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एक परिवार के पांच लोग के शव देख रो पड़ा गांव-MUZAFFARNAGAR
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सहारनपुर। एक ही परिवार के पांच लोगों की अर्थियां एक साथ उठीं तो हर कोई रो पड़ा। पूरा गांव गमगीन हो गया। गांव के दर्जनों घरों में चूल्हे तक नहीं जले। शराब की लत ने पूरा घर ही बर्बाद कर दिया। जहरीली शराब पीकर भाई भी मौत के आगोश में समा गए, बेटों ने भी मौत की चादर ओढ़ ली। पूरा घर बिखर गया।
ग्राम उमाही कोटा में बल्लूराम के घर में जहरीली शराब ने जमकर तांडव मचाया। शराब की लत ने पूरा परिवार ही उजाड़ डाला। बृहस्पतिवार की काली रात में शराब का जो कहर शुरू हुआ तो एक के बाद एक करके मौत की नींद सुलाता चला गया। सबसे पहले बल्लूराम के बेटे पिंटू की मौत हुई। पिंटू कैंसर से भी पीड़ित था। उसके तीन मासूम बच्चे अपने पिता के लिए बिलख रहे थे। कुछ देर ही हुई थी उसे अस्पताल भेजे शुक्रवार दोपहर तक बल्लू की मौत हो गई, जबकि उसके दूसरे बेटे जल सिंह तथा दो भाई श्यामो एवं राजकुमार अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहे थे, लेकिन रात होने तक शराब के जहर ने उन्हें भी मौत की नींद सुला दिया।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर डाला। गांव का हर व्यक्ति सिसक उठा। एक के बाद एक करके घर से उनकी अर्थियां उठीं तो पूरा परिवार पुरुषों से लगभग खाली हो गया। शराब ने परिवार को लगभग खत्म ही कर दिया। सिर्फ बल्लूराम ही नहीं रामसहाय के भी दो बेटों राजू और राजेश को शराब निगल गई। कोलकी कलां के चाचा नाथीराम और उनके भतीजे गुलाब सिंह, चाचा शीशपाल और उनका भतीजा रीनू कुमार की मौतों ने परिवार को तोड़ दिया।
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- उजड़ गई जिंदगी, बिखर गया घर
ग्राम उमाही के बल्लूराम के परिवार के जहां पांच लोगों की मौत हुई। वहीं ग्राम कोलकी कलां ने एक ही मौत ने पूरा परिवार उजाड़ दिया। कोलकी कलां के संजय (32 वर्ष) पुत्र सेवाराम को जहरीली शराब ने डस लिया। संजय इस परिवार का इकलौता ही व्यक्ति था जो परिवार का पालन पोषण कर रहा था। चार बहनों का इकलौता भाई था संजय। माता-पिता का साया उठने के बाद उसने किसी प्रकार बहनों की शादी की। लगभग छह वर्ष पूर्व उसकी भी शादी अंशु से हुई। मात्र पांच साल का बेटा विपुल और नौ माह की बेटी किट्टी है। मजदूरी कर परिवार पाल रहे संजय ने किसी के कहने पर शराब का एक घूंट लिया और जिंदगी से हाथ धो बैठा। पत्नी अंशु का रो-रो कर बुुरा हाल हो गया। चारों बहनें अपने इकलौते भाई के लिए बिलख उठीं। उनकी हालत देख हर किसी की आंख नम हो गईं।
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ग्राम उमाही कोटा में बल्लूराम के घर में जहरीली शराब ने जमकर तांडव मचाया। शराब की लत ने पूरा परिवार ही उजाड़ डाला। बृहस्पतिवार की काली रात में शराब का जो कहर शुरू हुआ तो एक के बाद एक करके मौत की नींद सुलाता चला गया। सबसे पहले बल्लूराम के बेटे पिंटू की मौत हुई। पिंटू कैंसर से भी पीड़ित था। उसके तीन मासूम बच्चे अपने पिता के लिए बिलख रहे थे। कुछ देर ही हुई थी उसे अस्पताल भेजे शुक्रवार दोपहर तक बल्लू की मौत हो गई, जबकि उसके दूसरे बेटे जल सिंह तथा दो भाई श्यामो एवं राजकुमार अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहे थे, लेकिन रात होने तक शराब के जहर ने उन्हें भी मौत की नींद सुला दिया।
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एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर डाला। गांव का हर व्यक्ति सिसक उठा। एक के बाद एक करके घर से उनकी अर्थियां उठीं तो पूरा परिवार पुरुषों से लगभग खाली हो गया। शराब ने परिवार को लगभग खत्म ही कर दिया। सिर्फ बल्लूराम ही नहीं रामसहाय के भी दो बेटों राजू और राजेश को शराब निगल गई। कोलकी कलां के चाचा नाथीराम और उनके भतीजे गुलाब सिंह, चाचा शीशपाल और उनका भतीजा रीनू कुमार की मौतों ने परिवार को तोड़ दिया।
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- उजड़ गई जिंदगी, बिखर गया घर
ग्राम उमाही के बल्लूराम के परिवार के जहां पांच लोगों की मौत हुई। वहीं ग्राम कोलकी कलां ने एक ही मौत ने पूरा परिवार उजाड़ दिया। कोलकी कलां के संजय (32 वर्ष) पुत्र सेवाराम को जहरीली शराब ने डस लिया। संजय इस परिवार का इकलौता ही व्यक्ति था जो परिवार का पालन पोषण कर रहा था। चार बहनों का इकलौता भाई था संजय। माता-पिता का साया उठने के बाद उसने किसी प्रकार बहनों की शादी की। लगभग छह वर्ष पूर्व उसकी भी शादी अंशु से हुई। मात्र पांच साल का बेटा विपुल और नौ माह की बेटी किट्टी है। मजदूरी कर परिवार पाल रहे संजय ने किसी के कहने पर शराब का एक घूंट लिया और जिंदगी से हाथ धो बैठा। पत्नी अंशु का रो-रो कर बुुरा हाल हो गया। चारों बहनें अपने इकलौते भाई के लिए बिलख उठीं। उनकी हालत देख हर किसी की आंख नम हो गईं।