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Pilibhit News: जीएसटी मामलों में सुधार के लिए युवा व्यापारियों ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
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पूरनपुर। युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने जीएसटी के मामलों में सुधार करने की मांग को लेकर वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी का कानून वर्ष 2017-18 में लागू किया गया था। पोर्टल पर सुधार और संशोधन की प्रक्रिया अब भी लागू है। शुरुआत से वर्ष 2019 तक जीएसटी आर २ए और जीएसटी आर 2बी पोर्टल पर चालू नहीं था। मात्र 3बी रिटर्न फाइन हो सकता था। इस कारण व्यापारी खरीद के बिल पोर्टल पर चेक नहीं कर सकते थे। खरीद के वास्तविक बिलों के आधार पर 3बी फाइनल कर आईटीसी क्लेम की जाती थी। इससे आईटीसी मिसमेच हो रही थी। अधिकांश मामलों में मामूली टैक्स का अंतर होने पर भी धारा 73 में कम से कम 10 हजार रुपये, एस टीएसटी और 10 हजार रुपये सीजीएसटी की पेनाल्टी 100-200 रुपये का अंतर होने पर भी लगाई जा रही है। इसके साथ 18 प्रतिशत ब्याज की नोटिस भी भेजी जा रही है। इसमें व्यापारी की कोई गलती या कमी आईटीसी मिसमेच होने में नहीं है।
ज्ञापन में वर्ष 2017-18 से 2018-19 की आईटीसी मिसमेच मामलों में सिर्फ टैक्स का अंतर व्यापारी से लेने, पेनाल्टी और ब्याज वर्ष 2017-18 से 2018-19 के आईटीसी मिसमेच मामलों मेंं न लगाया जाए, व्यापारी को पेनाल्टी और ब्याज वापस कराया जाए आदि की मांग की गई। ज्ञापन में युवा नगराध्यक्ष विवेक खंडेेलवाल और नगराध्यक्ष जगजीवन वाजवा के हस्ताक्षर थे।
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ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी का कानून वर्ष 2017-18 में लागू किया गया था। पोर्टल पर सुधार और संशोधन की प्रक्रिया अब भी लागू है। शुरुआत से वर्ष 2019 तक जीएसटी आर २ए और जीएसटी आर 2बी पोर्टल पर चालू नहीं था। मात्र 3बी रिटर्न फाइन हो सकता था। इस कारण व्यापारी खरीद के बिल पोर्टल पर चेक नहीं कर सकते थे। खरीद के वास्तविक बिलों के आधार पर 3बी फाइनल कर आईटीसी क्लेम की जाती थी। इससे आईटीसी मिसमेच हो रही थी। अधिकांश मामलों में मामूली टैक्स का अंतर होने पर भी धारा 73 में कम से कम 10 हजार रुपये, एस टीएसटी और 10 हजार रुपये सीजीएसटी की पेनाल्टी 100-200 रुपये का अंतर होने पर भी लगाई जा रही है। इसके साथ 18 प्रतिशत ब्याज की नोटिस भी भेजी जा रही है। इसमें व्यापारी की कोई गलती या कमी आईटीसी मिसमेच होने में नहीं है।
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ज्ञापन में वर्ष 2017-18 से 2018-19 की आईटीसी मिसमेच मामलों में सिर्फ टैक्स का अंतर व्यापारी से लेने, पेनाल्टी और ब्याज वर्ष 2017-18 से 2018-19 के आईटीसी मिसमेच मामलों मेंं न लगाया जाए, व्यापारी को पेनाल्टी और ब्याज वापस कराया जाए आदि की मांग की गई। ज्ञापन में युवा नगराध्यक्ष विवेक खंडेेलवाल और नगराध्यक्ष जगजीवन वाजवा के हस्ताक्षर थे।
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