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फसल अवशेष न जलाएं, मित्र जीवाणु भी होते हैं नष्ट
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सहारनपुर। संयुक्त कृषि निदेशक डीएस राजपूत ने कहा कि किसान फसल अवशेष को खेत में न जलाएं। इससे मित्र जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मृदा में 0.8 से एक प्रतिशत जीवांश पदार्थ होने चाहिए, जबकि वर्तमान जीवांश की मात्रा 0.2 से 0.3 प्रतिशत ही है।
सोमवार को विकास खंड पुवांरका की किसान सेवा सहकारी समिति लखनौती कलां में कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत कृषि निवेश मेले एवं किसान गोष्ठी के आयोजन किया गया। संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है वहीं मृदा में उपस्थित लाभदायक जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वेस्ट डी कंपोजर के प्रयोग से फसल अवशेष को सड़ाकर मृदा में जीवांश पदार्थों की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
उप निदेशक कृषि रक्षा राकेश बाबू ने जैविक कीटनाशकों, भूमि शोधन के लिए ट्राइकोडर्मा, दीमक और सफेद सुंडी के लिए ब्यूबेरिया बेसियाना को कंपोस्ट खाद में मिलाकर एक हफ्ते बाद जुताई के समय प्रयोग करने की सलाह दी। किसान विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने धान की फसल में कीट एवं रोगों की पहचान और उनके उपचार की विधि विस्तार से बताई। पूर्व चेयरमैन विक्रम सिंह आदि ने भी विचार रखे। मेले में कृषि विभाग, कृषि रक्षा, गन्ना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मिशन शक्ति आदि के स्टॉल लगाए गए। इस दौरान भूमि संरक्षण अधिकारी रामजतन मिश्रा, डॉक्टर सुखदेव, यशवीर सिंह सैनी, सहकारी समिति के चेयरमैन पवन सिंह आदि रहे।
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सोमवार को विकास खंड पुवांरका की किसान सेवा सहकारी समिति लखनौती कलां में कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत कृषि निवेश मेले एवं किसान गोष्ठी के आयोजन किया गया। संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है वहीं मृदा में उपस्थित लाभदायक जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वेस्ट डी कंपोजर के प्रयोग से फसल अवशेष को सड़ाकर मृदा में जीवांश पदार्थों की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
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उप निदेशक कृषि रक्षा राकेश बाबू ने जैविक कीटनाशकों, भूमि शोधन के लिए ट्राइकोडर्मा, दीमक और सफेद सुंडी के लिए ब्यूबेरिया बेसियाना को कंपोस्ट खाद में मिलाकर एक हफ्ते बाद जुताई के समय प्रयोग करने की सलाह दी। किसान विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने धान की फसल में कीट एवं रोगों की पहचान और उनके उपचार की विधि विस्तार से बताई। पूर्व चेयरमैन विक्रम सिंह आदि ने भी विचार रखे। मेले में कृषि विभाग, कृषि रक्षा, गन्ना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मिशन शक्ति आदि के स्टॉल लगाए गए। इस दौरान भूमि संरक्षण अधिकारी रामजतन मिश्रा, डॉक्टर सुखदेव, यशवीर सिंह सैनी, सहकारी समिति के चेयरमैन पवन सिंह आदि रहे।
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