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Saharanpur News: उधार के कमरों में चलानी पड़ रहीं छह कक्षाएं
Sat, 29 Aug 2026 01:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:38 AM IST
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नकुड़। क्षेत्र के गांव रणदेवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय मर्ज की आठ में से छह कक्षाएं उधार के कमरों में चल रही हैं। विद्यालय के पास अपने केवल दो कमरे हैं। बाकी कक्षाएं इसी परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन की इमारत में चलानी पड़ रही हैं। यहां दिन भर ग्रामीणों की आवाजाही के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
वर्ष 2020 में प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के जर्जर हो चुके भवन को नीलामी प्रक्रिया के बाद ध्वस्त कर दिया गया था, जबकि वर्ष 2025 में यूपीएस रणदेवा (मर्ज) के भवन को वर्ष 2025 में नीलाम कर ध्वस्त कर दिया गया था। अब विद्यालय के पास अपने केवल दो कक्ष हैं। इसके कारण बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत घर के हॉल में बैठा कर पढ़ाया जाता है। कई बार पंचायत की मीटिंग या अन्य कार्य होने पर खुले में भी पढ़ाई करानी पड़ रही है। पूर्व में बच्चों के नामांकन की संख्या करीब 200 थी। दिन भर यहां लोगों की आवाजाही रहती है। अब नामांकन घट कर 132 रह गए हैं। इन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी एक इंचार्ज अध्यापक व पांच सहायक अध्यापकों पर है। विद्यालय में शौचालय की स्थिति भी दयनीय है। पेयजल के लिए दो हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप है। पानी पीने के लिए लगी टोंटी टूटी पड़ी है।
बोले ग्रामीण
- पूर्व प्रधान विजयपाल भट्ट ने कहा कि विद्यालय की स्थिति बदतर हालत में है। अभिभावक मजबूरी में बच्चों को यहां पढ़ने के लिए भेज रहे हैं। कायाकल्प की राशि का भी विद्यालय में सदुपयोग नहीं हो रहा है।
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- अभिभावक मुकेश कोरी ने बताया कि स्कूल परिसर में हल्की बारिश होने पर ही जलभराव हो जाता है। इसके लिए उन्होंने कई बार विभाग को शिकायत कर निस्तारण की मांग की है।
- अभिभावक प्रवीण ने बताया कि अगले सत्र से अपने बच्चों को किसी अन्य स्कूल में भेजना उनकी मजबूरी होगी। भवन की कमी में बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रही है।
- जसवंत सिंह ने कहा कि वर्षों से भवन नहीं बना है। इस कारण बच्चों को यहां से हटा कर दूसरे विद्यालय में भेजना पड़ा है। स्कूल में सुविधाओं का टोटा बच्चों की संख्या कम होने का एक बड़ा कारण है।
नए भवन के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज चुके हैं। तीन कक्ष स्वीकृत भी हो चुके हैं। प्रयास रहता है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- पवन सिंह, इंचार्ज अध्यापक, यूपीएस मर्ज रणदेवा।
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वर्ष 2020 में प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के जर्जर हो चुके भवन को नीलामी प्रक्रिया के बाद ध्वस्त कर दिया गया था, जबकि वर्ष 2025 में यूपीएस रणदेवा (मर्ज) के भवन को वर्ष 2025 में नीलाम कर ध्वस्त कर दिया गया था। अब विद्यालय के पास अपने केवल दो कक्ष हैं। इसके कारण बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत घर के हॉल में बैठा कर पढ़ाया जाता है। कई बार पंचायत की मीटिंग या अन्य कार्य होने पर खुले में भी पढ़ाई करानी पड़ रही है। पूर्व में बच्चों के नामांकन की संख्या करीब 200 थी। दिन भर यहां लोगों की आवाजाही रहती है। अब नामांकन घट कर 132 रह गए हैं। इन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी एक इंचार्ज अध्यापक व पांच सहायक अध्यापकों पर है। विद्यालय में शौचालय की स्थिति भी दयनीय है। पेयजल के लिए दो हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप है। पानी पीने के लिए लगी टोंटी टूटी पड़ी है।
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बोले ग्रामीण
- पूर्व प्रधान विजयपाल भट्ट ने कहा कि विद्यालय की स्थिति बदतर हालत में है। अभिभावक मजबूरी में बच्चों को यहां पढ़ने के लिए भेज रहे हैं। कायाकल्प की राशि का भी विद्यालय में सदुपयोग नहीं हो रहा है।
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- अभिभावक मुकेश कोरी ने बताया कि स्कूल परिसर में हल्की बारिश होने पर ही जलभराव हो जाता है। इसके लिए उन्होंने कई बार विभाग को शिकायत कर निस्तारण की मांग की है।
- अभिभावक प्रवीण ने बताया कि अगले सत्र से अपने बच्चों को किसी अन्य स्कूल में भेजना उनकी मजबूरी होगी। भवन की कमी में बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रही है।
- जसवंत सिंह ने कहा कि वर्षों से भवन नहीं बना है। इस कारण बच्चों को यहां से हटा कर दूसरे विद्यालय में भेजना पड़ा है। स्कूल में सुविधाओं का टोटा बच्चों की संख्या कम होने का एक बड़ा कारण है।
नए भवन के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज चुके हैं। तीन कक्ष स्वीकृत भी हो चुके हैं। प्रयास रहता है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- पवन सिंह, इंचार्ज अध्यापक, यूपीएस मर्ज रणदेवा।