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तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची अतिया
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:02 AM IST
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सहारनपुर में मंडी कोतवाली निवासी अतिया साबरी ने पति द्वारा कागज पर तीन बार तलाक लिखकर भेजने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर कर दिया है। दायर वाद में देवबंद दारुल उलूम और ससुरालियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। कोतवाली मंडी के मोहल्ला आली की चुंगी निवासी अतिया साबरी का कहना है कि उसका निकाह हरिद्वार के ग्राम जसोदापुर निवासी वाजिद अली के साथ हुआ था।
निकाह के बाद उसे दो बेटियां हुईं, जिस कारण ससुरालियों ने उसे घर से निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। 13 नवंबर 2015 को उसे विषाक्त पदार्थ खिलाकर मारने का प्रयास किया।
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उस पर चारित्र खराब होने का आरोप लगाया गया और मारपीट की। इसके बाद कागज पर तीन बार तलाक लिखकर उसके मायके भेज दिया, जबकि वह ससुराल में ही रह रही थी।
इसके बाद दारुल उलूम देवबंद से तलाक का कारण बताते हुए तीन बार लिखकर तलाक देने को जायज होने के बारे में पूछा। आरोप है कि दारुल उलूम ने कागज पर लिखकर भेजे गए तीन तलाक को मंजूरी देते हुए फतवा जारी कर दिया।
कागज पर लिखकर दिए गए तीन तलाक के मामले को लेकर दारुल उलूम देवबंद और ससुरालियों के खिलाफ अतिया ने गत 23 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया।
अतिया के भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि अतिया के प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वाद का पंजीकरण कर लिया गया है। इस मामले में 15 फरवरी को सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। कोतवाली मंडी के मोहल्ला आली की चुंगी निवासी अतिया साबरी का कहना है कि उसका निकाह हरिद्वार के ग्राम जसोदापुर निवासी वाजिद अली के साथ हुआ था।
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निकाह के बाद उसे दो बेटियां हुईं, जिस कारण ससुरालियों ने उसे घर से निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। 13 नवंबर 2015 को उसे विषाक्त पदार्थ खिलाकर मारने का प्रयास किया।
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उस पर चारित्र खराब होने का आरोप लगाया गया और मारपीट की। इसके बाद कागज पर तीन बार तलाक लिखकर उसके मायके भेज दिया, जबकि वह ससुराल में ही रह रही थी।
इसके बाद दारुल उलूम देवबंद से तलाक का कारण बताते हुए तीन बार लिखकर तलाक देने को जायज होने के बारे में पूछा। आरोप है कि दारुल उलूम ने कागज पर लिखकर भेजे गए तीन तलाक को मंजूरी देते हुए फतवा जारी कर दिया।
कागज पर लिखकर दिए गए तीन तलाक के मामले को लेकर दारुल उलूम देवबंद और ससुरालियों के खिलाफ अतिया ने गत 23 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया।
अतिया के भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि अतिया के प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वाद का पंजीकरण कर लिया गया है। इस मामले में 15 फरवरी को सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर की गई है।