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टेलीमेडिसन सेवा : गांवों में नेटवर्क दे रहा दगा... कैसे हो मरीजों का भला

Mon, 31 Jul 2023 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Mon, 31 Jul 2023 12:00 AM IST
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Telemedicine Service: Betrayal is being given by the network in the villages... How should the patients be benefited
पीलीभीत। शासन की ओर से ग्रामीण इलाकों में रोगियों की जांच और परामर्श के लिए टेलीमेडिसन सेवा शुरू की गई है। इसके तहत जिले में 173 सीएचओ की तैनाती की गई है। पूरी तरह संचार प्रणाली पर आधारित यह सेवा खराब नेटवर्क के चलते सफल नहीं हो पा रही है। माधोटांडा और हजारा क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे गांवों में तो यह सेवा दम तोड़ती नजर आ रही है।
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शासन ने कोरोना काल के बाद दूर दराज के लोगों को बेहतर चिकित्सा के लिए टेलीमेडिसन सेवा शुरू की थी। इसके लिए गांवों में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनवाया गए थे। सेवा के लिए हर सेंटर पर एक सीएचओ को तैनात कर वहां प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं उपलब्ध कराई गईं। सेंटर पर आने वाले मरीजों को उनकी बीमारी से संबंधित चिकित्सक को ऑनलाइन लेकर परामर्श दिलवाया जाता है। मौके पर प्राथमिक उपचार न होने पर उनको निकटवर्ती पीएचसी या सीएचसी पर रेफर कर दिया जाता है।
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वैसे तो यह सुविधा ग्रामीणों के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन पूरनपुर ब्लॉक के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में शासन की इस महत्याकांक्षी योजना में नेटवर्क का पेच फंसा हुआ है। गांवों में नेटवर्क न आने के कारण सेंटरों पर आने वाले मरीजों को दवा तो मिल जाती है, लेकिन टेलीमेडिसन से जुडे़ चिकित्सकों से परामर्श नहीं दिलाया जाता हैै। ऐसे में अधिकारी सीएचओ का सिम नेटवर्क के अनुसार बदलवाते हैं या फिर स्थान वेलनेस सेंटर का ही स्थान बदल देते हैं। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो पा रही है। (संवाद)
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ऐसे होता है टेलीमेडिसन योजना के तहत काम
टेलीमेडिसन योजना के तहत हेल्थ वेलनेस सेंटर पर सीएचओ की नियुक्ति की गई है। उन्हें लैपटॉप या फिर टैबलेट दिए गए हैं। इनमें ई-संजीवनी एप डाउनलोड है। इस ऐप से जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी के अलावा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टर जुडे हैं। सेंटर पर जब कोई मरीज आता है तो ई-संजीवन एप पर जो भी डॉक्टर ऑनलाइन होता है, उससे मरीज को परामर्श दिलाया जाता है। डॉक्टर जो दवाएं बताते हैं, उन्हें सेंटर से दे दिया जाता है।
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जिले में 278 में से 173 पर ही हैं सीएचओ
जिले में 278 वेलनेस सेंटर खोले गए हैं, लेकिन अब तक 173 पर ही सीएचओ की तैनाती हो सकी है। ये सभी सेंटर काम कर रहे हैं। हालांकि इंटरनेट नेटवर्क की दिक्कत के चलते इनमें से कई सेंटरों का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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शासन के निशाने पर हैं 22 सीएचओ
हाल ही में शासन ने सभी जिलों में टेलीमेडिसन सेवा की पड़ताल कराई थी। इसमें जिले के 22 सीएचओ का काम स्तरीय नहीं पाया गया था। इसके पीछे मुख्य वजह नेटवर्क को ही माना जा रहा है। नेटवर्क न होने से जहां मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, वहीं सीएचओ भी ऑनलाइन अपनी हाजिरी नहीं लगा पा रहे हैं।

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वर्जन-
हजारा क्षेत्र के करीब 12 गांवों में इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। माधोटांडा क्षेत्र के भी कई गांव ऐसे हैं, जहां नेटवर्क की समस्या है। सीएचओ का सिम नेटवर्क के अनुसार बदलवाकर काम करवाया जा रहा है या फिर स्थान को बदला जा रहा है। फिलहाल इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। - डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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