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Sambhal News: अब सिटी मजिस्ट्रेट, सीएमओ करेंगे एंटी वेनम की जगह एंटी रैबीज लगाने के मामले की जांच

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 02:42 AM IST
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The City Magistrate and the CMO will now investigate the case involving the administration of an anti-rabies vaccine instead of an anti-venom.
संभल। जिला अस्पताल में एंटी वेनम की जगह एंटी रेबीज इंजेक्शन बच्चे को लगाने के मामले में अब डीएम अंकित खंडेलवाल ने जांच कराई है। डीएम ने जांच की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और सीएमओ डॉ. तरुण पाठक को सौंपी है। इसी क्रम में शनिवार की दोपहर दोनों अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। इंजेक्शन लगाने वाले दिन इमरजेंसी में तैनात डॉ. चमन प्रकाश, फार्मासिस्ट मनोज कुमार और वार्ड बॉय विपिन भटनागर के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही उस दिन की सीसीटीवी फुटेज भी अधिकारियों ने देखी है। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस द्वारा गठित समिति को निरस्त कर दिया गया है।
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गांव मूसापुर निवासी अबुल हसन के चार वर्षीय बेटे अदीब को सोमवार की दोपहर सांप ने डस लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इमरजेंसी वार्ड में बच्चे को भर्ती कराया गया था। जहां परिजनों ने स्टाफ को बताया था कि सांप ने डस लिया है लेकिन स्टाफ ने चूहे के काटने का हवाला देते हुए एंटी वेनम इंजेक्शन न लगाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगा दिया था। इस वक्त निजी अस्पताल में बच्चे का उपचार चल रहा है। एंटी वेनम की दो डोज बच्चे को लग चुकी हैं।
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सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ ने बच्चे की स्थिति की जानकारी डॉ. अंकिता से की। डॉक्टर ने बताया कि बच्चा अभी रिकवरी पूरी तरह से नहीं कर सका है। पहले से कुछ सुधार हुआ है लेकिन रिकवरी की गति धीमी है। निगरानी लगातार की जा रही है। जांच टीम के अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों से भी जानकारी ली है।
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तीन दिन टली जांच तो डीएम ने गठित की समिति
बच्चे को एंटी वेनम की जगह एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने का मामला उजागर हुआ तो जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने तीन चिकित्सकों की समिति मंगलवार को गठित की थी। इस समिति को 24 घंटे में जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी थी लेकिन इस समिति द्वारा तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई। इसके बाद ही शुक्रवार की रात डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ को जांच समिति में शामिल किया और जांच के निर्देश दिए। सीएमएस ने बताया कि उनके द्वारा गठित की गई समिति अब जांच नहीं करेगी। डीएम द्वारा गठित समिति ही जांच करेगी।



जिला अस्पताल के उन कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं जो इंजेक्शन लगाने के दौरान इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर थे। बच्चे के परिजनों के भी बयान लिए गए हैं। यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी जानी है। उनके स्तर से ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
सुधीर कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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