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खाकी और समाजसेवियों की तरफ से किए जाएंगे सारे इंतजाम
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डीह (रायबरेली)। बेटी की शादी में आर्थिक तंगी बनी तो पिता फांसी पर झूल गया। अब जब परिवार की उम्मीदें टूट गईं तो खाकी और समाजसेवी सहारा बनते नजर आ रहे हैं। अब बेटी शुभि की शादी धूमधाम के साथ होगी।
शादी के सारे इंतजाम का जिम्मा पुलिस और समाजसेवियों की तरफ से उठाया जाएगा। तिलक जाने के लिए गाड़ियों और मिठाई तक की व्यवस्था करा दी गई है। साथ ही बारातियों के स्वागत के लिए भी इंतजाम कर लिए गए हैं, ताकि पीड़ित परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो।
डीह थाना क्षेत्र के गोविंदपुर मजरे सरांय मानिक गांव निवासी त्रिभुवन (45) पुत्र इंद्रपाल किसी तरह मजदूरी करके परिवार चलाता था। रविवार की सुबह त्रिभुवन ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनकी बेटी शुभि का 21 फरवरी को तिलक और दो मार्च को शादी है। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। त्रिभुवन बेटी की शादी नहीं कर पा रहा था। इस वजह से उसने मौत को गले लगा लिया था।
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सोमवार को डीह एसओ अनिल सिंह, प्रधान सत्यभामा यादव, प्रधान प्रतिनिधि बबलू ओझा, वीरेंद्र यादव, व्यापार मंडल अध्यक्ष पवन अग्रहरि, अशोक यादव ने पीड़ित परिवार के घर पर बैठक की।
इस दौरान सभी ने तय किया कि त्रिभुवन की बेटी की शादी में कोई अड़चन नहीं आएगी और शादी तय तिथि पर ही धूमधाम के साथ कराई जाएगी। शादी का पूरा खर्च हम सब मिलकर उठाएंगे। सभी ने त्रिभुवन की पत्नी कमलेश को ढांढस बंधाया कि वह परेशान न हों। हम सब उनके साथ हैं।
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शादी के सारे इंतजाम का जिम्मा पुलिस और समाजसेवियों की तरफ से उठाया जाएगा। तिलक जाने के लिए गाड़ियों और मिठाई तक की व्यवस्था करा दी गई है। साथ ही बारातियों के स्वागत के लिए भी इंतजाम कर लिए गए हैं, ताकि पीड़ित परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो।
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डीह थाना क्षेत्र के गोविंदपुर मजरे सरांय मानिक गांव निवासी त्रिभुवन (45) पुत्र इंद्रपाल किसी तरह मजदूरी करके परिवार चलाता था। रविवार की सुबह त्रिभुवन ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनकी बेटी शुभि का 21 फरवरी को तिलक और दो मार्च को शादी है। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। त्रिभुवन बेटी की शादी नहीं कर पा रहा था। इस वजह से उसने मौत को गले लगा लिया था।
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सोमवार को डीह एसओ अनिल सिंह, प्रधान सत्यभामा यादव, प्रधान प्रतिनिधि बबलू ओझा, वीरेंद्र यादव, व्यापार मंडल अध्यक्ष पवन अग्रहरि, अशोक यादव ने पीड़ित परिवार के घर पर बैठक की।
इस दौरान सभी ने तय किया कि त्रिभुवन की बेटी की शादी में कोई अड़चन नहीं आएगी और शादी तय तिथि पर ही धूमधाम के साथ कराई जाएगी। शादी का पूरा खर्च हम सब मिलकर उठाएंगे। सभी ने त्रिभुवन की पत्नी कमलेश को ढांढस बंधाया कि वह परेशान न हों। हम सब उनके साथ हैं।