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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में फर्जीवाड़ा, नौ पर रिपोर्ट के आदेश
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2016 11:44 PM IST
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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। रोजगार, उद्योग स्थापना के लिए बैंक से 80.75 लाख रुपये निकाल लिए गए। लेकिन सबकुछ कागजों पर ही होता रहा।
बैंक की ओर से जब मामले की जांच कराई गई, तो कहीं पर उद्योग स्थापित नहीं मिला। मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा रस्तामऊ के शाखा प्रबंधक ने सभी नौ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट की शरण ली।
सभी मामलों में धारा 156(3) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर एसीजेएम अभिषेक उपाध्याय ने मोहनगंज पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
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बैंक की ओर से मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता संदीप सिंह के मुताबिक शाखा प्रबंधक आशीष गुप्ता का आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा की रस्तामऊ शाखा से तनवीर अहमद ने सीमेंट जाली उद्योग लगाने के लिए 9.50 लाख रुपये ऋण लिया था।
इसी तरह गुलाम रसूल ने 9.50 लाख, मो. नसीम ने फर्नीचर व्यवसाय के लिए 9.50 लाख, मो. नफीस खां ने उद्योग के लिए 4.75 लाख, मो. शमीम ने रोजगार के लिए 9.50 लाख, पवन कुमार सिंह ने टेंट हाउस व्यवसाय के लिए 9.50 लाख, मो. इरफान ने टेंट हाउस के लिए 9.50 लाख, मो. एजाज अहमद ने फर्नीचर व्यवसाय के लिए 9.50 लाख और रफीक अहमद ने स्पेलर लगाने के लिए 9.50 लाख रुपये ऋण लिया।
आरोप है कि सभी ने बिना रोजगार, उद्योग लगाए फर्जी प्रपत्रों के आधार पर उद्योग व व्यवसाय स्थापित करने की सूचना बैंक को दी। शाखा प्रबंधक ने जांच कराई तो सब फर्जी पाया गया।
उद्योग केवल कागजों पर लगे पाए गए। इस तरह धोखाधड़ी करते हुए सरकारी धन हड़प लिया। बैंक ने जांच कराई तो कोई भी रोजगार, उद्योग स्थापित नहीं मिला। मामले को संबंधित थाने में ले जाया गया, लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। इस पर बैक ने कोर्ट की शरण ली।
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बैंक की ओर से जब मामले की जांच कराई गई, तो कहीं पर उद्योग स्थापित नहीं मिला। मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा रस्तामऊ के शाखा प्रबंधक ने सभी नौ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट की शरण ली।
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सभी मामलों में धारा 156(3) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर एसीजेएम अभिषेक उपाध्याय ने मोहनगंज पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
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बैंक की ओर से मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता संदीप सिंह के मुताबिक शाखा प्रबंधक आशीष गुप्ता का आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा की रस्तामऊ शाखा से तनवीर अहमद ने सीमेंट जाली उद्योग लगाने के लिए 9.50 लाख रुपये ऋण लिया था।
इसी तरह गुलाम रसूल ने 9.50 लाख, मो. नसीम ने फर्नीचर व्यवसाय के लिए 9.50 लाख, मो. नफीस खां ने उद्योग के लिए 4.75 लाख, मो. शमीम ने रोजगार के लिए 9.50 लाख, पवन कुमार सिंह ने टेंट हाउस व्यवसाय के लिए 9.50 लाख, मो. इरफान ने टेंट हाउस के लिए 9.50 लाख, मो. एजाज अहमद ने फर्नीचर व्यवसाय के लिए 9.50 लाख और रफीक अहमद ने स्पेलर लगाने के लिए 9.50 लाख रुपये ऋण लिया।
आरोप है कि सभी ने बिना रोजगार, उद्योग लगाए फर्जी प्रपत्रों के आधार पर उद्योग व व्यवसाय स्थापित करने की सूचना बैंक को दी। शाखा प्रबंधक ने जांच कराई तो सब फर्जी पाया गया।
उद्योग केवल कागजों पर लगे पाए गए। इस तरह धोखाधड़ी करते हुए सरकारी धन हड़प लिया। बैंक ने जांच कराई तो कोई भी रोजगार, उद्योग स्थापित नहीं मिला। मामले को संबंधित थाने में ले जाया गया, लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। इस पर बैक ने कोर्ट की शरण ली।