{"_id":"594eb8574f1c1b99548b459f","slug":"51498331223-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा श्रमिक की हत्या कर शव को शिवगढ़ रजबहे में फेंका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मनरेगा श्रमिक की हत्या कर शव को शिवगढ़ रजबहे में फेंका
Updated Sun, 25 Jun 2017 03:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रमिक की हत्या, शव रजबहे में फेंका
- लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के छतौनी का रहने वाला था मृतक अंगनू
अमर उजाला ब्यूरो
शिवगढ़ (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में एक मनरेगा श्रमिक की हत्या कर शव शिवगढ़ रजबहे में फेंक दिया गया। आंखेें बाहर निकली थी और दांत टूटे थे। कान-पीठ पर चोट के निशान थे। उसका मर्डर किसने और क्यों किया, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। परिवारीजन भी इस बाबत कुछ नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
शारदा सहायक खंड लखनऊ तृतीय से शिवगढ़ रजबहा निकला है। शिवदयाल खेड़ा और जोरी का पुरवा के बीच शिवगढ़ रजबहा में शनिवार को 55 वर्षीय एक व्यक्ति का शव ग्रामीणों ने देखा। सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे बाहर निकाला। पुलिस घटना की जांच कर ही रही थी कि मृतक की तलाश में निकले उसके परिवारीजन भी मौके पर पहुंच गए। उसकी पहचान अंगनू पुत्र पूर्णमासी निवासी छतौनी थाना नगराम जिला लखनऊ के रूप में हुई। उसकी दोनों आंखें बाहर निकली थी। दांत टूटे थे। शरीर पर चोट के निशान थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि मर्डर करने के बाद उसके शव को रजबहे में फेंक दिया गया। थानेदार लालचंद्र सरोज का कहना है कि पीएम रिपोर्ट और परिवारीजनों की तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी। अंगनू मनरेगा श्रमिक था। मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। मृतक के तीन बच्चे रोहित, हरिश्चंद्र और रिंकू हैं। रोहित दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है, जबकि दो बच्चे घर पर रहते हैं। बेटे हरिश्चंद्र का कहना है कि हमारी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। उसका कहना है कि पिता की हत्या की गई है।
इनसेट
22 जून से था लापता
घुमंतू जानवरों से अपने खेतों की सुरक्षा के लिए नहर किनारे एक छप्पर रखे हुए था। 22 जून को अंगनू घर से नहर किनारे रखे छप्पर के नीचे सोने के लिए निकला था। बेटा हरिश्चंद्र रात में 8.30 बजे किसी काम से आया तो अंगनू वहां पर नहीं था। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू की गई थी। पत्नी शांति ने 23 जून को स्थानीय थाने नगराम पर इसकी सूचना दी थी। साथ ही खोजबीन शुरू की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के छतौनी का रहने वाला था मृतक अंगनू
अमर उजाला ब्यूरो
शिवगढ़ (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में एक मनरेगा श्रमिक की हत्या कर शव शिवगढ़ रजबहे में फेंक दिया गया। आंखेें बाहर निकली थी और दांत टूटे थे। कान-पीठ पर चोट के निशान थे। उसका मर्डर किसने और क्यों किया, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। परिवारीजन भी इस बाबत कुछ नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
शारदा सहायक खंड लखनऊ तृतीय से शिवगढ़ रजबहा निकला है। शिवदयाल खेड़ा और जोरी का पुरवा के बीच शिवगढ़ रजबहा में शनिवार को 55 वर्षीय एक व्यक्ति का शव ग्रामीणों ने देखा। सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे बाहर निकाला। पुलिस घटना की जांच कर ही रही थी कि मृतक की तलाश में निकले उसके परिवारीजन भी मौके पर पहुंच गए। उसकी पहचान अंगनू पुत्र पूर्णमासी निवासी छतौनी थाना नगराम जिला लखनऊ के रूप में हुई। उसकी दोनों आंखें बाहर निकली थी। दांत टूटे थे। शरीर पर चोट के निशान थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि मर्डर करने के बाद उसके शव को रजबहे में फेंक दिया गया। थानेदार लालचंद्र सरोज का कहना है कि पीएम रिपोर्ट और परिवारीजनों की तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी। अंगनू मनरेगा श्रमिक था। मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। मृतक के तीन बच्चे रोहित, हरिश्चंद्र और रिंकू हैं। रोहित दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है, जबकि दो बच्चे घर पर रहते हैं। बेटे हरिश्चंद्र का कहना है कि हमारी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। उसका कहना है कि पिता की हत्या की गई है।
विज्ञापन
इनसेट
22 जून से था लापता
घुमंतू जानवरों से अपने खेतों की सुरक्षा के लिए नहर किनारे एक छप्पर रखे हुए था। 22 जून को अंगनू घर से नहर किनारे रखे छप्पर के नीचे सोने के लिए निकला था। बेटा हरिश्चंद्र रात में 8.30 बजे किसी काम से आया तो अंगनू वहां पर नहीं था। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू की गई थी। पत्नी शांति ने 23 जून को स्थानीय थाने नगराम पर इसकी सूचना दी थी। साथ ही खोजबीन शुरू की थी।
विज्ञापन