इमरान मसूद नौ माह पहले जनवरी में विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस छोड़ कर सपा में शामिल हुए थे। सपा में कोई तरजीह नहीं मिलने से वो काफी समय से बसपा में जाने की तैयारी में लगे थे। दो सप्ताह पहले उनकी दिल्ली में बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से भेंट हुई थी और उसके बाद बसपा में जाने पटकथा लिखी गई।
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इमरान मसूद ने नौ महीने में ही छोड़ दी सपा
पूर्व विधायक इमरान मसूद ने नौ महीने में ही सपा को अलविदा कह दिया। हालांकि उन्हें बसपा में आने में भी नौ माह ही लग गए। वो विधानसभा चुनाव के दौरान भी बसपा में जाना चाहते थे, लेकिन स्थानीय बसपा नेताओं की नाराजगी के कारण वो तब बसपा में शामिल नहीं हो सके थे। अब बसपा में आकर वो दलित-मुस्लिम समीकरण को साधने का प्रयास करेंगे। उनकी निगाहें नगर निकाय के मेयर पद और 2024 के सांसद सीट पर है। मेयर के चुनाव तक कई नेताओं के अन्य दलों में शामिल होने से भी राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
सहारनपुर जनपद के कद्दावार नेता पूर्व विधायक इमरान मसूद लंबे समय तक कांग्रेस में रह चुके हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद पर रहते हुए वो नौ महीने पहले कांग्रेस को छोड़ कर सपा में शामिल हुए थे। वो बेहट और देहात सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, मगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें कोई तवज्जो नहीं दी थी, जिस कारण वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सके। हालांकि उनके भाई नोमान मसूद रालोद छोड़ कर बसपा में शामिल होकर गंगोह से चुनाव लड़े। तब भी अंतिम समय तक इमरान मसूद ने बसपा में शामिल होने का प्रयास किया था, लेकिन बसपा में शामिल नहीं हो सके थे। उन्हें सपा में रहते हुए विधान परिषद के चुनाव में प्रत्याशी बनाए जाने की उम्मीद थी, मगर एमएलसी चुनाव में भी सपा ने उन्हें निराश किया था।
अपनी नई सियासी पारी खेलने के लिए इमरान मसूद कई माह से फिर से बसपा में शामिल होने की तैयारी में जुटे थे। बुधवार को लखनऊ में बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उन्हें बसपा में शामिल कर लिया। अब उनकी निगाहें मेयर और सांसद के चुनाव पर है। वैसे भी इमरान कई महीने से मेयर के चुनाव की तैयारी में लगे हैं। सीट आरक्षण के अनुसार वो अपने परिजनों को मेयर का चुनाव जरूर लड़ाएंगे। इसकी वो घोषणा भी कर चुके हैं। वो इन दोनों चुनाव में दलित-मुस्लिम समीकरण को साधना चाहते हैं, क्योंकि नगर निगम और लोकसभा सीट पर दलित और मुस्लिम वोटरों की संख्या काफी अधिक है।
मायावती ने किया ट्वीट, इमरान को पश्चिम यूपी का संयोजक बनाया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने इमरान के पार्टी में आने पर अपने ट्यूटर एकाउंट पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि उप्र खासकर पश्चिमी यूपी की राजनीति में इमरान मसूद एक जाना पहचाना नाम है। वो अपने सहयोगियों के साथ सपा छोड़ कर बीएसपी में शामिल हो गए हैं, जिनका तहेदिल से स्वागत है, साथ ही मायावती ने इमरान को पश्चिमी यूपी बीएसपी का संयोजक बना कर पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाने और खासकर अकलीयत समाज को पार्टी से जोड़ने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी है।
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