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रात में लिए सात फेरे, सुबह डाला वोट
Updated Thu, 30 Nov 2017 01:18 AM IST
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रात में लिए सात फेरे, सुबह डाला वोट
सलोन (रायबरेली)। मंगलवार रात सात फेरे लिए और बुधवार सुबह र्नई नवेली दुल्हन ने बूथ पर पहुंचकर अपना वोट डाला। नई नवेली दुल्हन संध्या ने न सिर्फ मताधिकार का प्रयोग किया, बल्कि वोट की कीमत न समझने वाले लोगों को एक सीख भी दी। उनका कहना था कि वोट डालना हमारा अधिकार है। इसका प्रयोग करना जरूरी है।
सलोन कस्बे के पैंगंबरपुर पूर्वी की रहने वाली संध्या पुत्री हरीलाल की शादी प्रतापगढ़ जिले के भवानीगंज निवासी संतोष के साथ तय हुई थी। मंगलवार रात धूमधाम के साथ बारात पहुंची। संध्या और संतोष ने सात फेरे लिए। सुबह कलेवा कार्यक्रम के बाद दुल्हन विदा कराने का समय आया। नई नवेली दुल्हन के लिबास में संध्या ने ससुराल जाने से पहले वोट डालने की बात कही।
इस पर बारात विदा नहीं कराई गई। संध्या अपनी मां अनवरी, बहन सोनम, सुधा व भाई संदीप कुमार के साथ मतदान केंद्र प्राथमिक पाठशाला सलोन पहुंची और वोट डाला। वोट डालने के बाद बूथ से बाहर आई संध्या से बात की गई तो उसका कहना था कि पांच साल बाद वोट डालने का मौका मिलता है। सोचा कि वोट डालने के बाद ससुराल जाऊं। अपने मताधिकार का प्रयोग करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। यह सबका कर्तव्य है। ऐसा करके हम सब अच्छा जनप्रतिनिधि चुन सकते हैं।
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सलोन (रायबरेली)। मंगलवार रात सात फेरे लिए और बुधवार सुबह र्नई नवेली दुल्हन ने बूथ पर पहुंचकर अपना वोट डाला। नई नवेली दुल्हन संध्या ने न सिर्फ मताधिकार का प्रयोग किया, बल्कि वोट की कीमत न समझने वाले लोगों को एक सीख भी दी। उनका कहना था कि वोट डालना हमारा अधिकार है। इसका प्रयोग करना जरूरी है।
सलोन कस्बे के पैंगंबरपुर पूर्वी की रहने वाली संध्या पुत्री हरीलाल की शादी प्रतापगढ़ जिले के भवानीगंज निवासी संतोष के साथ तय हुई थी। मंगलवार रात धूमधाम के साथ बारात पहुंची। संध्या और संतोष ने सात फेरे लिए। सुबह कलेवा कार्यक्रम के बाद दुल्हन विदा कराने का समय आया। नई नवेली दुल्हन के लिबास में संध्या ने ससुराल जाने से पहले वोट डालने की बात कही।
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इस पर बारात विदा नहीं कराई गई। संध्या अपनी मां अनवरी, बहन सोनम, सुधा व भाई संदीप कुमार के साथ मतदान केंद्र प्राथमिक पाठशाला सलोन पहुंची और वोट डाला। वोट डालने के बाद बूथ से बाहर आई संध्या से बात की गई तो उसका कहना था कि पांच साल बाद वोट डालने का मौका मिलता है। सोचा कि वोट डालने के बाद ससुराल जाऊं। अपने मताधिकार का प्रयोग करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। यह सबका कर्तव्य है। ऐसा करके हम सब अच्छा जनप्रतिनिधि चुन सकते हैं।
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