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कर्जमाफी को तिकड़माबजी: किसी ने बदला नाम तो किसी ने छुपाई पहचान
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:28 AM IST
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कर्जमाफी को तिकड़मबाजी: किसी ने बदला नाम तो किसी ने छिर्पाई पहचान
रामपुर।
कर्जमाफी के लिए किसानों ने भी जमकर तिकड़मबाजी की। किसी ने नाम में तो किसी ने बैंक खाते में गोलमाल कर गलत ढंग से कर्ज माफ कराने की कोशिश की। जिले में मार्च से अप्रैल माह में हुई शिकायतों और निस्तारण में ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 6776 मामले सामने आए। जिनके आवेदन निरस्त किए गए हैं। इनमें 172 किसानों ने नाम बदलकर तो 932 किसानों ने एक ही भूमि पर दो बैंकों से लिए गए कर्ज को माफ कराने की कोशिश करते हुए आवेदन कर दिया। इनमें सैकड़ों किसान ऐसे भी थे जिन्होंने एक ही शिकायत को अलग-अलग माध्यम से दो बार दर्ज करा दिया।
प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कर्ज माफी की राहत दी तो किसानों ने भी इसका भरपूर लाभ उठाने की कोशिश की। किसी ने नियम और मानकों के दायरे में कर्ज माफ कराया तो किसी का लालच इतना बढ़ गया कि वो हेराफेरी और गोलमाल कर गलत ढंग से कर्ज माफ कराने में भी पीछे नहीं रहा। जिले में मार्च माह में शिविर लगाकर कर्जमाफी को लेकर शिकायत/आवेदन मांगे गए थे। जो कि अप्रैल माह में निस्तारित किए गए। इसमें ऑनलाइन माध्यम से जिले में 9756 किसानों ने शिकायत दर्ज कराई। इनमें से 6776 शिकायतों/आवेदन को निरस्त कर दिया गया और सिर्फ 1180 किसान ही पात्र पाए गए जो कि कर्जमाफ योजना के लिए पात्र होते हुए वंचित रह गए थे। निरस्त की गईं इन 6776 शिकायतों में हजारों किसान ऐसे थे जो हेराफेरी और गोलमाल कर कर्ज माफ कराना चाहते थे।
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रामपुर।
कर्जमाफी के लिए किसानों ने भी जमकर तिकड़मबाजी की। किसी ने नाम में तो किसी ने बैंक खाते में गोलमाल कर गलत ढंग से कर्ज माफ कराने की कोशिश की। जिले में मार्च से अप्रैल माह में हुई शिकायतों और निस्तारण में ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 6776 मामले सामने आए। जिनके आवेदन निरस्त किए गए हैं। इनमें 172 किसानों ने नाम बदलकर तो 932 किसानों ने एक ही भूमि पर दो बैंकों से लिए गए कर्ज को माफ कराने की कोशिश करते हुए आवेदन कर दिया। इनमें सैकड़ों किसान ऐसे भी थे जिन्होंने एक ही शिकायत को अलग-अलग माध्यम से दो बार दर्ज करा दिया।
प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कर्ज माफी की राहत दी तो किसानों ने भी इसका भरपूर लाभ उठाने की कोशिश की। किसी ने नियम और मानकों के दायरे में कर्ज माफ कराया तो किसी का लालच इतना बढ़ गया कि वो हेराफेरी और गोलमाल कर गलत ढंग से कर्ज माफ कराने में भी पीछे नहीं रहा। जिले में मार्च माह में शिविर लगाकर कर्जमाफी को लेकर शिकायत/आवेदन मांगे गए थे। जो कि अप्रैल माह में निस्तारित किए गए। इसमें ऑनलाइन माध्यम से जिले में 9756 किसानों ने शिकायत दर्ज कराई। इनमें से 6776 शिकायतों/आवेदन को निरस्त कर दिया गया और सिर्फ 1180 किसान ही पात्र पाए गए जो कि कर्जमाफ योजना के लिए पात्र होते हुए वंचित रह गए थे। निरस्त की गईं इन 6776 शिकायतों में हजारों किसान ऐसे थे जो हेराफेरी और गोलमाल कर कर्ज माफ कराना चाहते थे।
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