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मलबे का ढेर बना प्लेटफार्म, ट्रैफिक ब्लाक से ट्रेनें बाधित
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सीन-1 हर तरफ फैला मलबा, बैठने और निकलने की जगह नहीं
रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर एक इन दिनों मलबे के ढेर में तब्दील है। टिनशेड को बदलने का काम करीब एक हफ्ते से चल रहा है। पुराना टिनशेड उखाड़कर प्लेटफार्म पर ही फैला दिया गया है।
नए टिनशेड के ढेर भी जगह-जगह लगे हुए हैं। मुख्य भवन के सभी कमरों में भी मेंटेनेंस वर्क चल रहा है। सारा मलबा प्लेटफार्म पर ही ढेर होने से रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने-अपने कमरों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। यात्रियों को प्लेटफार्म पर बैठने की जगह नहीं है।
आने-जाने में भी समस्या है। जल्दबाजी में यात्रियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। काम करा रहे अभियंताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक साथ कई वर्क होने के कारण समस्या है। भारी सामान होने से बार-बार इधर-उधर नहीं किया जा सकता है।
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सीन-2 प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर खींची इलेक्ट्रिक लाइन
उतरेटिया से जंघई तक इलेक्ट्रिक लाइन का काम पूरा करने के लिए गुरुवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर वायरिंग कराई गई। इसके लिए पूरे दिन मशीनें दौड़ती रहीं, जिससे तीन बार ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया।
आरवीएनएल के परवेज ने बताया कि इलेक्ट्रिक लाइन खींचने के लिए सुबह 11 बजे से 1 बजे तक, दोपहर 1.05 बजे से 1.45 बजे तक और दोपहर 2.55 बजे से 3.55 बजे तक ट्रैफिक ब्लाक लिया गया।
हालांकि इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। रेल विकास निगम लिमिटेड के सहायक प्रबंधक जगन्नाथ मिश्र ने बताया कि अब लाइन खींचने (वायरिंग) का काम पूरा हो गया है। सिर्फ नान-इंटरलाकिंग का काम कराया जाना बाकी है।
रायबरेली। एक साथ कई काम होने से रेलवे स्टेशन इन दिनों मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। चाहे स्टेशन का बाहरी हिस्सा हो या फिर प्लेटफार्म, हर तरफ धूल-मिट्टी और टूटा-फूटा सामान बिखरा पड़ा है।
मुख्य मार्ग से स्टेशन के अंदर जाने के लिए बन रहे दोनों गेटों के आसपास मिट्टी का ढेर लगा हुआ है, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में धूल फैली रहती है। लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यही हाल प्लेटफार्म और मुख्य बिल्डिंग का है, जहां सौंदर्यीकरण के लिए कराए जा रहे कार्यों ने यात्रियों के लिए मुसीबत पैदा कर दी है।
सारा पुराना सामान उखाड़कर प्लेटफार्म पर भी फैला दिया गया है और नया सामान भी लगाकर प्लेटफार्म पर भी रखा गया है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से रस्सियों का घेरा बना दिया गया है, फिर भी ट्रेनों के आने पर भागदौड़ के चलते यात्रियों के चुटहिल होने का खतरा हर समय बना रहता है।
इस अव्यवस्था से न सिर्फ यात्री, बल्कि रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल आफिस से लेकर आरपीएफ तक मलबा पड़ा हुआ है। प्रवेश और निकास द्वार के पास भी निकलने की जगह नहीं है।
प्लेटफार्म पर मलबा पड़ा होने से यात्रियों को दिक्कतें जरूर हो रही हैं, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों से कहा गया है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए मलबा शीघ्र हटवाया जाएगा। ट्रैफिक ब्लॉक से कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। ट्रेनों के आवागमन को देखते हुए ही ट्रैफिक ब्लॉक दिया जाता है।
-राकेश कुमार, स्टेशन अधीक्षक
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रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर एक इन दिनों मलबे के ढेर में तब्दील है। टिनशेड को बदलने का काम करीब एक हफ्ते से चल रहा है। पुराना टिनशेड उखाड़कर प्लेटफार्म पर ही फैला दिया गया है।
नए टिनशेड के ढेर भी जगह-जगह लगे हुए हैं। मुख्य भवन के सभी कमरों में भी मेंटेनेंस वर्क चल रहा है। सारा मलबा प्लेटफार्म पर ही ढेर होने से रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने-अपने कमरों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। यात्रियों को प्लेटफार्म पर बैठने की जगह नहीं है।
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आने-जाने में भी समस्या है। जल्दबाजी में यात्रियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। काम करा रहे अभियंताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक साथ कई वर्क होने के कारण समस्या है। भारी सामान होने से बार-बार इधर-उधर नहीं किया जा सकता है।
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सीन-2 प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर खींची इलेक्ट्रिक लाइन
उतरेटिया से जंघई तक इलेक्ट्रिक लाइन का काम पूरा करने के लिए गुरुवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर वायरिंग कराई गई। इसके लिए पूरे दिन मशीनें दौड़ती रहीं, जिससे तीन बार ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया।
आरवीएनएल के परवेज ने बताया कि इलेक्ट्रिक लाइन खींचने के लिए सुबह 11 बजे से 1 बजे तक, दोपहर 1.05 बजे से 1.45 बजे तक और दोपहर 2.55 बजे से 3.55 बजे तक ट्रैफिक ब्लाक लिया गया।
हालांकि इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। रेल विकास निगम लिमिटेड के सहायक प्रबंधक जगन्नाथ मिश्र ने बताया कि अब लाइन खींचने (वायरिंग) का काम पूरा हो गया है। सिर्फ नान-इंटरलाकिंग का काम कराया जाना बाकी है।
रायबरेली। एक साथ कई काम होने से रेलवे स्टेशन इन दिनों मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। चाहे स्टेशन का बाहरी हिस्सा हो या फिर प्लेटफार्म, हर तरफ धूल-मिट्टी और टूटा-फूटा सामान बिखरा पड़ा है।
मुख्य मार्ग से स्टेशन के अंदर जाने के लिए बन रहे दोनों गेटों के आसपास मिट्टी का ढेर लगा हुआ है, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में धूल फैली रहती है। लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यही हाल प्लेटफार्म और मुख्य बिल्डिंग का है, जहां सौंदर्यीकरण के लिए कराए जा रहे कार्यों ने यात्रियों के लिए मुसीबत पैदा कर दी है।
सारा पुराना सामान उखाड़कर प्लेटफार्म पर भी फैला दिया गया है और नया सामान भी लगाकर प्लेटफार्म पर भी रखा गया है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से रस्सियों का घेरा बना दिया गया है, फिर भी ट्रेनों के आने पर भागदौड़ के चलते यात्रियों के चुटहिल होने का खतरा हर समय बना रहता है।
इस अव्यवस्था से न सिर्फ यात्री, बल्कि रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल आफिस से लेकर आरपीएफ तक मलबा पड़ा हुआ है। प्रवेश और निकास द्वार के पास भी निकलने की जगह नहीं है।
प्लेटफार्म पर मलबा पड़ा होने से यात्रियों को दिक्कतें जरूर हो रही हैं, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों से कहा गया है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए मलबा शीघ्र हटवाया जाएगा। ट्रैफिक ब्लॉक से कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। ट्रेनों के आवागमन को देखते हुए ही ट्रैफिक ब्लॉक दिया जाता है।
-राकेश कुमार, स्टेशन अधीक्षक