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आज का शब्द: कलानिधि और महेन्द्र भटनागर की कविता- मोहक सपनों की छाया है !

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- कलानिधि, जिसका अर्थ है- चन्द्रमा, कलाकार। प्रस्तुत है महेन्द्र भटनागर की कविता-  मोहक सपनों की छाया है !
                                                                 
                            

रे मूक कलानिधि के मुख पर
मोहक सपनों की छाया है !

दिन में सोता है
निशि भर जगता है,
जिससे अलसाया खोया-खोया-सा
हरदम लगता है,

पहचान नहीं पाओगे तुम
कुछ अद्भुत स्वर्गिक माया है !

पहले बढ़ता, पर
फिर घट जाता है,
जिससे पल भर भी यह नहीं किसी के
वश में आता है,

समझें क्या ? यह अस्सी घाटों
का पानी पीकर आया है !

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5 घंटे पहले

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