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Pilibhit News: 15 लाख रुपये या दो हेक्टेयर जमीन लो और गांव छोड़ो
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पूरनपुर। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में जंगल के बीच में बसे चलतुआ गांव के लोग यहां दशकों से रहना नहीं चाहते। उनका कहना है कि गांव में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। हालांकि प्रशासन ने उनकी समस्या जानने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है, जो ग्रामीणों से बातकर वास्तव में गांव छोड़ने वालों को 15 लाख रुपये या दो हेक्टेयर जमीन कहीं और देने का प्रस्ताव दे रही है। हालांकि इस पर अब तक किसी ग्रामीण ने अपनी सहमति नहीं जताई है।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र का चलतुआ गांव जंंगल के बीच में किशनपुर सेंक्चुरी क्षेत्र में बसा है। गांव में पहुंचने के लिए चार किलोमीटर जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में आवागमन के लिए साधन एक मात्र पगडंडी ही है। गांव में प्राइमरी स्कूल है। इसके अलावा मूलभूत सुविधाओं में बिजली, सड़कें, मोबाइल नेटवर्क आदि कुछ भी नहीं है। चारों ओर जंगल से घिरे गांव में अक्सर जंगली जानवरों के आने का भय बना रहता है।
दो साल पहले खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को हाथी ने पटककर मार डाला था। करीब पांच साल पहले मानव-वन्य जीव संघर्ष में लोगों ने बाघ को लाठियों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। हाल ही में कुछ दिन पहले गांव पहुंचे डीएम संजय सिंह ने लोगों को समस्याएं बताईं थीं। डीएम ने ग्रामीणों की समस्या से शासन को अवगत कराया।
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अब डीएम ने ग्रामीणों की मंशा जानने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में एसडीएम पूरनपुर, एसडीओ वन, रेंजर चलतुआ को शामिल किया गया है। टीम गांव मेंं बैठक कर लोगों की राय जान रही है। टीम के सदस्यों का कहना है कि गांव छोड़ने वालों को 15 लाख रुपये या दो हेक्टेयर जमीन कहीं और दी जाएगी। चलतुआ के रेंजर मोहम्मद अय्यूब ने बताया कि अब तक किसी ग्रामीण ने इस पर अपनी सहमति नहीं जताई है।
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सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र का चलतुआ गांव जंंगल के बीच में किशनपुर सेंक्चुरी क्षेत्र में बसा है। गांव में पहुंचने के लिए चार किलोमीटर जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में आवागमन के लिए साधन एक मात्र पगडंडी ही है। गांव में प्राइमरी स्कूल है। इसके अलावा मूलभूत सुविधाओं में बिजली, सड़कें, मोबाइल नेटवर्क आदि कुछ भी नहीं है। चारों ओर जंगल से घिरे गांव में अक्सर जंगली जानवरों के आने का भय बना रहता है।
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दो साल पहले खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को हाथी ने पटककर मार डाला था। करीब पांच साल पहले मानव-वन्य जीव संघर्ष में लोगों ने बाघ को लाठियों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। हाल ही में कुछ दिन पहले गांव पहुंचे डीएम संजय सिंह ने लोगों को समस्याएं बताईं थीं। डीएम ने ग्रामीणों की समस्या से शासन को अवगत कराया।
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अब डीएम ने ग्रामीणों की मंशा जानने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में एसडीएम पूरनपुर, एसडीओ वन, रेंजर चलतुआ को शामिल किया गया है। टीम गांव मेंं बैठक कर लोगों की राय जान रही है। टीम के सदस्यों का कहना है कि गांव छोड़ने वालों को 15 लाख रुपये या दो हेक्टेयर जमीन कहीं और दी जाएगी। चलतुआ के रेंजर मोहम्मद अय्यूब ने बताया कि अब तक किसी ग्रामीण ने इस पर अपनी सहमति नहीं जताई है।