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30 हजार लोगों को सोलर वाटर प्लांट से मिलेगा शुद्ध पानी
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डीह ब्लॉक क्षेत्र के हर ग्राम पंचायत में बनाया जाएगा टैंक
डीह (रायबरेली)। बिजली आए या न आए लेकिन डीह ब्लॉक क्षेत्र के करीब 30 हजार लोगों को हर समय शुद्ध पानी मुहैया रहेगा। इसके लिए जल मंत्रालय ने पहल शुरू कर दी है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सोलर ऊर्जा वाटर प्लांट लगाया जाएगा।
इस टैंक से 50 परिवारों को पानी मिल सकेगा। टैंक में टोंटी लगी होगी, जिससे लोग पानी भरेंगे, जबकि टैंक के नीचे एक खुली टंकी बनाई जाएगी, जिसमें मवेशियों को पानी पिलाने में आसानी होगी। एक प्लांट के निर्माण करीब ढाई लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
अब तक छह गांवों में प्लांट लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। इनके निर्माण में जल मंत्रालय की एक टीम नजर रखे हुए हैं। उसकी निगरानी में यह सब कार्य हो रहा है। डीह ब्लॉक में कुल 41 ग्राम पंचायत हैं, जिनमें ज्यादातर गांवों में पीने के पानी की समस्या है।
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कुछ गांवों में तो लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए जल मंत्रालय ने सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक सौर ऊर्जा चलित प्लांट लगाने का काम शुरू कर दिया है। टेकारीदादू, टेकारीसहन, पोठई, बेतौरा, रेवरी सैदपुर गांव में बोरिंग के बाद टैंक बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
टीम ने निगोही गांव में पहुंचकर प्लांट लगने वाली जगह का चयन कर लिया गया है। ग्राम प्रधान रंजीत सिह ने बताया की एक टीम गांव आई थी, जिसने गांव में प्लांट लगने वाली जगह चिन्हित कर ली है। दिल्ली की एनजीओ आरए एसोसिएट इस कार्य को करा रही है।
इसमें बोरिंग करने के बाद सोलर पैनल लगेंगे, जो सौर ऊर्जा से मोटर चलेगी। लोगों को पानी पीने के टोंटी लगेगी, जबकि मवेशियों को पानी पीने के लिए खुला टैंक बनाया जाएगा।
पांच हजार लीटर का बनेगा टैंक
प्रत्येक प्लांट में पांच हजार लीटर का टैंक बनेगा। टैंक का पानी खत्म होते हुए अपने आप स्वत: मोटर चालू होगी और टैंक भरेगा। खास बात यह है कि इसको चलाने और बंद करने के लिए किसी की तैनाती नहीं होगी। ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा, जो अपने आप काम करेगा।
प्लांट लगाने के ग्राम सभा के उस स्थान का चयन किया जाएगा, जहां पर पानी की सुविधा नहीं है या फिर लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है। एक टैंक से 50 परिवार लाभान्वित होंगे। ग्राम प्रधान महेश यादव, सालिकराम, रामकुमार मिश्रा, दिनेश सिंह, अशोक यादव ने बताया जल मंत्रालय का यह प्रयास सराहनीय है। इससे लोगों को शुद्ध पानी मिलेगा।
पेयजल के लिए बेहतर प्रयास
जल मंत्रालय का यह बेहतर प्रयास है। इन प्लांटों के बन जाने से काफी हद तक लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है।
-कमलेश द्विवेदी, बीडीओ डीह
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डीह (रायबरेली)। बिजली आए या न आए लेकिन डीह ब्लॉक क्षेत्र के करीब 30 हजार लोगों को हर समय शुद्ध पानी मुहैया रहेगा। इसके लिए जल मंत्रालय ने पहल शुरू कर दी है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सोलर ऊर्जा वाटर प्लांट लगाया जाएगा।
इस टैंक से 50 परिवारों को पानी मिल सकेगा। टैंक में टोंटी लगी होगी, जिससे लोग पानी भरेंगे, जबकि टैंक के नीचे एक खुली टंकी बनाई जाएगी, जिसमें मवेशियों को पानी पिलाने में आसानी होगी। एक प्लांट के निर्माण करीब ढाई लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अब तक छह गांवों में प्लांट लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। इनके निर्माण में जल मंत्रालय की एक टीम नजर रखे हुए हैं। उसकी निगरानी में यह सब कार्य हो रहा है। डीह ब्लॉक में कुल 41 ग्राम पंचायत हैं, जिनमें ज्यादातर गांवों में पीने के पानी की समस्या है।
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कुछ गांवों में तो लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए जल मंत्रालय ने सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक सौर ऊर्जा चलित प्लांट लगाने का काम शुरू कर दिया है। टेकारीदादू, टेकारीसहन, पोठई, बेतौरा, रेवरी सैदपुर गांव में बोरिंग के बाद टैंक बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
टीम ने निगोही गांव में पहुंचकर प्लांट लगने वाली जगह का चयन कर लिया गया है। ग्राम प्रधान रंजीत सिह ने बताया की एक टीम गांव आई थी, जिसने गांव में प्लांट लगने वाली जगह चिन्हित कर ली है। दिल्ली की एनजीओ आरए एसोसिएट इस कार्य को करा रही है।
इसमें बोरिंग करने के बाद सोलर पैनल लगेंगे, जो सौर ऊर्जा से मोटर चलेगी। लोगों को पानी पीने के टोंटी लगेगी, जबकि मवेशियों को पानी पीने के लिए खुला टैंक बनाया जाएगा।
पांच हजार लीटर का बनेगा टैंक
प्रत्येक प्लांट में पांच हजार लीटर का टैंक बनेगा। टैंक का पानी खत्म होते हुए अपने आप स्वत: मोटर चालू होगी और टैंक भरेगा। खास बात यह है कि इसको चलाने और बंद करने के लिए किसी की तैनाती नहीं होगी। ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा, जो अपने आप काम करेगा।
प्लांट लगाने के ग्राम सभा के उस स्थान का चयन किया जाएगा, जहां पर पानी की सुविधा नहीं है या फिर लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है। एक टैंक से 50 परिवार लाभान्वित होंगे। ग्राम प्रधान महेश यादव, सालिकराम, रामकुमार मिश्रा, दिनेश सिंह, अशोक यादव ने बताया जल मंत्रालय का यह प्रयास सराहनीय है। इससे लोगों को शुद्ध पानी मिलेगा।
पेयजल के लिए बेहतर प्रयास
जल मंत्रालय का यह बेहतर प्रयास है। इन प्लांटों के बन जाने से काफी हद तक लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है।
-कमलेश द्विवेदी, बीडीओ डीह