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देवबंदी उलमा ने योगी सरकार से पूछा, अलविदा जुमा किस महापुरुष की जयंती
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:45 AM IST
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सहारनपुर के देवबंद में देवबंदी उलमा ने महापुरुषों की जयंती के नाम पर रमजान माह के अलविदा जुमा की छुट्टी भी रद्द करने के फैसले पर नाराजगी जताई है और योगी सरकार से पूछा है कि अलविदा जुमा किस महापुरुष की जयंती है? जो इसकी छुट्टी को रद्द किया गया।
दारुल उलूम जकरिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि योगी सरकार ने छुट्टियाें को रद्द करने का जो कारण बताया है, वह उनकी एक रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने सरकार से पूछा कि भगवान महावीर जयंती, क्रिसमस-डे समेत कई जयंतियों पर छुट्टी की जा सकती है तो पैगंबर मोहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश (ईद-उल-मिलादुन्नबी) पर होने वाली छुट्टी किस षड्यंत्र के तहत रद्द की गई है।
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रमजान माह का अलविदा जुमा किसी महापुरुष की जयंती नहीं बल्कि इबादत का दिन है, मुस्लिम समाज के लोग सभी काम छोड़कर अल्लाह की बारगाह में इबादत करने के लिए जाते हैं।
मुफ्ती याद इलाही व अरबी के विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि ईद-उल-मिलादुन्नबी व अलविदा जुमा की छुट्टी रद्द करने के पीछे सरकार की मंशा बदले की भावना है। पूर्व की सरकारों में दोनों मौकों पर छुट्टी घोषित की हुई थी, सरकार को इन्हें रद् करने का सही तर्क भी देना चाहिए।
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दारुल उलूम जकरिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि योगी सरकार ने छुट्टियाें को रद्द करने का जो कारण बताया है, वह उनकी एक रणनीति का हिस्सा है।
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उन्होंने सरकार से पूछा कि भगवान महावीर जयंती, क्रिसमस-डे समेत कई जयंतियों पर छुट्टी की जा सकती है तो पैगंबर मोहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश (ईद-उल-मिलादुन्नबी) पर होने वाली छुट्टी किस षड्यंत्र के तहत रद्द की गई है।
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रमजान माह का अलविदा जुमा किसी महापुरुष की जयंती नहीं बल्कि इबादत का दिन है, मुस्लिम समाज के लोग सभी काम छोड़कर अल्लाह की बारगाह में इबादत करने के लिए जाते हैं।
मुफ्ती याद इलाही व अरबी के विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि ईद-उल-मिलादुन्नबी व अलविदा जुमा की छुट्टी रद्द करने के पीछे सरकार की मंशा बदले की भावना है। पूर्व की सरकारों में दोनों मौकों पर छुट्टी घोषित की हुई थी, सरकार को इन्हें रद् करने का सही तर्क भी देना चाहिए।