी। सभी तीर्थों पर श्रद्धालु होते हुए वंश गोपाल तीर्थ पहुंचेंगे। वहां जाकर समापन किया जाएगा। वंश गोपाल कल्कि धाम मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने बताया कि तीर्थ के परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट लगाया गया है। क्षेमनाथ तीर्थ और चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में व्यवस्था दुरूस्त हो चुकी हैं। जो मार्ग परिक्रमा के दौरान बाधा पहुंचाते। उन्हें दुरूस्त कराया जा रहा है। बताया कि वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ परिसर से साधु-संतों की मौजूदगी में धर्म का ध्वज फहराया जाएगा। इसके बाद भक्तों को तिलक लगाकर रवाना किया जाएगा। बताया कि परिक्रमा के समापन पर मेला आयोजित होगा। इसके अलावा तीर्थ परिसर में बने तीर्थ कुंड परिसर को भी स्नान के लिए साफ कराया गया है।
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संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा होती है। परिक्रमा वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से प्रारंभ होगी। सभी तीर्थों पर श्रद्धालु होते हुए वंश गोपाल तीर्थ पहुंचेंगे। वहां जाकर समापन किया जाएगा। वंश गोपाल कल्कि धाम मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने बताया कि तीर्थ के परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट लगाया गया है। क्षेमनाथ तीर्थ और चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में व्यवस्था दुरूस्त हो चुकी हैं। जो मार्ग परिक्रमा के दौरान बाधा पहुंचाते। उन्हें दुरूस्त कराया जा रहा है। बताया कि वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ परिसर से साधु-संतों की मौजूदगी में धर्म का ध्वज फहराया जाएगा। इसके बाद भक्तों को तिलक लगाकर रवाना किया जाएगा। बताया कि परिक्रमा के समापन पर मेला आयोजित होगा। इसके अलावा तीर्थ परिसर में बने तीर्थ कुंड परिसर को भी स्नान के लिए साफ कराया गया है।
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